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जिला कारागार में बंदी की मौत
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जिला कारागार में बंदी की मौत
बिजनौर। जिला कारागार में बंद एक बंदी की मौत हो गई। बंदी के परिजनों ने उससे मारपीट करने का आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार की है। परिजनों ने हंगामा भी किया।
हल्दौर थाने के गांव शादीपुर उर्फ प्रेमनगर निवासी 33 वर्षीय कामेंद्र चोरी के मामले में जेल में बंद था। बुधवार देर शाम कामेंद्र की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां उसकी मौत हो गई। बंदी के भाई जोगेंद्र ने आरोप लगाया कि उसके भाई की पिटाई की गई है। उसकी कमर पर मारपीट के निशान हैं। उसने कहा कि जेल से उसे शाम सात बजकर 50 मिनट पर फोन आया था और बताया गया था कि उसके भाई की तबीयत खराब है। जबकि अस्पताल में शाम साढ़े छह बजे उसके भाई की मौत होने की बात दर्ज की गई है।
आरोप लगाया कि उसके भाई को मरने के बाद ही जिला अस्पताल लाया गया था। कामेंद्र की पत्नी ने बताया कि उसके पति को चोरी के मामले में तीन महीने से जेल में बंद कर रखा था। दो दिन पहले उसने पति से फोन पर बात की थी तो उसने खुद को ठीक बताया था। एकदम से उसके पति की मौत कैसे हो सकती है। परिजनों अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कि परिजनों के आरोप गलत हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारण सामने आ जाएंगे।
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बिजनौर। जिला कारागार में बंद एक बंदी की मौत हो गई। बंदी के परिजनों ने उससे मारपीट करने का आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार की है। परिजनों ने हंगामा भी किया।
हल्दौर थाने के गांव शादीपुर उर्फ प्रेमनगर निवासी 33 वर्षीय कामेंद्र चोरी के मामले में जेल में बंद था। बुधवार देर शाम कामेंद्र की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां उसकी मौत हो गई। बंदी के भाई जोगेंद्र ने आरोप लगाया कि उसके भाई की पिटाई की गई है। उसकी कमर पर मारपीट के निशान हैं। उसने कहा कि जेल से उसे शाम सात बजकर 50 मिनट पर फोन आया था और बताया गया था कि उसके भाई की तबीयत खराब है। जबकि अस्पताल में शाम साढ़े छह बजे उसके भाई की मौत होने की बात दर्ज की गई है।
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आरोप लगाया कि उसके भाई को मरने के बाद ही जिला अस्पताल लाया गया था। कामेंद्र की पत्नी ने बताया कि उसके पति को चोरी के मामले में तीन महीने से जेल में बंद कर रखा था। दो दिन पहले उसने पति से फोन पर बात की थी तो उसने खुद को ठीक बताया था। एकदम से उसके पति की मौत कैसे हो सकती है। परिजनों अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कि परिजनों के आरोप गलत हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारण सामने आ जाएंगे।
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