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Bijnor News: अमानगढ़ के पास रिसॉर्ट बनाने की तैयारी, ढूंढी जा रही जमीन
Fri, 12 May 2023 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 12 May 2023 12:35 AM IST
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यहां के हम सरताज। अमानगढ़ के जंगल में पर्यटकों को घूमते हुए दिखाई दिया बाघ। बाघ का यह अंदाज पर्
- पर्यटन विभाग, प्रशासन और पगडंडी सफारी के बीच चल रही कवायद
- मौका मुआयना कर चुके हैं पगडंडी सफारी कंपनी के अधिकारी
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अमानगढ़ रेंज में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। नदी, जंगल और वन्य जीवों के बीच पर्यटकों को पड़ाव के लिए एक आसरा मिल सके, इसके लिए रिसॉर्ट बनाने की तैयारी है। जिसके लिए जमीन तलाश की जा रही है। पगडंडी सफारी कंपनी के अधिकारी भी मौका मुआयना चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे बिजनौर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन के लिए बिजनौर के पास काफी कुछ है भी, उनमें से एक है अमानगढ़ रेंज। जिम कार्बेट पार्क से सटी इस अमानगढ़ रेंज में पर्यटन के लिहाज से घना जंगल, नदियां और वन्य जीवों की भरमार है। वन्य जीवों का दीदार करने के कराने के लिए जंगल सफारी की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। रेंज में घूमने के लिए टैक्सी मिलती हैं, लेकिन पर्यटकों के ठहरने के लिए कोई खास इंतजाम अभी तक नहीं हो पाए। हालांकि कुछ समय पहले जिला पंचायत को भी एक डाकबंगला बनाने के लिए कहा गया था। अब एक और कदम आगे बढ़ाते हुए रिसॉर्ट बनाने की कवायद चल रही है। पर्यटन विभाग, प्रशासन और विकास विभाग इसके लिए तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं।
हाल ही में पगडंडी सफारी डाॅट कॉम कंपनी से भी बातचीत की गई थी। सीडीओ पूर्ण बोहरा ने बताया कि पगडंडी सफारी के देशभर में तमाम जगहों पर रिसॉर्ट हैं। जिसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को बेहतर लुक मुहैया कराने का अनुभव भी है। इस कंपनी के अधिकारी अमानगढ़ रेंज का दौरा भी कर चुके हैं। फिलहाल रिसॉर्ट बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि पगडंडी सफारी डॉट कॉम से बात चल रही है। उनकी टीम अमानगढ़ का दौरा भी कर चुकी है। (संवाद)
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अमानगढ़ में पर्यटकों के घूमने के लिए 30 किमी का ट्रैक
बिजनौर। अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों के घूमने के लिए 30 किलोमीटर का ट्रैक निर्धारित किया है। कुछ नए रास्तों पर भी वन विभाग विचार कर रहा है। यदि फीस की बात करें तो फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति है और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होता है। इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है। प्रतिदिन 50 से ज्यादा पर्यटन अमानगढ़ में घूम रहे हैं।
27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं आकर्षण का केंद्र
अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 27
हाथी 90
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
अमानगढ़ के पास के लोगों को मिलेगा रोजगार : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि अमानगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के साथ मिलकर अमानगढ़ के पास पर्यटकों के ठहरने के लिए रिसाॅर्ट बनवाया जाएगा। इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है।
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- मौका मुआयना कर चुके हैं पगडंडी सफारी कंपनी के अधिकारी
फोटो समाचार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। अमानगढ़ रेंज में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। नदी, जंगल और वन्य जीवों के बीच पर्यटकों को पड़ाव के लिए एक आसरा मिल सके, इसके लिए रिसॉर्ट बनाने की तैयारी है। जिसके लिए जमीन तलाश की जा रही है। पगडंडी सफारी कंपनी के अधिकारी भी मौका मुआयना चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे बिजनौर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन के लिए बिजनौर के पास काफी कुछ है भी, उनमें से एक है अमानगढ़ रेंज। जिम कार्बेट पार्क से सटी इस अमानगढ़ रेंज में पर्यटन के लिहाज से घना जंगल, नदियां और वन्य जीवों की भरमार है। वन्य जीवों का दीदार करने के कराने के लिए जंगल सफारी की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। रेंज में घूमने के लिए टैक्सी मिलती हैं, लेकिन पर्यटकों के ठहरने के लिए कोई खास इंतजाम अभी तक नहीं हो पाए। हालांकि कुछ समय पहले जिला पंचायत को भी एक डाकबंगला बनाने के लिए कहा गया था। अब एक और कदम आगे बढ़ाते हुए रिसॉर्ट बनाने की कवायद चल रही है। पर्यटन विभाग, प्रशासन और विकास विभाग इसके लिए तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं।
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हाल ही में पगडंडी सफारी डाॅट कॉम कंपनी से भी बातचीत की गई थी। सीडीओ पूर्ण बोहरा ने बताया कि पगडंडी सफारी के देशभर में तमाम जगहों पर रिसॉर्ट हैं। जिसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को बेहतर लुक मुहैया कराने का अनुभव भी है। इस कंपनी के अधिकारी अमानगढ़ रेंज का दौरा भी कर चुके हैं। फिलहाल रिसॉर्ट बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। पर्यटन अधिकारी दीप्ति वत्स ने बताया कि पगडंडी सफारी डॉट कॉम से बात चल रही है। उनकी टीम अमानगढ़ का दौरा भी कर चुकी है। (संवाद)
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अमानगढ़ में पर्यटकों के घूमने के लिए 30 किमी का ट्रैक
बिजनौर। अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों के घूमने के लिए 30 किलोमीटर का ट्रैक निर्धारित किया है। कुछ नए रास्तों पर भी वन विभाग विचार कर रहा है। यदि फीस की बात करें तो फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति है और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होता है। इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है। प्रतिदिन 50 से ज्यादा पर्यटन अमानगढ़ में घूम रहे हैं।
27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं आकर्षण का केंद्र
अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति
वन्य जीव संख्या
बाघ 27
हाथी 90
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
अमानगढ़ के पास के लोगों को मिलेगा रोजगार : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि अमानगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग के साथ मिलकर अमानगढ़ के पास पर्यटकों के ठहरने के लिए रिसाॅर्ट बनवाया जाएगा। इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है।