नजीबाबाद। पंडित श्रीराम शर्मा द्वारा रचित पावन प्रज्ञा पुराण कथा 18 पुराणों का सार है। प्रज्ञा पुराण विवेक, दूरदर्शिता और परमार्थ की कथा है। गायत्री शक्तिपीठ जोनल कार्यालय शांतिकुंज में यह बात कथावाचक डॉ.दीपक कुमार ने कही।
शांतिकुंज के जोनल कार्यालय गायत्री शक्तिपीठ पर रविवार को पावन प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया गया। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक एवं कथावाचक डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि पावन प्रज्ञा पुराण में लोकरंजन के साथ लोकमंगल की सर्व सुलभ साधन कथाएं हैं। जो व्यक्ति और समाज की व्यथा को हर लेतीं हैं। डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि प्रज्ञा पुराण व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण और संस्कार व भारत निर्माण खंडों में रची गई है। इस अवसर पर हरीश शर्मा, राज भटनागर, पुष्पा शर्मा, सारिका अग्रवाल, सरोज यादव, प्रज्ञा राजपूत सहित अनेक गायत्री परिवार के श्रद्धालुओं की उपस्थित रही।