{"_id":"6a4814eccefd8c310d09f714","slug":"power-failure-heat-wave-patients-and-doctors-are-left-breathless-as-fans-and-air-conditioners-fail-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-184034-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली गुल, गर्मी फुल: पंखे, एसी नहीं चलने से मरीज के साथ चिकित्सकों की भी सांस फूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली गुल, गर्मी फुल: पंखे, एसी नहीं चलने से मरीज के साथ चिकित्सकों की भी सांस फूली
विज्ञापन
बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में लाइट नहीं आने के कारण गर्मी में लाइन में लगे मरीज। संवाद
बिजनौर। मेडिकल कॉलेज के 200 बेड अस्पताल भवन में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पूरे दिन कर्मचारी बिजली का फॉल्ट तलाशते रहे, लेकिन आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसका असर भवन में संचालित ओपीडी पर पड़ा। उमस और भीषण गर्मी के बीच इलाज को अस्पताल पहुंचे मरीज बेचैन हो उठे। ओपीडी में मौजूद चिकित्सकों की भी पंखे, एसी नहीं चलने से सांसें फूलने लगीं। ओपीडी अपराह्न दो बजे तक होती है। तब तक बिजली सही नहीं हो सकी थी।
शुक्रवार की पूर्वाह्न 11 बजे पर्चे बनाने की लाइन से लेकर ओपीडी के बाहर तक मरीजों की लंबी लाइनें लगी थीं। इस समय बिजली नहीं होने से पंखा तक नहीं चल रहा था। ऐसे में मरीजों की भीड़ के बीच उमस से लोग परेशान नजर आए।
ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे मरीज बेहाल हो गए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के गर्मी में पसीने छूट रहे थे। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से ओपीडी में उमस बढ़ती गई। मरीजों को ओपीडी के बाहर एक तो इंतजार और दूसरा गर्मी ने खूब सताया। अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे कई मरीजों ने बताया कि बीमारी की तकलीफ के साथ गर्मी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कुछ लोग गर्मी में फर्श पर बैठे नजर आए। वहीं महिलाएं अपने आंचल से बच्चों को गर्मी में हवा करती हुईं दिखाई दीं। इतना ही नहीं, तीमारदार मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए इधर-उधर छायादार स्थान तलाशते रहे।
विज्ञापन
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी
200 बेड के भवन में बिजली के अलावा और कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। जनरेटर या इन्वर्टर की सुविधा नहीं होने से डॉक्टर और मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी अधिक होने से ओपीडी समय दोपहर दो बजे तक माथे से पसीना टपकता रहा।
चिकित्सकों ने कक्ष से बाहर कुर्सी डालकर देखे मरीज
सुबह से ही बिजली नहीं आने से हाल बेहाल रहा। गर्मी अधिक होने से चिकित्सक अपने ओपीडी कक्ष में नहीं बैठ पाए, जिसके चलते चिकित्सक अपने कक्ष के बाहर परिसर में मेज, कुर्सी डालकर बैठे और मरीजों को परामर्श दिया।
भवन में आए दिन रहती है कुछ न कुछ परेशानी
मेडिकल कॉलेज के 200 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्यदायी संस्था वैस्कोन ने किया। भवन में आ रही समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी अभी कंपनी की है। बिजली की समस्या से पहले यहां पानी नहीं आने और एसी द्वारा गर्म हवा देने की समस्या भी हुई। अभी इस भवन को कंपनी ने मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर नहीं किया है।
दो घंटे गायब रही अस्पताल के पुराने भवन की बिजली
अस्पताल के पुराने और नए भवन की बिजली कनेक्शन अलग-अलग हैं। ऐसे में नए भवन की बिजली जहां सुबह छह बजे से ही गायब थी। वहीं, पुराने भवन की बिजली साढ़े 11 बजे फॉल्ट होने से गायब हो गई। काफी मशक्कत के बाद यहां दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।
अस्पताल के 200 बेड के भवन में आ रही कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी कंपनी की है। कंपनी के कर्मचारियों को फॉल्ट तलाश कर जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। .... डॉ. तुहीन वशिष्ठ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
बोले मरीज...
मेडिकल अस्पताल आए सुरेश कुमार ने बताया कि पहली बार अस्पताल में आंखों के इलाज के लिए आए थे। यहां गर्मी और मरीजों की भीड़ के कारण बेहद परेशान हैं।
सौरभ कुमार अपने बच्चे को साथ में लिए बैठे थे। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण यहां रुकना मुश्किल हो गया है। इलाज कराने आए थे लेकिन और ज्यादा बीमार होने का डर है।
अमलेश देवी ने बताया कि उन्हें तीन घंटे हो गए हैं। एक तो बिजली नहीं आ रही, दूसरे भीड़ इतनी है कि बुरा हाल हो गया है।
बलवंत सिंह का कहना था कि अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहद लचर हैं। भीषण गर्मी में पंखें तक नहीं चल रहे। मरीजों के साथ चिकित्सकों का भी बुरा हाल है।
विज्ञापन
शुक्रवार की पूर्वाह्न 11 बजे पर्चे बनाने की लाइन से लेकर ओपीडी के बाहर तक मरीजों की लंबी लाइनें लगी थीं। इस समय बिजली नहीं होने से पंखा तक नहीं चल रहा था। ऐसे में मरीजों की भीड़ के बीच उमस से लोग परेशान नजर आए।
विज्ञापन
ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे मरीज बेहाल हो गए। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के गर्मी में पसीने छूट रहे थे। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से ओपीडी में उमस बढ़ती गई। मरीजों को ओपीडी के बाहर एक तो इंतजार और दूसरा गर्मी ने खूब सताया। अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे कई मरीजों ने बताया कि बीमारी की तकलीफ के साथ गर्मी ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत हुई। कुछ लोग गर्मी में फर्श पर बैठे नजर आए। वहीं महिलाएं अपने आंचल से बच्चों को गर्मी में हवा करती हुईं दिखाई दीं। इतना ही नहीं, तीमारदार मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए इधर-उधर छायादार स्थान तलाशते रहे।
विज्ञापन
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी
200 बेड के भवन में बिजली के अलावा और कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। जनरेटर या इन्वर्टर की सुविधा नहीं होने से डॉक्टर और मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। गर्मी अधिक होने से ओपीडी समय दोपहर दो बजे तक माथे से पसीना टपकता रहा।
चिकित्सकों ने कक्ष से बाहर कुर्सी डालकर देखे मरीज
सुबह से ही बिजली नहीं आने से हाल बेहाल रहा। गर्मी अधिक होने से चिकित्सक अपने ओपीडी कक्ष में नहीं बैठ पाए, जिसके चलते चिकित्सक अपने कक्ष के बाहर परिसर में मेज, कुर्सी डालकर बैठे और मरीजों को परामर्श दिया।
भवन में आए दिन रहती है कुछ न कुछ परेशानी
मेडिकल कॉलेज के 200 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्यदायी संस्था वैस्कोन ने किया। भवन में आ रही समस्याओं को दूर करने की जिम्मेदारी अभी कंपनी की है। बिजली की समस्या से पहले यहां पानी नहीं आने और एसी द्वारा गर्म हवा देने की समस्या भी हुई। अभी इस भवन को कंपनी ने मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर नहीं किया है।
दो घंटे गायब रही अस्पताल के पुराने भवन की बिजली
अस्पताल के पुराने और नए भवन की बिजली कनेक्शन अलग-अलग हैं। ऐसे में नए भवन की बिजली जहां सुबह छह बजे से ही गायब थी। वहीं, पुराने भवन की बिजली साढ़े 11 बजे फॉल्ट होने से गायब हो गई। काफी मशक्कत के बाद यहां दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सके।
अस्पताल के 200 बेड के भवन में आ रही कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी कंपनी की है। कंपनी के कर्मचारियों को फॉल्ट तलाश कर जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। .... डॉ. तुहीन वशिष्ठ, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
बोले मरीज...
मेडिकल अस्पताल आए सुरेश कुमार ने बताया कि पहली बार अस्पताल में आंखों के इलाज के लिए आए थे। यहां गर्मी और मरीजों की भीड़ के कारण बेहद परेशान हैं।
सौरभ कुमार अपने बच्चे को साथ में लिए बैठे थे। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण यहां रुकना मुश्किल हो गया है। इलाज कराने आए थे लेकिन और ज्यादा बीमार होने का डर है।
अमलेश देवी ने बताया कि उन्हें तीन घंटे हो गए हैं। एक तो बिजली नहीं आ रही, दूसरे भीड़ इतनी है कि बुरा हाल हो गया है।
बलवंत सिंह का कहना था कि अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहद लचर हैं। भीषण गर्मी में पंखें तक नहीं चल रहे। मरीजों के साथ चिकित्सकों का भी बुरा हाल है।

बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में लाइट नहीं आने के कारण गर्मी में लाइन में लगे मरीज। संवाद

बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में लाइट नहीं आने के कारण गर्मी में लाइन में लगे मरीज। संवाद

बिजनौर के मेडिकल अस्पताल में लाइट नहीं आने के कारण गर्मी में लाइन में लगे मरीज। संवाद