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प्रधान डाकघर पर डाकर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन
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बिजनौर के प्रधान डाकघर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डाक अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते डाक कर्मचार?
- फोटो : BIJNOR
डाक कर्मियों ने किया प्रधान डाकघर पर धरना-प्रदर्शन
बिजनौर। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर भारतीय डाक कर्मचारी एसोसिएशन (तृतीय) एवं भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ की ने निजीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान डाकघर पर धरना प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न होने पर 15 अगस्त से भीख मांगों आंदोलन शुरू किया जाएगा। चेतावनी दी कि फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो 14 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सोमवार को भारतीय डाक कर्मचारी एसोसिएशन (तृतीय) के प्रांतीय उपाध्यक्ष/मंडलीय सचिव शकील अहमद खान एवं मंडलीय अध्यक्ष विनय भटनागर के नेतृत्व में डाक कर्मचारी प्रधान डाकघर कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और धरना देकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा को दिया। डाक कर्मियों ने कहा कि केंद्र सरकार डाक कर्मचारियों के हितों को नजरंदाज कर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण करना चाहती है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह प्रत्येक मजदूर के लिए खाद्य एवं सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करे। ज्ञापन में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के रोके गए महंगाई भत्तों का जल्दी ही भुगतान करने, जीडीएस संवर्ग को डीए, बोनस, इंक्रीमेंट आदि परिधि से बाहर रखने, कोविड-19 से बचाव के लिए जीडीएस कर्मचारियों की मृत्यु पर आश्रित को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर, ग्लब्स, मास्क, साबुन आदि उपलब्ध कराने मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में रामप्रसाद सिंह, देवेंद्र दत्त शर्मा, विनय भटनागर, शकील अहमद खान आदि शामिल रहे।
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बिजनौर। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर भारतीय डाक कर्मचारी एसोसिएशन (तृतीय) एवं भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ की ने निजीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान डाकघर पर धरना प्रदर्शन किया। मांगें पूरी न होने पर 15 अगस्त से भीख मांगों आंदोलन शुरू किया जाएगा। चेतावनी दी कि फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो 14 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सोमवार को भारतीय डाक कर्मचारी एसोसिएशन (तृतीय) के प्रांतीय उपाध्यक्ष/मंडलीय सचिव शकील अहमद खान एवं मंडलीय अध्यक्ष विनय भटनागर के नेतृत्व में डाक कर्मचारी प्रधान डाकघर कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए और धरना देकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन डाक अधीक्षक राधेश्याम शर्मा को दिया। डाक कर्मियों ने कहा कि केंद्र सरकार डाक कर्मचारियों के हितों को नजरंदाज कर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण करना चाहती है, जो कर्मचारियों के हित में नहीं है। सरकार को चाहिए कि वह प्रत्येक मजदूर के लिए खाद्य एवं सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करे। ज्ञापन में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के रोके गए महंगाई भत्तों का जल्दी ही भुगतान करने, जीडीएस संवर्ग को डीए, बोनस, इंक्रीमेंट आदि परिधि से बाहर रखने, कोविड-19 से बचाव के लिए जीडीएस कर्मचारियों की मृत्यु पर आश्रित को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर, ग्लब्स, मास्क, साबुन आदि उपलब्ध कराने मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में रामप्रसाद सिंह, देवेंद्र दत्त शर्मा, विनय भटनागर, शकील अहमद खान आदि शामिल रहे।
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