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जेल में पूजा आसनी और डोर मैट्रेस बनाएंगे बंदी
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जेल में पूजा आसनी और डोर मैट्रेस बनाएंगे बंदी
बिजनौर। अपराध करने के बाद जेल में बंद हुए बंदी अब रोजगार की राह पर चलने वाले हैं। ये बंदी जेल में ही पूजा आसनी और डोर मैट्रेस बनाएंगे। इसके लिए फिलहाल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हो गई। कार्यक्रम में महिला बंदियों के बच्चों को खिलौने वितरित किए गए।
शुक्रवार को कैथोलिक डायोसिस ऑफ बिजनौर, प्रेमधाम आश्रम, चाइल्ड लाइन 1098 और संवाद संस्था की ओर से संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन जेल में किया गया। जिसमें बंदियों को डोर मैट्रेस और पूजा आसनी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जनपद न्यायाधीश डॉ. मनु कालिया और विशिष्ट अतिथि सीजेएम विमल त्रिपाठी ने किया। महिला बंदियों के लिए भी कार्यक्रम हुआ। साथ ही महिला बंदियों के बच्चों को खिलौने बांटे गए। कार्यक्रम में फादर शिबू, फादर शाजू, फादर एंटोनी, सिस्टर संध्या, सिस्टर प्रसन्ना, हिमांशुु पाठक, अमार रजा मौजूद रहे। प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बंदियों को प्रशिक्षण देने का प्रयास सराहनीय है। जिससे बंदी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
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बिजनौर। अपराध करने के बाद जेल में बंद हुए बंदी अब रोजगार की राह पर चलने वाले हैं। ये बंदी जेल में ही पूजा आसनी और डोर मैट्रेस बनाएंगे। इसके लिए फिलहाल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसकी शुरुआत शुक्रवार से हो गई। कार्यक्रम में महिला बंदियों के बच्चों को खिलौने वितरित किए गए।
शुक्रवार को कैथोलिक डायोसिस ऑफ बिजनौर, प्रेमधाम आश्रम, चाइल्ड लाइन 1098 और संवाद संस्था की ओर से संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन जेल में किया गया। जिसमें बंदियों को डोर मैट्रेस और पूजा आसनी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रभारी जनपद न्यायाधीश डॉ. मनु कालिया और विशिष्ट अतिथि सीजेएम विमल त्रिपाठी ने किया। महिला बंदियों के लिए भी कार्यक्रम हुआ। साथ ही महिला बंदियों के बच्चों को खिलौने बांटे गए। कार्यक्रम में फादर शिबू, फादर शाजू, फादर एंटोनी, सिस्टर संध्या, सिस्टर प्रसन्ना, हिमांशुु पाठक, अमार रजा मौजूद रहे। प्रभारी जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बंदियों को प्रशिक्षण देने का प्रयास सराहनीय है। जिससे बंदी स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
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