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Bijnor News: प्रदूषण रहित यूनिट को औद्योगिक गलियारे में मिलेगी प्राथमिकता
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बिजनौर। औद्योगिक गलियारे के लिए प्रशासन चिह्नित जमीन का सर्वे कर रहा है। ऐसे में औद्योगिक गलियारे में उद्योग स्थापित करने को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। यहां प्रदूषण रहित उद्योग यूनिट को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
बिजनौर तहसील के गांव यूसुफाबाद, पपवार खुर्द, खाना पट्टी, गजरौला अचपल, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, उलकपुर, मुंढाला में औद्योगिक गलियारे के लिए पर्याप्त 1000 हेक्टेयर जमीन है। वर्तमान में जमीन का गाटा संख्या का सर्वे कर सूची तैयार की जा रही है। वहीं, अब उद्यमियों के बीच में औद्योगिक गलियारे में उद्योग स्थापित करने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सीमित पूंजी और कम जगह में लघु उद्योग, कुटीर उद्योग या ग्रामीण उद्योग में निवेश करने पर विचार किया जा रहा है।
उद्यमी आपस में पैकेजिंग एवं लेबलिंग यूनिट, कृषि उत्पाद यूनिट, हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पाद, पेपर कप, पेपर बैग एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, कंप्यूटर/मोबाइल रिपेयर एवं रिफर्बिशिंग कार्य, एलईडी बल्ब एवं इलेक्ट्रिकल असेंबली, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य एमएसएमई उद्योगों पर विचार कर रहे हैं। आईआईए सचिव दीपक अग्रवाल ने भी उद्यमियों को एमएसएमई यूनिट शुरू करने के सुझाव दिए। आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल का कहना है कि औद्योगिक गलियारे में एमएसएमई यूनिट स्थापित करने की संभावना है। इससे बिजनौर का विकास होगा।
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यूपीसीडा भी तलाश रहा 12 हजार बीघा जमीन
यूपीडा ने 1000 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित कर ली है। इसी बीच अब यूपीसीडा भी बिजनौर में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए करीब 12 हजार बीघा जमीन तलाश रहा है। प्रशासन जमीन खोजने में जुटा हुआ है। ऐसे में दो औद्योगिक गलियारे विकसित होने से नए-नए उद्योग स्थापित हो सकेंगे। इससे विकास को रफ्तार मिलेगी।
औद्योगिक गलियारे होने से ये होगा फायदा
-बिजनौर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
-क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
-व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा
-सड़क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और गोदाम जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा
-उद्योगों के आने से सरकार को कर के रूप में अधिक राजस्व मिलेगा
-रोजगार और सुविधाएं बढ़ने से जीवन स्तर होगा बेहतर
औद्योगिक गलियारा यूपीडा द्वारा विकसित किया जा रहा है। प्रदूषण रहित यूनिटों को यहां प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इससे एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
....अमित कुमार, उपायुक्त उद्योग, बिजनौर
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बिजनौर तहसील के गांव यूसुफाबाद, पपवार खुर्द, खाना पट्टी, गजरौला अचपल, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, उलकपुर, मुंढाला में औद्योगिक गलियारे के लिए पर्याप्त 1000 हेक्टेयर जमीन है। वर्तमान में जमीन का गाटा संख्या का सर्वे कर सूची तैयार की जा रही है। वहीं, अब उद्यमियों के बीच में औद्योगिक गलियारे में उद्योग स्थापित करने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सीमित पूंजी और कम जगह में लघु उद्योग, कुटीर उद्योग या ग्रामीण उद्योग में निवेश करने पर विचार किया जा रहा है।
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उद्यमी आपस में पैकेजिंग एवं लेबलिंग यूनिट, कृषि उत्पाद यूनिट, हर्बल एवं आयुर्वेदिक उत्पाद, पेपर कप, पेपर बैग एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, कंप्यूटर/मोबाइल रिपेयर एवं रिफर्बिशिंग कार्य, एलईडी बल्ब एवं इलेक्ट्रिकल असेंबली, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण सहित अन्य एमएसएमई उद्योगों पर विचार कर रहे हैं। आईआईए सचिव दीपक अग्रवाल ने भी उद्यमियों को एमएसएमई यूनिट शुरू करने के सुझाव दिए। आईआईए के डिविजनल चेयरमैन विकास अग्रवाल का कहना है कि औद्योगिक गलियारे में एमएसएमई यूनिट स्थापित करने की संभावना है। इससे बिजनौर का विकास होगा।
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यूपीसीडा भी तलाश रहा 12 हजार बीघा जमीन
यूपीडा ने 1000 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित कर ली है। इसी बीच अब यूपीसीडा भी बिजनौर में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए करीब 12 हजार बीघा जमीन तलाश रहा है। प्रशासन जमीन खोजने में जुटा हुआ है। ऐसे में दो औद्योगिक गलियारे विकसित होने से नए-नए उद्योग स्थापित हो सकेंगे। इससे विकास को रफ्तार मिलेगी।
औद्योगिक गलियारे होने से ये होगा फायदा
-बिजनौर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
-क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी
-व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा
-सड़क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और गोदाम जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा
-उद्योगों के आने से सरकार को कर के रूप में अधिक राजस्व मिलेगा
-रोजगार और सुविधाएं बढ़ने से जीवन स्तर होगा बेहतर
औद्योगिक गलियारा यूपीडा द्वारा विकसित किया जा रहा है। प्रदूषण रहित यूनिटों को यहां प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इससे एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
....अमित कुमार, उपायुक्त उद्योग, बिजनौर