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जिले की हवा, मिट्टी और पानी में घुल रहा जहर

Thu, 02 Dec 2021 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 12:21 AM IST
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Poison dissolving in the air, soil and water of the district
जिले की हवा, मिट्टी और पानी में घुल रहा जहर
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बिजनौर। खेती और वनों से समृद्ध जिले की हवा, पानी और मिट्टी में जहर घुल रहा है। कहीं पानी में आर्सेनिक तत्व मिल रहे हैं तो कहीं खेतों में फैक्टरियों का रासायनिक पानी डालकर उसे जहरीला बनाया जा रहा है। स्मॉग भी हवा की गुणवत्ता खराब करता है। अगर इन सबके प्रति सजग नहीं रहा गया तो इसके गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं।
कहने को तो बिजनौर जिला खेती से ही जुड़ा है, लेकिन यहां पर फैक्टरी भी हैं। किसानों ने पैदावान बढ़ाने की लालच में खेतों में फैक्टरियों का रसायन वाला पानी डलवाया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आए। कई गांवों में कैंसर के मामले अब भी आ रहे हैं। किसान तो डर गए, लेकिन कई फैक्टरी मालिक अब भी मनमानी करते हुए खेतों में गंदा पानी डलवा रहे हैं। गांव स्वाहेड़ी में तो रातोंरात फैक्टरियों का गंदा पानी खेतों में डाल दिया जाता है। किसान अपने खेतों की रखवाली रात को जागकर करने को मजबूर हैं। मिट्टी में रसायन जाएंगे तो इसके गंभीर परिणाम गांव वालों को नहीं शहर में भी झेलने पड़ते हैं।
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शहरों में कई जगह पानी प्रदूषित हो गया है। जल निगम द्वारा की गई जांच में इसकी पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई जगह गांवों में पानी में आर्सेनिक तत्व मिल रहे हैं। आर्सेनिक तत्वों का धीरे धीरे शरीर में जाना कैंसर का कारण बनता है। जिले की हवा की गुणवत्ता बहुत शानदार है, लेकिन अक्तूबर व नवंबर में यह रंग बदल लेती है। स्मॉग और दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से हवा में धुंध छाई रहती है। हाल ये हो जाता है कि सांस के रोगियों व छोटे बच्चों को घरों में रहने की सलाह दी जाती है। हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) 75 से बढ़कर 150 तक पहुंच जाती है।
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प्रदूषण से बचने को उठाएं ये कदम
- खेतों में रसायन वाली पानी न डालें और न डालने दें।
- फैक्टरियों की चिमनियों को ऊंचा बनाया जाए।
- अधिक से अधिक पौधारोपण हो।
- फैक्टरियों में पानी साफ करने के संयंत्र हर समय चलें।
- ई वाहनों की ओर रूख करें।
- निर्माण स्थलों पर रेत आदि ढककर रखा जाए।
होगी कड़ी कार्रवाई
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आशुतोष चौहान के अनुसार खेतों में फैक्टरियों का गंदा पानी डालने की जांच कराई जाएगी। प्रदूषण से निपटने के लिए जनता को खुद भी जागरूक होने की जरूरत है। हवा साफ रखने के लिए जनता अधिक से अधिक पौधरोपण करें।
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