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Bijnor News: पूर्वी गंग नहर में पानी छोड़ने को नहीं मिली अनुमति, 15 जून के बाद मिलेगा पानी
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नजीबाबाद में पूर्वी गंग नहर की सूखी पड़ी चंदक शाखा नहर।
- हरिद्वार सिंचाई विभाग ने रुड़की कार्यालय को भेजी थी 1550 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग
- गंगा नदी में पानी कम होना बताया जा रहा मुख्य कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/बिजनौर। जिला बिजनौर के किसानों को अब फसलों की सिंचाई के लिए पूर्वी गंग नहर में पानी नहीं मिलेगा। हरिद्वार सिंचाई विभाग को पूर्वी गंग नहर में पानी छोड़ने की मांग को अनुमति नहीं मिली है। मुख्य कारण गंगा नदी में पानी कम होना बताया जा रहा है।
हरिद्वार सिंचाई विभाग की ओर पूर्वी गंग नहर में 23 अप्रैल को 500 क्यूसेक और 25 अप्रैल को 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद पूर्वी गंग नहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। पूर्वी गंग नहर में छोड़ा गया पानी कई शाखाओं और माइनरोें तक नहीं पहुंचा, जिससे जिले के बड़ी संख्या में किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं सके। किसानों की मांग सिंचाई विभाग हरिद्वार ने फिर से पूर्वी गंगा नहर में पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग के रूड़की कार्यालय को मांग भेजी गई थी। जिसे अनुमति नहीं मिली हैं।
जरूरत पड़ने पर किसानों को नहीं मिलता पानी
नांगलसोती। किसान नेता कुलबीर सिंह, दिनेश सिंह, नीरज सहरावत, धर्मेंद्र राणा का कहना है कि पूर्वी गंग नहर में मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए ही पानी छोड़ा गया था। जरूरत पड़ने पर किसानों को पानी नहीं मिल पाता। 700 क्यूसेक पानी छोड़ जाने से मुख्य पूर्वी गंग नहर से जुड़े किसान ही फसलों की सिंचाई कर सके। मगर, शाखाओं, रजवाहों और माइनरों के माध्यम से जुड़े बड़ी संख्या में किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर सके। किसानों का कहना है कि गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी किसानों को नहीं मिल पाता। बरसात में जरूरत नहीं होने पर पूर्वी गंग नहर में पानी छोड़ दिया जाता है।
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सिंचाई कार्य प्रभावित, सूख रही फसलें
नांगलसोती। भागूवाला, नांगलसोती, नजीबाबाद सहित जिला बिजनौर के हजारों किसान सिंचाई के लिए पूर्वी गंग नहर और उससे जुड़ी शाखाओं पर निर्भर है। पूर्वी गंग नहर में पानी नहीं होने से किसानों की फसलें सूखने की कगार पर है। पूर्वी गंग नहर की चंदक नहर शाखा से चमरौला, मायापुरी, जीतपुर, सराय आलम, रायपुर खास लालपुर मान, बरकातपुर जुड़े हुए है। नहर में पानी नहीं होने से क्षेत्र के सैकड़ों किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं सके।
चंदक नहर शाखा से जुड़े रजवाहों और माइनरों में तो पानी पहुंचा ही नहीं। सबलगढ़ और मंडावली रजवाहा सूखे ही रह गए। रफीपुर-मोहरपुर माइनर, श्यामीवाला, मोहनपुर माइनर, दहीरपुर माइनर में पानी नहीं पहुंचने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर सके।
15 जून के बाद छोड़ा जाएगा पूर्वी गंग नहर में पानी
नजीबाबाद। पूर्वी गंग नहर में रोस्टर के अनुसार 15 जून के बाद ही पानी छोड़ा जाना संभव है। 15 मई से 15 जून तक पूर्वी गंग नहर और उससे जुड़ी शाखाओं की सिल्ट सफाई का कार्य किया जाएगा। सफाई कार्य होने के उपरांत ही पूर्वी गंग नहर में रोस्टर के अनुसार पानी छोड़ा जाएगा।
जिले में 1600 किलोमीटर तक फैला है नहरों का जाल
नजीबाबाद। हरिद्वार से निकलने के बाद पूर्वी गंग नहर चार डिविजनों पूर्वी गंग नहर निर्माण खंड-2, नजीबाबाद डिविजन निर्माण खंड-6, बिजनौर डिविजन निर्माण खंड-चार और सिंचाई निर्माण खंड बिजनौर के माध्यम से जिले में फैली हुई है। मुख्य पूर्वी गंग नहर, शाखाओं, रजवाहों और माइनरों के माध्यम से जिले में 1600 किलोमीटर में फैली नहरें सिंचाई से जुड़ी हैं।
सिंचाई विभाग के रुड़की कार्यालय को पूर्वी गंग नहर में 1550 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग भेजी थी, जिसे अनुमति नहीं मिली है। गंगा नदी में पानी कम होने के कारण फिलहाल गंग नहर में पानी छोड़ना संभव नहीं हैं। - - योगेश नीम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग हरिद्वार
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- गंगा नदी में पानी कम होना बताया जा रहा मुख्य कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/बिजनौर। जिला बिजनौर के किसानों को अब फसलों की सिंचाई के लिए पूर्वी गंग नहर में पानी नहीं मिलेगा। हरिद्वार सिंचाई विभाग को पूर्वी गंग नहर में पानी छोड़ने की मांग को अनुमति नहीं मिली है। मुख्य कारण गंगा नदी में पानी कम होना बताया जा रहा है।
हरिद्वार सिंचाई विभाग की ओर पूर्वी गंग नहर में 23 अप्रैल को 500 क्यूसेक और 25 अप्रैल को 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद पूर्वी गंग नहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। पूर्वी गंग नहर में छोड़ा गया पानी कई शाखाओं और माइनरोें तक नहीं पहुंचा, जिससे जिले के बड़ी संख्या में किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं सके। किसानों की मांग सिंचाई विभाग हरिद्वार ने फिर से पूर्वी गंगा नहर में पानी छोड़ने के लिए सिंचाई विभाग के रूड़की कार्यालय को मांग भेजी गई थी। जिसे अनुमति नहीं मिली हैं।
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जरूरत पड़ने पर किसानों को नहीं मिलता पानी
नांगलसोती। किसान नेता कुलबीर सिंह, दिनेश सिंह, नीरज सहरावत, धर्मेंद्र राणा का कहना है कि पूर्वी गंग नहर में मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए ही पानी छोड़ा गया था। जरूरत पड़ने पर किसानों को पानी नहीं मिल पाता। 700 क्यूसेक पानी छोड़ जाने से मुख्य पूर्वी गंग नहर से जुड़े किसान ही फसलों की सिंचाई कर सके। मगर, शाखाओं, रजवाहों और माइनरों के माध्यम से जुड़े बड़ी संख्या में किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर सके। किसानों का कहना है कि गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता होती है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी किसानों को नहीं मिल पाता। बरसात में जरूरत नहीं होने पर पूर्वी गंग नहर में पानी छोड़ दिया जाता है।
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सिंचाई कार्य प्रभावित, सूख रही फसलें
नांगलसोती। भागूवाला, नांगलसोती, नजीबाबाद सहित जिला बिजनौर के हजारों किसान सिंचाई के लिए पूर्वी गंग नहर और उससे जुड़ी शाखाओं पर निर्भर है। पूर्वी गंग नहर में पानी नहीं होने से किसानों की फसलें सूखने की कगार पर है। पूर्वी गंग नहर की चंदक नहर शाखा से चमरौला, मायापुरी, जीतपुर, सराय आलम, रायपुर खास लालपुर मान, बरकातपुर जुड़े हुए है। नहर में पानी नहीं होने से क्षेत्र के सैकड़ों किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं सके।
चंदक नहर शाखा से जुड़े रजवाहों और माइनरों में तो पानी पहुंचा ही नहीं। सबलगढ़ और मंडावली रजवाहा सूखे ही रह गए। रफीपुर-मोहरपुर माइनर, श्यामीवाला, मोहनपुर माइनर, दहीरपुर माइनर में पानी नहीं पहुंचने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर सके।
15 जून के बाद छोड़ा जाएगा पूर्वी गंग नहर में पानी
नजीबाबाद। पूर्वी गंग नहर में रोस्टर के अनुसार 15 जून के बाद ही पानी छोड़ा जाना संभव है। 15 मई से 15 जून तक पूर्वी गंग नहर और उससे जुड़ी शाखाओं की सिल्ट सफाई का कार्य किया जाएगा। सफाई कार्य होने के उपरांत ही पूर्वी गंग नहर में रोस्टर के अनुसार पानी छोड़ा जाएगा।
जिले में 1600 किलोमीटर तक फैला है नहरों का जाल
नजीबाबाद। हरिद्वार से निकलने के बाद पूर्वी गंग नहर चार डिविजनों पूर्वी गंग नहर निर्माण खंड-2, नजीबाबाद डिविजन निर्माण खंड-6, बिजनौर डिविजन निर्माण खंड-चार और सिंचाई निर्माण खंड बिजनौर के माध्यम से जिले में फैली हुई है। मुख्य पूर्वी गंग नहर, शाखाओं, रजवाहों और माइनरों के माध्यम से जिले में 1600 किलोमीटर में फैली नहरें सिंचाई से जुड़ी हैं।
सिंचाई विभाग के रुड़की कार्यालय को पूर्वी गंग नहर में 1550 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग भेजी थी, जिसे अनुमति नहीं मिली है। गंगा नदी में पानी कम होने के कारण फिलहाल गंग नहर में पानी छोड़ना संभव नहीं हैं। - - योगेश नीम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग हरिद्वार