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Bijnor News: स्वीमिंग पूलों में तैराकी कर रहे लोग, डूब रहे नियम
Mon, 28 Apr 2025 12:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:04 AM IST
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बिजनौर। जिले में शहर से देहात तक जिम और स्वीमिंग पूल की संख्या बढ़ती जा रही है। एक तो इन स्वीमिंग पूल और जिम में सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन नहीं है। दूसरे जिले में एक भी जिम खेल कार्यालय से पंजीकृत नहीं है। उधर सिर्फ एक स्वीमिंग पूल ही रजिस्ट्रर्ड तरीके से संचालित हो रहा है।
जिला खेल कार्यालय में हर साल इनके नवीनीकरण का भी नियम है। लेकिन इस नियम का कोई पालन नहीं कर रहा। ऐसे स्वीमिंग पूलों में सुरक्षा के मानक भी पूरे नहीं होते हैं। जिस कारण हादसा भी हो सकता है। नए सत्र 2025-26 के लिए जिले भर से सिर्फ एक पंजीकरण हुआ है। प्रशासन की ढिलाई के चलते शहर में ऐसे पूलों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
स्वीमिंग पूल के लिए कुछ मुख्य दिशा-निर्देश
- फिल्ट्रेशन प्लांट रहना चाहिए
- जीवन रक्षक की मौजूदगी अनिवार्य
- नजदीकी अस्पताल व पुलिस स्टेशन का मोबाइल नंबर
- पूल की गहराई के निशान होने चाहिए
- महिला - पुरुष दोनों के लिए अलग शौचालय की सुविधा
एक भी जिम नहीं है पंजीकृत - डीएसओ
जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जिले के किसी भी जिम संचालक ने जिला खेल कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है। स्वीमिंग पूल व जिम के लिए 15000 रुपये प्रतिवर्ष का शुल्क निर्धारित है। पिछले साल पूल के भी कुछ ही पंजीकरण हुए थे, जबकि जिम के पंजीकरण की संख्या शून्य है। जो संचालक पंजीकरण नही कराएंगे, उनको अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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नोडल अधिकारी ने बंद कराए थे स्वीमिंग पूल
नेहरू स्टेडियम के कनिष्ठ सहायक हिमांशू ने बताया कि स्वीमिंग पूल की जांच के लिए गत वर्ष नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए थे। बिना पंजीकरण चल रहे पूल को बंद कराया गया था। बाद में कुछ संचालकों ने पंजीकरण कराकर अपने स्वीमिंग पूल चला लिए थे व कुछ बंद ही रहे थे। इस साल का अभी कोई पंजीकरण नहीं हुआ है।
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जिला खेल कार्यालय में हर साल इनके नवीनीकरण का भी नियम है। लेकिन इस नियम का कोई पालन नहीं कर रहा। ऐसे स्वीमिंग पूलों में सुरक्षा के मानक भी पूरे नहीं होते हैं। जिस कारण हादसा भी हो सकता है। नए सत्र 2025-26 के लिए जिले भर से सिर्फ एक पंजीकरण हुआ है। प्रशासन की ढिलाई के चलते शहर में ऐसे पूलों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
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स्वीमिंग पूल के लिए कुछ मुख्य दिशा-निर्देश
- फिल्ट्रेशन प्लांट रहना चाहिए
- जीवन रक्षक की मौजूदगी अनिवार्य
- नजदीकी अस्पताल व पुलिस स्टेशन का मोबाइल नंबर
- पूल की गहराई के निशान होने चाहिए
- महिला - पुरुष दोनों के लिए अलग शौचालय की सुविधा
एक भी जिम नहीं है पंजीकृत - डीएसओ
जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जिले के किसी भी जिम संचालक ने जिला खेल कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है। स्वीमिंग पूल व जिम के लिए 15000 रुपये प्रतिवर्ष का शुल्क निर्धारित है। पिछले साल पूल के भी कुछ ही पंजीकरण हुए थे, जबकि जिम के पंजीकरण की संख्या शून्य है। जो संचालक पंजीकरण नही कराएंगे, उनको अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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नोडल अधिकारी ने बंद कराए थे स्वीमिंग पूल
नेहरू स्टेडियम के कनिष्ठ सहायक हिमांशू ने बताया कि स्वीमिंग पूल की जांच के लिए गत वर्ष नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए थे। बिना पंजीकरण चल रहे पूल को बंद कराया गया था। बाद में कुछ संचालकों ने पंजीकरण कराकर अपने स्वीमिंग पूल चला लिए थे व कुछ बंद ही रहे थे। इस साल का अभी कोई पंजीकरण नहीं हुआ है।