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Bijnor News: चालक की लापरवाही से जोखिम में फंस गए यात्री
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कालागढ़ के सूखासोत में तेज गति से बहता बारिश का पानी।
भागूवाला/नजीबाबाद (बिजनौर)। बस चालक जितेंद्र शर्मा की जल्दबाजी से 43 लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई। शर्मा ने काफी फासले से एक वाहन को गुजरते देखकर बस आगे बढ़ा दी थी। अचानक रपटे में पानी बढ़ गया और इसी दौरान चालक ने गलत दिशा में स्टेयरिंग काट दिया था। उस समय बस में दूसरे चालक राजेश कुमार और परिचालक प्रदीप यादव मौजूद थे।
सूचना पर नजीबाबाद डिपो के एआरएम राजेश कुमार सिंह, स्टेशन प्रभारी अरुज मेहदी, कार्यालय प्रभारी निसार अहमद टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। रोडवेज अधिकारियों ने रुपईडीहा से बस में सवार यात्रियों को परिवहन निगम की बसों से हरिद्वार पहुंचाने की व्यवस्था की।
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फरिश्ता बनकर आए पुलिसवाले
बस में सवार नेपाल निवासी मनोज कुमार, खटका, कृष्ण कुंवर, धन बहादुर, पदम, सुरेंद्र, रोहित, विजय सिंह और गोविंद का कहना था कि चालक ने जल्दबाजी दिखाई, जिससे चालक सहित सभी यात्रियों का जिंदगी खतरे में पड़ गई। उन्होंने प्रार्थना की और फरिश्ता बनकर आए पुलिसवालों ने उनकी जान बचा ली।
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रपटे से होता है भारी वाहनों का आवागमन
कोटावाली में रपटे के नजदीक बने पुल के एक स्थान में वर्ष 2017 में तकनीकी खराबी के चलते भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। भारी वाहनों को पुल के निकट नदी रपटे से निकाला जाता है। बरसाती कोटावाली नदी के रपटे पर पहाड़ों और क्षेत्र में होने वाली वर्षा से अचानक उफान आ जाता है। उफान के दौरान प्रशासन रपटे से भारी वाहनों का आवागमन रोक देता है।
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सूचना पर नजीबाबाद डिपो के एआरएम राजेश कुमार सिंह, स्टेशन प्रभारी अरुज मेहदी, कार्यालय प्रभारी निसार अहमद टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। रोडवेज अधिकारियों ने रुपईडीहा से बस में सवार यात्रियों को परिवहन निगम की बसों से हरिद्वार पहुंचाने की व्यवस्था की।
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फरिश्ता बनकर आए पुलिसवाले
बस में सवार नेपाल निवासी मनोज कुमार, खटका, कृष्ण कुंवर, धन बहादुर, पदम, सुरेंद्र, रोहित, विजय सिंह और गोविंद का कहना था कि चालक ने जल्दबाजी दिखाई, जिससे चालक सहित सभी यात्रियों का जिंदगी खतरे में पड़ गई। उन्होंने प्रार्थना की और फरिश्ता बनकर आए पुलिसवालों ने उनकी जान बचा ली।
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रपटे से होता है भारी वाहनों का आवागमन
कोटावाली में रपटे के नजदीक बने पुल के एक स्थान में वर्ष 2017 में तकनीकी खराबी के चलते भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। भारी वाहनों को पुल के निकट नदी रपटे से निकाला जाता है। बरसाती कोटावाली नदी के रपटे पर पहाड़ों और क्षेत्र में होने वाली वर्षा से अचानक उफान आ जाता है। उफान के दौरान प्रशासन रपटे से भारी वाहनों का आवागमन रोक देता है।

कालागढ़ के सूखासोत में तेज गति से बहता बारिश का पानी।