पेपर लीक प्रकरण: शिक्षक योगेंद्र को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, STF ने एक सप्ताह पहले भेजा था जेल
पेपर लीक प्रकरण में शिक्षक योगेंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। STF ने एक सप्ताह पहले जेल भेजा था।
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उत्तराखंड आयोग पेपर लीक प्रकरण में एक सप्ताह पहले एसटीएफ टीम की ओर से गिरफ्तार किए गए केएम इंटर कॉलेज के शिक्षक योगेंद्र कुमार को कॉलेज के प्रबंधक और उप-जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आरोपी शिक्षक योगेंद्र कुमार सिंह पर आरोप था कि उसने पेपर लीक के आरोपी केंद्रपाल के साथ मिलकर आयोग का पेपर बेचा था। इसके साथ ही आरोपी शिक्षक के संबंध मुख्य आरोपी केंद्रपाल से काफी नजदीकी थे। पिछले काफी समय से योगेंद्र कुमार की गतिविधियां सामने आने के बाद एसटीएफ ने योगेंद्र कुमार को एक सप्ताह पहले दबोच कर जेल भेज दिया था।
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इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केएम इंटर कॉलेज के मैनेजर और एसडीएम मनोज कुमार ने आरोपी शिक्षक योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। एसडीएम का कहना है कि आरोपी शिक्षक योगेंद्र के निलंबन के साथ ही अन्य संदिग्ध शिक्षकों की भी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एसटीएफ ने पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों की संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को खंगाला
उत्तराखंड आयोग एसएसएससी पेपर लीक मामले की जांच के लिए देहरादून एसटीएफ की टीम गुरुवार को बिजनौर पहुंची। टीम ने धामपुर के रजिस्ट्रार कार्यालय में पहुंच प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों की ओर से जमीनों की हुईं खरीद-फरोख्त की गहनता से जांच की। कार्यालय से टीम ने जरूरी सबूतों को एकत्र किया। अधिकांश सबूतों के न मिलने पर एसटीएफ ने रजिस्ट्रार कमलेश कुमार गौतम के अभिलेखों को खंगाल कर जल्द उन्हें रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। उधर आरोपियों के नजदीकियों में एसटीएफ की कार्रवाई से हड़कंप मचा है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड आयोग एसएसएससी पेपर लीक मामला उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश में भी हाईप्रोफाइल बना हुआ है। यूके और यूपी सरकार की सख्ती के चलते एसटीएफ लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है। पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत के बाद इस मामले में धामपुर निवासी केंद्रपाल को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पिछले चार दिसंबर 2021 को आरोपी केंद्रपाल के इशारे पर ही सहारनपुर के जल संस्थान में तैनात धामपुर निवासी जूनियर इंजीनियर ललित राज शर्मा के घर पर बने नकल सेंटर पर दो दर्जन से अधिक प्रतिभागियों ने लाखों रुपये खर्च कर परीक्षा की तैयारी की थी।
आरोप है कि प्रत्येक युवक से पेपर लीक कराने के बदले लाखों रुपये की रकम उनसे वसूली की गई थी। बताया गया कि उत्तरकाशी के जिस रिजॉर्ट को उत्तराखंड सरकार ने ध्वस्त कराया है। उसमें धामपुर निवासी आरोपी केंद्रपाल की भी हिस्सेदारी है।
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने पेपर लीक के बदले मिली रकम को अवैध संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल किया। इसी के चलते पेपर लीक आरोपियों की चल अचल संपत्ति की बाबत कुंडली खंगाली जा रही हैं।
एसटीएफ ने पांच लोगों की बेनामी संपत्तियों की मांगी रिपोर्ट : रजिस्ट्रार
सब रजिस्ट्रार कार्यालय के रजिस्ट्रार कमलेश कुमार गौतम का कहना है कि एसटीएफ की टीम उनके कार्यालय में गुरुवार को आई थी। टीम में शामिल अधिकारियों ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर आरोपी केंद्रपाल, उसकी पत्नी रुचि, जेई ललित राज शर्मा, शिक्षक योगेंद्र कुमार सिंह सहित पांच लोगों द्वारा जमीन की हुई खरीद-फरोख्त संपत्तियों की बाबत जानकारी मांगी है। बताया गया कि टीम में शामिल अधिकारियों के आदेश पर संपत्तियों की कुंडलियों के रिकॉर्ड के हिसाब से खंगाला जा रहा है। तीन दिन में रिपोर्ट तैयार कर टीम को भेजी जाएगी।