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Bijnor News: डीएम के आश्वासन पर पंचायत सचिवों का धरना समाप्त
Wed, 21 Jun 2023 12:53 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 21 Jun 2023 12:53 AM IST
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- सीडीओ द्वारा रामपुर चाठा में ग्राम पंचायत सचिव को थप्पड़ मारने का मामला
- डीएम ने प्रतिनिधिमंडल को दिया पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने का आश्वासन
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पंचायत सचिव से मारपीट के प्रकरण में कर्मचारियों ने डीएम के आश्वासन पर शाम को धरना समाप्त कर दिया। समन्यवय समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि मारपीट के आरोपी सीडीओ पूर्ण बोरा का तबादला होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कर्मचारियों ने हाथ उठाकर एक मत से कह दिया कि वह ऐसे अधिकारी के अधीन काम करने को तैयार नहीं हैं।
कलक्ट्रेट में डीएम उमेश मिश्रा ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय सिमिति के करीब दस पदाधिकारियों ने वार्ता में प्रतिभाग किया। डीएम ने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए दस दिन का समय दिया जाए। शाम को डीएम के आश्वासन पर प्रतिनिधिमंडल ने धरना समाप्त कर दिया। डीएम ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम से वार्ता के बाद समन्वय समिति की बैठक हुई, समिति अध्यक्ष धीरज कुमार के अनुसार बैठक में निर्णय लिया गया कि सीडीओ के व्यवहार से कर्मचारी खुश नहीं है। इसलिए सीडीओ का तबादला होने और रिपोर्ट दर्ज होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
पंचायत सचिवों को कर्मचारी महासंघ ने दिया प्रदर्शन
दोपहर बाद धरना दे रहे ग्राम पंचायत अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंच गए और वहां भी धरना दिया। संयुक्त राज्यकर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि मैं अभी बाहर हूं, घटना के संबंध जानकारी मिली है। यदि मामले में सीडीओ के खिलाफ बुधवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य कर्मचारी आंदोलन में कूद पड़ेंगे। धरने में कंधे से कंधा मिलकर समर्थन दिया जाएगा।
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विकास भवन में छाया रहा सन्नाटा
सीडीओ के खिलाफ पंचायत सचिवों के उतरने के बाद विकास भवन में सन्नाटा छा गया। विकास भवन के कई अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर लिए। वह घटना को लेकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। फरियाद लेकर विकास भवन पहुंचे तमाम ग्रामीण भी इस हंगामे को देखकर लौट गए। काफी कर्मचारी पर्दे के पीछे कहते नजर आए कि कुछ तो हुआ है, तभी तो मामला यहां तक पहुंचा है। मामले की जांच तो होनी चाहिए। चर्चा रही कि जिले एक अन्य अधिकारी थी थप्पड़बाज है।
धरना प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
धरने में जिलाध्यक्ष देशराज सिंह, धीरज सिंह, कुलदीप राजपूत, क्रांति कुमार, संजय सिंह, सोमेंद्र सिंह, मुनेंद्र, एकेश्वर, रामनील, अक्षय कुमार, शिखा शेखावत, स्वाति, विनिता, सचिन भाटी, पंकज सैनी, विवेक देशवाल, नसीम, अजीत सिंह, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
दर्ज हुई ई-एफआईआर
मामले में पंचायत सचिव की ओर से ई एफआईआर की प्रार्थना को स्वीकार कर लिया गया। जिसे संबंधित थाने को जांच के लिए भेजा गया है।
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डीएम का वर्जन...
मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद इस मामले में जो भी सामने आएगा, उस लिहाज से कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सचिवों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई थी, उन्हें समझा दिया गया है - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर
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- डीएम ने प्रतिनिधिमंडल को दिया पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने का आश्वासन
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पंचायत सचिव से मारपीट के प्रकरण में कर्मचारियों ने डीएम के आश्वासन पर शाम को धरना समाप्त कर दिया। समन्यवय समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि मारपीट के आरोपी सीडीओ पूर्ण बोरा का तबादला होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। कर्मचारियों ने हाथ उठाकर एक मत से कह दिया कि वह ऐसे अधिकारी के अधीन काम करने को तैयार नहीं हैं।
कलक्ट्रेट में डीएम उमेश मिश्रा ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाया। ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय सिमिति के करीब दस पदाधिकारियों ने वार्ता में प्रतिभाग किया। डीएम ने कहा कि व्यवस्था में सुधार के लिए दस दिन का समय दिया जाए। शाम को डीएम के आश्वासन पर प्रतिनिधिमंडल ने धरना समाप्त कर दिया। डीएम ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम से वार्ता के बाद समन्वय समिति की बैठक हुई, समिति अध्यक्ष धीरज कुमार के अनुसार बैठक में निर्णय लिया गया कि सीडीओ के व्यवहार से कर्मचारी खुश नहीं है। इसलिए सीडीओ का तबादला होने और रिपोर्ट दर्ज होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
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पंचायत सचिवों को कर्मचारी महासंघ ने दिया प्रदर्शन
दोपहर बाद धरना दे रहे ग्राम पंचायत अधिकारी कलक्ट्रेट पहुंच गए और वहां भी धरना दिया। संयुक्त राज्यकर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि मैं अभी बाहर हूं, घटना के संबंध जानकारी मिली है। यदि मामले में सीडीओ के खिलाफ बुधवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य कर्मचारी आंदोलन में कूद पड़ेंगे। धरने में कंधे से कंधा मिलकर समर्थन दिया जाएगा।
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विकास भवन में छाया रहा सन्नाटा
सीडीओ के खिलाफ पंचायत सचिवों के उतरने के बाद विकास भवन में सन्नाटा छा गया। विकास भवन के कई अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर लिए। वह घटना को लेकर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। फरियाद लेकर विकास भवन पहुंचे तमाम ग्रामीण भी इस हंगामे को देखकर लौट गए। काफी कर्मचारी पर्दे के पीछे कहते नजर आए कि कुछ तो हुआ है, तभी तो मामला यहां तक पहुंचा है। मामले की जांच तो होनी चाहिए। चर्चा रही कि जिले एक अन्य अधिकारी थी थप्पड़बाज है।
धरना प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
धरने में जिलाध्यक्ष देशराज सिंह, धीरज सिंह, कुलदीप राजपूत, क्रांति कुमार, संजय सिंह, सोमेंद्र सिंह, मुनेंद्र, एकेश्वर, रामनील, अक्षय कुमार, शिखा शेखावत, स्वाति, विनिता, सचिन भाटी, पंकज सैनी, विवेक देशवाल, नसीम, अजीत सिंह, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
दर्ज हुई ई-एफआईआर
मामले में पंचायत सचिव की ओर से ई एफआईआर की प्रार्थना को स्वीकार कर लिया गया। जिसे संबंधित थाने को जांच के लिए भेजा गया है।
डीएम का वर्जन...
मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद इस मामले में जो भी सामने आएगा, उस लिहाज से कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सचिवों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता हुई थी, उन्हें समझा दिया गया है - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर