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बिजनौर में डेढ़ करोड़ में बनेगा ऑक्सीजन प्लांट
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बिजनौर में डेढ़ करोड़ में बनेगा ऑक्सीजन प्लांट
बिजनौर। जिला अस्पताल में डेढ़ करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सांसद मलूक नागर ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन प्लांट लगवाने की मांग की थी। आरोप लगाया कि सरकार के अधिकारी ने स्वीकृति पत्र को देरी से उपलब्ध कराया, जिससे इसका निर्माण कार्य शुरू होने में विलंब हुआ।
सांसद मलूक नागर परिवार सहित 27 अप्रैल से कोरोना संक्रमित हो गए थे। सांसद ने जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय को पत्र लिखकर कहा है कि डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बिजनौर के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण शुरू कराने के लिए कहा है। इसके अलावा बिजनौर लोकसभा के अंतर्गत आने वाले मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर क़स्बे में सरकारी अस्पताल में 75 लाख, पुरकाजी कस्बे के सरकारी अस्पताल में 75 लाख, बिजनौर लोकसभा में ही पड़ने वाले मेरठ जिले के हस्तिनापुर, मवाना और परीक्षितगढ़ कस्बा के सरकारी अस्पताल में 75-75 लाख रुपये से बड़े स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराने का भी आश्वासन दिया है।
सांसद ने बताया कि उन्हें पीडी का पत्र बुधवार को प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रशंसा भी कि लेकिन इसी बीच ये आपत्ति भी जताई कि उनके 30 अप्रैल 2021 को केंद्र सरकार को पत्र लिखने के बाद अधिकारी ने पत्र का जवाब 19 मई को उपलब्ध कराया, जो काफी गैर जिम्मेदाराना है। इन 18 दिनों में ऑक्सीजन के अभाव में कितने लोगों की मौत हुईं, इसकी पीड़ा मृतकों के परिजनों से पूछो। नागर ने कहा है कि अगर 30 अप्रैल को भारत सरकार का पत्र जिलाधिकारी के पास आ जाता है और उनके दफ़्तर से 30 अप्रैल या एक मई को ही सांसद को व्हट्सएप या ईमेल द्वारा सूचना मिल जाती तो ऑक्सिजन प्लांट का निर्माण तुरंत शुरू किया जा सकता था।
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बिजनौर। जिला अस्पताल में डेढ़ करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सांसद मलूक नागर ने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन प्लांट लगवाने की मांग की थी। आरोप लगाया कि सरकार के अधिकारी ने स्वीकृति पत्र को देरी से उपलब्ध कराया, जिससे इसका निर्माण कार्य शुरू होने में विलंब हुआ।
सांसद मलूक नागर परिवार सहित 27 अप्रैल से कोरोना संक्रमित हो गए थे। सांसद ने जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय को पत्र लिखकर कहा है कि डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बिजनौर के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण शुरू कराने के लिए कहा है। इसके अलावा बिजनौर लोकसभा के अंतर्गत आने वाले मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर क़स्बे में सरकारी अस्पताल में 75 लाख, पुरकाजी कस्बे के सरकारी अस्पताल में 75 लाख, बिजनौर लोकसभा में ही पड़ने वाले मेरठ जिले के हस्तिनापुर, मवाना और परीक्षितगढ़ कस्बा के सरकारी अस्पताल में 75-75 लाख रुपये से बड़े स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कराने का भी आश्वासन दिया है।
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सांसद ने बताया कि उन्हें पीडी का पत्र बुधवार को प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रशंसा भी कि लेकिन इसी बीच ये आपत्ति भी जताई कि उनके 30 अप्रैल 2021 को केंद्र सरकार को पत्र लिखने के बाद अधिकारी ने पत्र का जवाब 19 मई को उपलब्ध कराया, जो काफी गैर जिम्मेदाराना है। इन 18 दिनों में ऑक्सीजन के अभाव में कितने लोगों की मौत हुईं, इसकी पीड़ा मृतकों के परिजनों से पूछो। नागर ने कहा है कि अगर 30 अप्रैल को भारत सरकार का पत्र जिलाधिकारी के पास आ जाता है और उनके दफ़्तर से 30 अप्रैल या एक मई को ही सांसद को व्हट्सएप या ईमेल द्वारा सूचना मिल जाती तो ऑक्सिजन प्लांट का निर्माण तुरंत शुरू किया जा सकता था।
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