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कोरोना से निजात दिलाने में जुटे हैं हमारे योद्धा

Thu, 07 May 2020 10:15 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2020 10:15 PM IST
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Our warriors are trying to get rid of Corona
कोरोना से निजात दिलाने में जुटे हैं हमारे योद्धा
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बिजनौर। कोरोना से निजात दिलाने के लिए कोरोना योद्धा प्रयास कर रहे हैं। चिकित्सकों से लेकर वाहन चालक तक अपने परिवारों से दूर रहकर इस संघर्ष में अपना योगदान दे रहे हैं।
विभिन्न स्तर पर हमारे कोरोना वरियर्स अपनी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। चिकित्सक और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ कोरोना संदिग्ध और संक्रमित मरीजों का उपचार करने में व्यस्त है तो वहीं दूसरी ओर वाहन चालक भी इनके कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। अस्पतालों एवं अन्य क्वारंटीन सेंटरों से सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ तक ले जाते हैं।
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राजकीय वाहन चालक संघ के जिला मंत्री नरेंद्र कुमार बताते हैं कि वर्तमान में वह जिला क्षय रोग अधिकारी के सारथी हैं। अब तक वह एक बार जांच कराने के लिए सैंपल लेकर लखनऊ जा चुके हैं। क्रमवार हर वाहन चालक अलग अलग दिन सैंपल लेकर लखनऊ प्रयोगशाला तक पहुंचाते हैं।
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कार्यालय प्रभारी विजयपाल सिंह ने बताया कि वह अब तक पांच बार सैंपल लेकर जा चुके हैं। उनकी ड्यूटी आकस्मिक सेवाओं में आती है। लेकिन ड्यूटी समाप्त कर जब वह अपने घर जाते हैं तो अपने बच्चों से अलग एक कमरे में रहते हैं। जिससे उनके परिवार को कोरोना संक्रमण का खतरा न हो।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर के ब्लॉक प्रबंधक हिमांशु चौधरी का कहना है कि जिले के एल-1 फैसिलिटी वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर पर उनकी ड्यूटी लगाई गई है। वहां पर 27 कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती थे। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात सभी चिकित्सक एवं कर्मचारियों तथा संक्रमित मरीजों के भोजन और अन्य सभी जरूरी सामान की व्यवस्था की जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी गई थी। इस दौरान हिमांशु अपने घर नहीं गए और उन्होंने खुद को एक अलग स्थान पर क्वारंटीन रखा।

राजकीय वाहन चालक संघ के जिला कोषाध्यक्ष मनचंदा का कहना है कि वह जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार के सारथी हैं। अब तक वह जांच के लिए सैंपल लेकर तीन बार लखनऊ केजीएमयू एवं एसजीपीजीआई जा चुके हैं। करीब तीन माह पूर्व ही उनकी पत्नी को बेटा हुआ है। बच्चा छोटा होने की वजह से वह अपने घर के अंदर नहीं जाते। अलग कमरे में रहते हैं।
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