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बैंक अफसरों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
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बैंक अफसरों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिजनौर। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने एक किसान के खाते में ऋण माफी के आए हुए एक लाख रुपये को बिना किसी अधिकार के निकालने के मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने पीएनबी सहसपुर के शाखा प्रबंधक सहित लीड बैंक अधिकारी व मंडलीय प्रबंधक सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश थाना स्योहारा पुलिस को दिए हैं।
गांव आलमपुरी निवासी सचिन कुमार ने सीजेएम न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी मुख्य आजीविका कृषि है। उसका बैंक खाता पीएनबी की सहसपुर शाखा में है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा फसल ऋण मोचन योजना के अंतर्गत कृषि हितार्थ अनुदान राशि की एक लाख रुपये कर्जमाफी उसके खाते में 18 अक्तूबर 2017 में भेजी गई थी। यह राशि खाते में जमा हो गई थी। जब उसने बैंक से अपने खाते में शेष भुगतान की जानकारी ली उससे कहा गया कि उसे पूर्ण धनराशि मय ब्याज के जमा करनी होगी। उसने एक लाख रुपये की राहत राशि खाते में आने और बाकी राशि जमा करने को कहा। शाखा प्रबंधक ने उससे कहा कि उसके खाते में गलत ऋण राशि माफ की गई थी।
जोनल ऑफिस मुरादाबाद के आदेशानुसार यह एक लाख रुपया उसके खाते से निकालकर नॉन कस्टमर खाते में जमा कर दिया गया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि फसली ऋण मोचन योजना की राशि उसके खाते में जमा किए जाने के बाद से खाते से उस राशि को आठ दिसंबर 2017 को निकालने तक उसके खाते की निजता का उल्लंघन किया गया। उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। उसके खाते से इस राशि को निकालने का शाखा प्रबंधक को कोई अधिकार नहीं था। कई बार अनुरोध के बाद राशि वापस करने का कई बार बैंक अधिकारियों ने उसे मौखिक आश्वासन दिया। उसे कोई ऐसा आदेश नहीं दिखाया गया कि वह ऋण मोचन योजना का पात्र नहीं है। अधिवक्ता गजेंद्रपाल सिंह चौहान के अनुसार सीजेएम ने इस मामले में थाना स्योहारा को आदेशित किया है कि वे तत्काल शाखा प्रबंधक कुनाल किशोर व मुकेश पटेल, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी जोगेंद्र सिंह ग्रोवर व मंडलीय प्रबंधक सुधीर कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें।
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बिजनौर। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने एक किसान के खाते में ऋण माफी के आए हुए एक लाख रुपये को बिना किसी अधिकार के निकालने के मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने पीएनबी सहसपुर के शाखा प्रबंधक सहित लीड बैंक अधिकारी व मंडलीय प्रबंधक सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश थाना स्योहारा पुलिस को दिए हैं।
गांव आलमपुरी निवासी सचिन कुमार ने सीजेएम न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसकी मुख्य आजीविका कृषि है। उसका बैंक खाता पीएनबी की सहसपुर शाखा में है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा फसल ऋण मोचन योजना के अंतर्गत कृषि हितार्थ अनुदान राशि की एक लाख रुपये कर्जमाफी उसके खाते में 18 अक्तूबर 2017 में भेजी गई थी। यह राशि खाते में जमा हो गई थी। जब उसने बैंक से अपने खाते में शेष भुगतान की जानकारी ली उससे कहा गया कि उसे पूर्ण धनराशि मय ब्याज के जमा करनी होगी। उसने एक लाख रुपये की राहत राशि खाते में आने और बाकी राशि जमा करने को कहा। शाखा प्रबंधक ने उससे कहा कि उसके खाते में गलत ऋण राशि माफ की गई थी।
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जोनल ऑफिस मुरादाबाद के आदेशानुसार यह एक लाख रुपया उसके खाते से निकालकर नॉन कस्टमर खाते में जमा कर दिया गया है। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि फसली ऋण मोचन योजना की राशि उसके खाते में जमा किए जाने के बाद से खाते से उस राशि को आठ दिसंबर 2017 को निकालने तक उसके खाते की निजता का उल्लंघन किया गया। उसे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। उसके खाते से इस राशि को निकालने का शाखा प्रबंधक को कोई अधिकार नहीं था। कई बार अनुरोध के बाद राशि वापस करने का कई बार बैंक अधिकारियों ने उसे मौखिक आश्वासन दिया। उसे कोई ऐसा आदेश नहीं दिखाया गया कि वह ऋण मोचन योजना का पात्र नहीं है। अधिवक्ता गजेंद्रपाल सिंह चौहान के अनुसार सीजेएम ने इस मामले में थाना स्योहारा को आदेशित किया है कि वे तत्काल शाखा प्रबंधक कुनाल किशोर व मुकेश पटेल, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी जोगेंद्र सिंह ग्रोवर व मंडलीय प्रबंधक सुधीर कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें।
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