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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के स्थानांतरण का विरोध
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राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के स्थानांतरण का विरोध
हल्दौर। गांव पैजनियां स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अन्य दूसरे गांव में स्थानांतरित होने की सूचना पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। खफा ग्रामीणों ने पंचायत की और जिलाधिकारी से इसका स्थानांतरण न किए जाने की मांग का निर्णय लिया गया।
गांव पैजनियां के बड़ा शिव मंदिर परिसर में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय करीब 80 वर्ष पुराना है। यह चिकित्सालय कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस गांव से लगभग 11 किलोमीटर की परिधि क्षेत्र में कोई अन्य दूसरा आयुर्वेदिक चिकित्सालय नहीं है। करीब एक वर्ष पूर्व चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने अपने सहयोग से अस्पताल को शिव मंदिर में बने भवन में स्थानांतरित कर दिया। कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों को इस अस्पताल को नूरपुर ब्लॉक के गांव मोरना में स्थानांतरित होने की सूचना मिली। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया।
मंगलवार शाम करीब आठ बजे गांव के साप्ताहिक बाजार में ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत में ग्रामीणों ने आयुर्वेद अस्पताल के स्थानांतरण होने पर रोष जताया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल को स्थानांतरित होने से क्षेत्रीय मरीजों को उपचार के लिए अन्य पड़ोसी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों तक पहुंचने के लिए करीब दस से 12 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीण नरेश त्यागी, रक्षित त्यागी, मोहित त्यागी, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र त्यागी, विशेश्वर दयाल, हरिया सिंह आदि ने इस चिकित्सालय को स्थानांतरित होने से रोकने के लिए जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया है।
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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक/यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल सिंह ने बताया कि जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का जीर्णोद्धार के लिए पांच साल से लगातार बजट बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है, लेकिन बजट नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव मोरना में इस चिकित्सालय को स्थानांतरित कराने के लिए फिलहाल सर्वे ही कराया गया है। अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह शासन स्तर का मामला है, जो भी शासन के निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा।
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हल्दौर। गांव पैजनियां स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय अन्य दूसरे गांव में स्थानांतरित होने की सूचना पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। खफा ग्रामीणों ने पंचायत की और जिलाधिकारी से इसका स्थानांतरण न किए जाने की मांग का निर्णय लिया गया।
गांव पैजनियां के बड़ा शिव मंदिर परिसर में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय करीब 80 वर्ष पुराना है। यह चिकित्सालय कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस गांव से लगभग 11 किलोमीटर की परिधि क्षेत्र में कोई अन्य दूसरा आयुर्वेदिक चिकित्सालय नहीं है। करीब एक वर्ष पूर्व चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने अपने सहयोग से अस्पताल को शिव मंदिर में बने भवन में स्थानांतरित कर दिया। कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों को इस अस्पताल को नूरपुर ब्लॉक के गांव मोरना में स्थानांतरित होने की सूचना मिली। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया।
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मंगलवार शाम करीब आठ बजे गांव के साप्ताहिक बाजार में ग्रामीणों ने पंचायत की। पंचायत में ग्रामीणों ने आयुर्वेद अस्पताल के स्थानांतरण होने पर रोष जताया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल को स्थानांतरित होने से क्षेत्रीय मरीजों को उपचार के लिए अन्य पड़ोसी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों तक पहुंचने के लिए करीब दस से 12 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीण नरेश त्यागी, रक्षित त्यागी, मोहित त्यागी, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र त्यागी, विशेश्वर दयाल, हरिया सिंह आदि ने इस चिकित्सालय को स्थानांतरित होने से रोकने के लिए जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया है।
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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक/यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल सिंह ने बताया कि जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का जीर्णोद्धार के लिए पांच साल से लगातार बजट बनाकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाता है, लेकिन बजट नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव मोरना में इस चिकित्सालय को स्थानांतरित कराने के लिए फिलहाल सर्वे ही कराया गया है। अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह शासन स्तर का मामला है, जो भी शासन के निर्देश होंगे उनका पालन किया जाएगा।