फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Only 238 hospitals are valid in the district

Bijnor News: बिजनौर - जिले में केवल 238 अस्पताल ही वैध

Thu, 25 May 2023 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Thu, 25 May 2023 12:32 AM IST
विज्ञापन
Only 238 hospitals are valid in the district
- जिले में केवल 238 अस्पताल ही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत
विज्ञापन

- शिकायत के बाद ही अस्पतालों पर कार्रवाई करता है स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में सैकड़ों अस्पताल अनाधिकृत रूप से संचालित हो रहे हैं। केवल 238 अस्पताल ही स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं। जबकि जिले में अस्पताल इससे कही ज्यादा हैं। स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से अवैध अस्पताल चल रहे हैं। शिकायत के बाद ही स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करता है। सब जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।

जिले में अवैध अस्पतालों में मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। आए दिन अवैध अस्पतालों में चिकित्सकों की लापरवाही सामने आती रहती है। अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने पर भी मरीजों काे भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। ऐसे अस्पताल भी हैं, जो बिना पंजीकरण के भी चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग पिछले साल 10 से ज्यादा नर्सिंग होम और क्लीनिक सील कर रहा है। मगर हकीकत में तो अवैध अस्पताल बंद ही नहीं हो रहे हैं। वहीं जिन अस्पतालों ने विशेषज्ञों का दावा कर पंजीकरण लिया है। इन अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की टीम के निरीक्षण के समय तो विशेषज्ञ मिलते हैं। मगर बाद में सिर्फ उनका नाम ही लिखा रहता है।
विज्ञापन

अस्पताल में नहीं सर्जन, फिर भी कर रहे सर्जरी
जिले में कई निजी अस्पताल ऐसे भी हैं, जिनमें मरीजों की सर्जरी की जा रही है, मगर वहां कोई सर्जन तैनात नहीं है। बिना प्रशिक्षित चिकित्सक ही मरीजों की सर्जरी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे कई अस्पतालों पर कार्रवाई भी की है। स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई करता है, इतने ही अस्पताल पर लगाम लगी रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस नंबर एक
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिजनौर शहर में एक अप्रैल 2023 को अवैध रूप से चल रहे मुस्कान अस्पताल को सील किया। अस्पताल और उसके अंदर मेडिकल स्टोर दोनों ही बिना पंजीकरण के चलाए जा रहे थे। शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल सील किया। अस्पताल में जिस चिकित्सक का नाम लिखा है, वह भी वहां नहीं था।

केस नंबर दो
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 16 मार्च को स्योहारा में स्थित नेशनल हेल्थ केयर सेंटर को सील कर दिया है। बीयूएमएस की डिग्री होने पर भी नर्सिंग होम में छोटे-बड़े ऑपरेशन किए जा रहे थे। अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में पट्टी छोड़ने का मामला भी सामने आया था। जिसके बाद अस्पताल पर कार्रवाई की गई।

केस नंबर तीन
बिजनौर शहर में नजीबाबाद मार्ग पर स्थित जीवन अस्पताल पर 13 अक्तूबर 2022 को कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया था। विशेषज्ञ नहीं होने और मानक पूरे नहीं करने पर अस्पताल पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद मानक पूरे मिलने पर बाद में इस अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सील हटा दी।

केस नंबर चार
नगीना के मोहल्ला लाल सराय में स्थित अनाया नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक मार्च 2023 को कार्रवाई करते हुए सील किया था। अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत होने पर कार्रवाई की गई थी। शिशु की मौत में परिजनों ने चिकित्सकों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की थी।

---- वर्जन::
जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन अनाधिकृत अस्पतालों को सील किया गया है, उनके संचालकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है। अवैध अस्पतालों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed