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अफसर के खिलाफ जंग जारी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:58 PM IST
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धामपुर में पीडब्लूडी के एक्सईएन को हटाने की मांग लेकर 16 वें दिन भी विभागीय कर्मचारियों और अधीनस्थ अधिकारियों का कार्यालय के बाहर धरना जारी है। कर्मचारियों ने कहा कि एक्सईएन का तबादला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
एक्सईएन के स्थानांतरण को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज सीएम अखिलेश यादव तक पहुंच चुकी है। 28 दिसंबर को मेरठ परिक्षेत्र के विभागीय चीफ अभियंता अनीस अहमद के आदेश पर बरेली के अधीक्षण अभियंता राजीव स्वामी और धामपुर डिवीजन जोन मेरठ के अधीक्षण अभियंता उमाशंकर वर्मा ने एक्सईएन सुधीर कुमार अग्रवाल के खिलाफ चल रहे आंदोलन के मामले में जांच की थी। दोनों अधिकारियों ने मान लिया था कि वास्तव में किसी भी कार्यालय के सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने डिवीजन के एक्स्ईएन के खिलाफ लामबंद नहीं हो सकते हैं। जांच के दौरान दोनों अधिकारियों ने पाया था कि कहीं न कहीं एक्सईएन ठीक नहीं है। यही वजह है कि कर्मचारी और अधिकारी एक्सईएन के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों और अधिशासी अभियंता से लगे आरोपों और प्रत्यारोपों के बारे में ठोस सबूतों के साथ उनके बयान दर्ज किए थे। जांच करने के बाद दोनों अधिकारियों आंदोलनकारियों को भरोसा देकर गए थे कि वह अपनी अपनी जांच रिपोर्ट दो दिन के भीतर मेरठ जाकर चीफ अभियंता को सौंप देंगे। शुक्रवार को दो दिन बीत जाएंगे। यदि शनिवार तक उनकी मांग को चीफ अभियंता द्वारा पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। बरेली के एक्सईएन राजीव स्वामी ने हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को शांत किया था। उधर. आंदोलनकारियों का कहना है कि जांच कमेटी ने यहां आकर प्रकरण की जांच तो कर ली है पर उनका आंदोलन तभी खत्म होगा, जब यहां से एक्सईएन का स्थानांतरण हो जाएगा। 16 दिन धरने पर बैठने वालों में राजेंद्र सिंह, विकास, शांति, रामकुमार, रविदत्त शर्मा, शिवचरन सिंह, आरडी शर्मा, रजनीश कुमार, धर्मिष्ठा, सोनू कुमार, सोनी कुमारी, ओमप्रकाश सिंह, बाबूराम आदि मौजूद रहे।
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एक्सईएन के स्थानांतरण को लेकर चल रहे आंदोलन की गूंज सीएम अखिलेश यादव तक पहुंच चुकी है। 28 दिसंबर को मेरठ परिक्षेत्र के विभागीय चीफ अभियंता अनीस अहमद के आदेश पर बरेली के अधीक्षण अभियंता राजीव स्वामी और धामपुर डिवीजन जोन मेरठ के अधीक्षण अभियंता उमाशंकर वर्मा ने एक्सईएन सुधीर कुमार अग्रवाल के खिलाफ चल रहे आंदोलन के मामले में जांच की थी। दोनों अधिकारियों ने मान लिया था कि वास्तव में किसी भी कार्यालय के सभी कर्मचारी व अधिकारी अपने डिवीजन के एक्स्ईएन के खिलाफ लामबंद नहीं हो सकते हैं। जांच के दौरान दोनों अधिकारियों ने पाया था कि कहीं न कहीं एक्सईएन ठीक नहीं है। यही वजह है कि कर्मचारी और अधिकारी एक्सईएन के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन कर रहे हैं।
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आंदोलनकारियों और अधिशासी अभियंता से लगे आरोपों और प्रत्यारोपों के बारे में ठोस सबूतों के साथ उनके बयान दर्ज किए थे। जांच करने के बाद दोनों अधिकारियों आंदोलनकारियों को भरोसा देकर गए थे कि वह अपनी अपनी जांच रिपोर्ट दो दिन के भीतर मेरठ जाकर चीफ अभियंता को सौंप देंगे। शुक्रवार को दो दिन बीत जाएंगे। यदि शनिवार तक उनकी मांग को चीफ अभियंता द्वारा पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा। बरेली के एक्सईएन राजीव स्वामी ने हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को शांत किया था। उधर. आंदोलनकारियों का कहना है कि जांच कमेटी ने यहां आकर प्रकरण की जांच तो कर ली है पर उनका आंदोलन तभी खत्म होगा, जब यहां से एक्सईएन का स्थानांतरण हो जाएगा। 16 दिन धरने पर बैठने वालों में राजेंद्र सिंह, विकास, शांति, रामकुमार, रविदत्त शर्मा, शिवचरन सिंह, आरडी शर्मा, रजनीश कुमार, धर्मिष्ठा, सोनू कुमार, सोनी कुमारी, ओमप्रकाश सिंह, बाबूराम आदि मौजूद रहे।
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