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खुद की परवाह किए बगैर कोरोना से जंग लड़ रहीं नर्स
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बिजनौर जिला अस्पताल की सिस्टर वंदना शर्मा।
- फोटो : BIJNOR
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खुद की परवाह किए बगैर कोरोना से जंग लड़ रहीं नर्स
बिजनौर। कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने में चिकित्सकों के साथ नर्सों की भी अहम भूमिका है। जानलेवा कोरोना को परास्त करने में चिकित्सक और नर्स प्राथमिक योद्धाओं की श्रेणी में शामिल हैं। आज जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है तो नर्स भी दिन रात किसी योद्धा की तरह से ही मैदान में डटी हैं। अपने सेवा भाव से मरीजों को ठीक करने के साथ ही नर्स मरीजों में सकारात्मकता का भाव भी जगा रही हैं। ये नर्स छह से सात घंटे पीपीई किट पहने रहती हैं, जिसे पहनने के बाद बेहद गर्मी लगती है। शरीर कुछ ही देर में पसीने से तर हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद ये अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटतीं। ऐसी योद्धाओं को बार बार सैल्यूट।
मरीजों की सेवा ही परम कर्तव्य
नर्सेज संघ की जिला मंत्री रजनी शर्मा का कहना है कि मरीजों की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है। हम अपनी तरफ से हर प्रकार के मरीजों को ठीक करने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन परिणाम देना ईश्वर के अधीन है। फिर भी प्रयास करना हमारा काम है।
मरीज और तीमारदार भी करें सहयोग
जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अनामिका का कहना है अस्पतालों में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को उनका पूरा सहयोग करना चाहिए। जिससे नर्सेज और अन्य चिकित्सकीय स्टाफ का हौसला बढ़े तथा वे और बेहतर कार्य करती रहें।
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कोरोना को हराने को चेन तोड़ना जरूरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर की स्टाफ नर्स सिंधु का कहना है कि कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग में रहना बेहद ही जरूरी है। साथ ही सभी को सभी कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करना चाहिए। जिससे कि जल्दी से जल्दी कोरोना की चेन तोड़ी जा सके।
आठ से दस घंटे ड्यूटी के बावजूद नहीं मानती हार
जिला अस्पताल की सिस्टर वंदना शर्मा का कहना है वैश्विक महामारी कोरोना से हर कोई डरा हुआ है। वे भी कोरोना को हराने के लिए अस्पताल में आठ से दस घंटे तक ड्यूटी कर अपना फर्ज निभाती हैं। इसके बाद भी वह हार नहीं मानती हैं।
कोरोना को हराना ही एक मात्र मकसद
जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स पुष्पा निगम कहती हैं कि वे अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देती हैं। अब तो वैसे भी देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। इसलिए वर्तमान में तो जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। कोरोना को हराना ही उनका मकसद है, जिससे सभी लोग इससे निजात पाकर खुशहाल रह सकें।
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बिजनौर। कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ने में चिकित्सकों के साथ नर्सों की भी अहम भूमिका है। जानलेवा कोरोना को परास्त करने में चिकित्सक और नर्स प्राथमिक योद्धाओं की श्रेणी में शामिल हैं। आज जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है तो नर्स भी दिन रात किसी योद्धा की तरह से ही मैदान में डटी हैं। अपने सेवा भाव से मरीजों को ठीक करने के साथ ही नर्स मरीजों में सकारात्मकता का भाव भी जगा रही हैं। ये नर्स छह से सात घंटे पीपीई किट पहने रहती हैं, जिसे पहनने के बाद बेहद गर्मी लगती है। शरीर कुछ ही देर में पसीने से तर हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद ये अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटतीं। ऐसी योद्धाओं को बार बार सैल्यूट।
मरीजों की सेवा ही परम कर्तव्य
नर्सेज संघ की जिला मंत्री रजनी शर्मा का कहना है कि मरीजों की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है। हम अपनी तरफ से हर प्रकार के मरीजों को ठीक करने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन परिणाम देना ईश्वर के अधीन है। फिर भी प्रयास करना हमारा काम है।
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मरीज और तीमारदार भी करें सहयोग
जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अनामिका का कहना है अस्पतालों में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को उनका पूरा सहयोग करना चाहिए। जिससे नर्सेज और अन्य चिकित्सकीय स्टाफ का हौसला बढ़े तथा वे और बेहतर कार्य करती रहें।
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कोरोना को हराने को चेन तोड़ना जरूरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर की स्टाफ नर्स सिंधु का कहना है कि कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग में रहना बेहद ही जरूरी है। साथ ही सभी को सभी कोरोना वॉरियर्स का सम्मान करना चाहिए। जिससे कि जल्दी से जल्दी कोरोना की चेन तोड़ी जा सके।
आठ से दस घंटे ड्यूटी के बावजूद नहीं मानती हार
जिला अस्पताल की सिस्टर वंदना शर्मा का कहना है वैश्विक महामारी कोरोना से हर कोई डरा हुआ है। वे भी कोरोना को हराने के लिए अस्पताल में आठ से दस घंटे तक ड्यूटी कर अपना फर्ज निभाती हैं। इसके बाद भी वह हार नहीं मानती हैं।
कोरोना को हराना ही एक मात्र मकसद
जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स पुष्पा निगम कहती हैं कि वे अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देती हैं। अब तो वैसे भी देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। इसलिए वर्तमान में तो जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। कोरोना को हराना ही उनका मकसद है, जिससे सभी लोग इससे निजात पाकर खुशहाल रह सकें।

बिजनौर जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स अनामिका।- फोटो : BIJNOR

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर की स्टाफ नर्स सिंधु।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स पुष्पा निगम।- फोटो : BIJNOR

रजनी शर्मा (जिला मंत्री, नर्सेज संघ) जिला अस्पताल बिजनौर।- फोटो : BIJNOR