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बासमती धान की बुआई के लिए नर्सरी करें तैयार
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बासमती धान की बुआई के लिए नर्सरी करें तैयार
बिजनौर। किसानों ने बासमती धान की खेती के लिए नर्सरी लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। जून के प्रथम सप्ताह में बासमती धान की नर्सरी लगनी शुरू हो जाती है।
कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक डा.केके सिंह के अनुसार धान की अच्छी उत्पादन वाली प्रजाति पूसा बासमी-1, पूसा बासमती 1637, पूसा बासमती 1121, पूसा 1718 व पूसा बासमती 1509 का चयन करें। नर्सरी बुआई से पहले खेत को समतल कर लें और एक किलोग्राम बीज की नर्सरी 25 वर्ग मीटर क्षेत्र में डालें। बीज हमेशा प्रमाणित संस्थान से ही लें। नर्सरी बुआई से पहले एक टब में एक किलोग्राम सादा नमक दस लीटर पानी में घोल बनाएं। बीज घोल में डालकर हिलाएं। स्वस्थ बीज नीचे बैठ जाएगा और खराब बीज ऊपर तैरेगा। खराब बीज को निकाल दें। दस किलोग्राम बीज उपचार के लिए 20 ग्राम कावैंडाजिम और एक ग्राम स्ट्रैप्टोसायक्लिन का घोल बनाकर उपचारित करें। इस बीज को 12 से 24 घंटे तक छाया में रखें। अंकुरित बीजों को शाम के समय नर्सरी में डालें। इस समय नर्सरी में दो से तीन सेंटीमीटर पानी रहे। एक हेक्टेअर धान की रोपाई में 800 वर्ग मीटर में नर्सरी डालें तथा दस क्विंटल गोबर की खाद, 12.5 किलोग्राम यूरिया, 15 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट व 15 किलोग्राम पोटाश डालें।
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बिजनौर। किसानों ने बासमती धान की खेती के लिए नर्सरी लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। जून के प्रथम सप्ताह में बासमती धान की नर्सरी लगनी शुरू हो जाती है।
कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक डा.केके सिंह के अनुसार धान की अच्छी उत्पादन वाली प्रजाति पूसा बासमी-1, पूसा बासमती 1637, पूसा बासमती 1121, पूसा 1718 व पूसा बासमती 1509 का चयन करें। नर्सरी बुआई से पहले खेत को समतल कर लें और एक किलोग्राम बीज की नर्सरी 25 वर्ग मीटर क्षेत्र में डालें। बीज हमेशा प्रमाणित संस्थान से ही लें। नर्सरी बुआई से पहले एक टब में एक किलोग्राम सादा नमक दस लीटर पानी में घोल बनाएं। बीज घोल में डालकर हिलाएं। स्वस्थ बीज नीचे बैठ जाएगा और खराब बीज ऊपर तैरेगा। खराब बीज को निकाल दें। दस किलोग्राम बीज उपचार के लिए 20 ग्राम कावैंडाजिम और एक ग्राम स्ट्रैप्टोसायक्लिन का घोल बनाकर उपचारित करें। इस बीज को 12 से 24 घंटे तक छाया में रखें। अंकुरित बीजों को शाम के समय नर्सरी में डालें। इस समय नर्सरी में दो से तीन सेंटीमीटर पानी रहे। एक हेक्टेअर धान की रोपाई में 800 वर्ग मीटर में नर्सरी डालें तथा दस क्विंटल गोबर की खाद, 12.5 किलोग्राम यूरिया, 15 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट व 15 किलोग्राम पोटाश डालें।
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