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जिला अस्पताल की ओपीडी में घटी मरीजों की संख्या
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जिला अस्पताल की ओपीडी में घटी मरीजों की संख्या
बिजनौर। कोरोना काल में लोग अस्पतालों में जाने से बच रहे हैं। छोटी-मोटी बीमारी में लोग घरेलू दवाओं से ही काम चलाकर बीमारियों को परास्त करने के प्रयास में लगे हैं।
सामान्य दिनों में एक हजार से भी ऊपर जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या अब रोजाना 100 पर भी नहीं पहुंच पा रही है। जिले में रोजाना आने वाले कोरोना पॉजिटिव केस जिला प्रशासन से लेकर आम आदमी तक को परेशान कर रहे हैं। जनपद में कोरोना के नित नए मामले आ रहे हैं। इससे हर कोई परेशान है। बुधवार को भी जनपद में 86 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। वर्तमान में अधिकारियों से लेकर आम आदमी तक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। पिछले लगभग छह माह से देश में फैली कोरोना महामारी के कारण लोग अस्पतालों की ओर रुख करने से डर रहे हैं। सामान्य दिनों में रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही करीब 1200 मरीजों की ओपीडी होती थी, लेकिन वर्तमान में यह संख्या सैकडे़ पर भी नहीं पहुंच पा रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस ज्ञानचंद के अनुसार शासन ने अभी तक जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू करने के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इस कारण यहां पर ओपीडी शुरू नहीं की गई है। जो भी मरीज जिला अस्पताल में आते हैं, तो उनको संबंधित विभागों के कक्षों में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह के साथ ही दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मरीज किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होता है, तो सबसे पहले उसकी कोविड जांच की जाती है। उसके बाद ही उसका ऑपरेशन अथवा अन्य उपचार की व्यवस्था की जाती है। वर्तमान में लोगों की स्थिति ये है कि वे बहुत मजबूरी में ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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बिजनौर। कोरोना काल में लोग अस्पतालों में जाने से बच रहे हैं। छोटी-मोटी बीमारी में लोग घरेलू दवाओं से ही काम चलाकर बीमारियों को परास्त करने के प्रयास में लगे हैं।
सामान्य दिनों में एक हजार से भी ऊपर जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या अब रोजाना 100 पर भी नहीं पहुंच पा रही है। जिले में रोजाना आने वाले कोरोना पॉजिटिव केस जिला प्रशासन से लेकर आम आदमी तक को परेशान कर रहे हैं। जनपद में कोरोना के नित नए मामले आ रहे हैं। इससे हर कोई परेशान है। बुधवार को भी जनपद में 86 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। वर्तमान में अधिकारियों से लेकर आम आदमी तक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। पिछले लगभग छह माह से देश में फैली कोरोना महामारी के कारण लोग अस्पतालों की ओर रुख करने से डर रहे हैं। सामान्य दिनों में रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही करीब 1200 मरीजों की ओपीडी होती थी, लेकिन वर्तमान में यह संख्या सैकडे़ पर भी नहीं पहुंच पा रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस ज्ञानचंद के अनुसार शासन ने अभी तक जिला अस्पताल में ओपीडी शुरू करने के लिए कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। इस कारण यहां पर ओपीडी शुरू नहीं की गई है। जो भी मरीज जिला अस्पताल में आते हैं, तो उनको संबंधित विभागों के कक्षों में बैठे विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उचित सलाह के साथ ही दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मरीज किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होता है, तो सबसे पहले उसकी कोविड जांच की जाती है। उसके बाद ही उसका ऑपरेशन अथवा अन्य उपचार की व्यवस्था की जाती है। वर्तमान में लोगों की स्थिति ये है कि वे बहुत मजबूरी में ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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