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Bijnor News: वन्य जीव गलियारों के निर्माण में देरी पर फिर नोटिस जारी

Fri, 04 Sep 2026 10:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:48 PM IST
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Notice issued again on delay in construction of wildlife corridors
बिजनौर। हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर वन्य जीव गलियारों के निर्माण में देरी पर कंपनी को फिर से नोटिस जारी किया गया है। दरअसल सितंबर 2026 तक निर्माण का लक्ष्य रखा गया था मगर अभी तक काम 75 फीसदी ही हो पाया है। नोटिस जारी करते हुए दिसंबर तक हर हाल में निर्माण पूरा करने की हिदायत दी गई है।
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हरिद्वार से काशीपुर तक हाईवे को फोरलेन में तब्दील किया गया था। करीब दो हजार करोड़ रुपये की लागत से बने हाईवे में नगीना से काशीपुर तक पहले ही निर्माण पूरा कर लिया गया था। इस हिस्से में पुरैनी में टोल वसूला जा रहा है। उधर नगीना से हरिद्वार के बीच निर्माण सालों तक अधर में लटका रहा। इस बीच कई ठेकेदार बदल गए। नगीना से हरिद्वार के बीच निर्माण पूरा हो गया है लेकिन भागूवाला से हरिद्वार के बीच वन्य जीव गलियारों का निर्माण अब भी चल रहा है।
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वन्य जीव गलियारों का निर्माण परियोजना में बाद में शामिल किया गया था ताकि हाथी और अन्य वन्य जीव हाईवे के नीचे से सुरक्षित आवाजाही कर सकें। इसकी वजह थी कि भागूवाला से हरिद्वार के बीच कई जगहों पर सड़क पर हाथी आकर खड़े हो जाते थे। रास्ता भी बंद हो जाता था, जिसके चलते छह जगहों पर अलग-अलग अंडर पास और ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इन सभी की कुल लंबाई 4.71 किमी है। इन ओवर ब्रिज और अंडर पास को ही वन्य जीव गलियारों का नाम दिया गया है। हालांकि अभी 75 फीसदी निर्माण ही पूरा हो पाया है।
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मिट्टी के अभाव में लटका है निर्माण
नेशनल हाईवे के सूत्रों की मानें तो ओवर ब्रिज और अंडर पास बनकर तैयार है। इन्हें सड़क से जोड़ने के लिए मिट्टी का काम होना बाकी है ताकि मिट्टी डालकर सड़क बनाई जा सके। हरिद्वार में मिट्टी महंगी मिल रही है जबकि बिजनौर जिले से मिट्टी ले जाने में भी तमाम अड़चन सामने आई थी।


वर्जन
परियोजना निदेशक शंकेस शर्मा ने बताया कि बरसात के चलते मिट्टी नहीं मिल पाई थी। अब दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। वन्य जीव गलियारों का निर्माण 75 फीसदी पूरा हो चुका है। देरी के चलते नोटिस भी जारी किया गया है।
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