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पांच साल में नहीं बिका एक भी प्लेटफार्म टिकट
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पांच साल में नहीं बिका एक भी प्लेटफार्म टिकट
बिजनौर। बिना चेकिंग के रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अक्सर लोग प्लेटफार्म टिकट लिए बगैर ही स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं। इससे एक ओर जहां स्टेशन पर भारी भरकम भीड़ रहती है, वहीं रेलवे को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। अफसरों की मानें तो पिछले पांच साल से एक भी प्लेटफार्म टिकट की बिक्री नहीं हुई है। प्लेट फार्म टिकट दस रुपये का होता है और इससे अधिकतम दो घंटे तक ही स्टेशन परिसर में रहा जा सकता है।
बिजनौर स्टेशन से प्रतिदिन 12 ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें नौ पैसेंजर और तीन एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। यहां से प्रतिदिन करीब साढ़े चार हजार यात्री विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। अक्सर लोग स्टेशन पर फिजूल में मंडराते रहते हैं। इनमें काफी लोग ऐसे होते हैं, जो मेहमानों एवं अपने परिचितों आदि को ट्रेन तक पहुंचाने के लिए स्टेशन परिसर में आते हैं। चेकिंग न होने से ये लोग स्टेशन परिसर में प्रवेश करके घंटों वहां गुजार देते हैं। इससे एक ओर स्टेशन परिसर में बेवजह की भीड़ लगती है, तो वहीं दूसरी ओर रेलवे को लाखों रुपये का चूना लगता है।
नियमानुसार बिना प्लेटफार्म टिकट लिए स्टेशन परिसर में नहीं घूमना चाहिए। बिना टिकट पकड़े जाने पर रेलवे की ओर से 250 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। चेकिंग न होने की वजह से लोग बेखौफ होकर स्टेशन पर आते और चले जाते हैं। प्लेटफार्म टिकट दस रुपये का है। इससे केवल दो घंटे तक ही टिकटधारक स्टेशन परिसर में रह सकता है, लेकिन लोग काफी समय तक वहां पर रहते हैं। आलम ये है कि पिछले पांच सालों में एक भी प्लेटफार्म टिकट नहीं बिका है। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने प्लेटफार्म टिकट की बिक्री पर नाराजगी जताई है। उच्चाधिकारियों ने बिना चेकिंग के स्टेशन परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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बिजनौर। बिना चेकिंग के रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अक्सर लोग प्लेटफार्म टिकट लिए बगैर ही स्टेशन परिसर में घूमते रहते हैं। इससे एक ओर जहां स्टेशन पर भारी भरकम भीड़ रहती है, वहीं रेलवे को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। अफसरों की मानें तो पिछले पांच साल से एक भी प्लेटफार्म टिकट की बिक्री नहीं हुई है। प्लेट फार्म टिकट दस रुपये का होता है और इससे अधिकतम दो घंटे तक ही स्टेशन परिसर में रहा जा सकता है।
बिजनौर स्टेशन से प्रतिदिन 12 ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें नौ पैसेंजर और तीन एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। यहां से प्रतिदिन करीब साढ़े चार हजार यात्री विभिन्न स्थानों के लिए यात्रा करते हैं। अक्सर लोग स्टेशन पर फिजूल में मंडराते रहते हैं। इनमें काफी लोग ऐसे होते हैं, जो मेहमानों एवं अपने परिचितों आदि को ट्रेन तक पहुंचाने के लिए स्टेशन परिसर में आते हैं। चेकिंग न होने से ये लोग स्टेशन परिसर में प्रवेश करके घंटों वहां गुजार देते हैं। इससे एक ओर स्टेशन परिसर में बेवजह की भीड़ लगती है, तो वहीं दूसरी ओर रेलवे को लाखों रुपये का चूना लगता है।
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नियमानुसार बिना प्लेटफार्म टिकट लिए स्टेशन परिसर में नहीं घूमना चाहिए। बिना टिकट पकड़े जाने पर रेलवे की ओर से 250 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। चेकिंग न होने की वजह से लोग बेखौफ होकर स्टेशन पर आते और चले जाते हैं। प्लेटफार्म टिकट दस रुपये का है। इससे केवल दो घंटे तक ही टिकटधारक स्टेशन परिसर में रह सकता है, लेकिन लोग काफी समय तक वहां पर रहते हैं। आलम ये है कि पिछले पांच सालों में एक भी प्लेटफार्म टिकट नहीं बिका है। स्टेशन अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि रेलवे प्रशासन ने प्लेटफार्म टिकट की बिक्री पर नाराजगी जताई है। उच्चाधिकारियों ने बिना चेकिंग के स्टेशन परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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