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एनओसी को डब्ल्यूआईआई देहरादून की रिपोर्ट का इंतजार

Mon, 21 Feb 2022 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 12:32 AM IST
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NOC awaits WII Dehradun report
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर बिजनौर-नजीबाबाद के बीच होता फोरलेन का निर्माण। - फोटो : BIJNOR
एनओसी को डब्ल्यूआईआई देहरादून की रिपोर्ट का इंतजार
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बिजनौर। बहसूमा से बिजनौर तक 40 किलोमीटर की दूरी में फोरलेन का निर्माण वन्य जीव बोर्ड की एनओसी के बाद ही हो सकेगा। इसके लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून (डब्ल्यूआईआई) आकलन (स्टडी) कर रहा है। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर ही वन्य जीव बोर्ड दिल्ली एनओसी जारी करेगा। दरअसल, हस्तिनापुर अभ्यारण्य से हाईवे के गुजरने की वजह से यहां निर्माण नहीं हो सकता। बाकी जगहों पर फोरलेन का काम तेजी से चल रहा है।
मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे को मेरठ से कोटद्वार तक फोरलेन में तब्दील किया जाना है। मेरठ से बहसूमा और बिजनौर से नजीबाबाद तक हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। बिजनौर के स्वाहेड़ी और किरतपुर में बाईपास का निर्माण अंतिम चरण में है। इस दूरी में पुल और अंडरपास भी बनाए जा रहे हैं। निर्माण कंपनी के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि अगले साल तक बिजनौर से नजीबाबाद तक हाईवे को फोरलेन कर दिया जाएगा।
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हस्तिनापुर अभ्यारण्य में फंसा है पेंच
मेरठ से नजीबाबाद तक हाईवे का 40 किलोमीटर का हिस्सा हस्तिनापुर अभ्यारण्य से गुजर रहा है। यह बहसूमा से बिजनौर तक है। इस दूरी में निर्माण वन्य जीव बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद हो सकेगा। एनओसी के लिए फिलहाल भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की टीम स्टडी कर रही है। आकलन किया जा रहा है कि फोरलेन का निर्माण होने से वन्य जीवों के लिए खतरा तो पैदा नहीं होगा या फिर पेड़ कट जाने से कोई दुष्प्रभाव तो अभ्यारण्य को नहीं होगा। तमाम बिन्दुओं पर स्टडी की जा रही है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर वन्य जीव बोर्ड दिल्ली को भेजी जाएगी। वन्य जीव बोर्ड की एनओसी के बाद ही बिजनौर बैराज पर नया पुल बनेगा। बता दें कि पुल की अप्रोच रोड भी हस्तिनापुर अभ्यारण्य में आ रही है। हाईवे का बिजनौर बाईपास भी तभी बन सकेगा।
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हस्तिनापुर अभ्यारण्य में फोरलेन का निर्माण एनओसी के बाद ही हो सकेगा। बाकी हिस्से में निर्माण चल रहा है। एनओसी के लिए वाइल्ड लाइफ देहरादून स्टडी कर रहा है। जिसके बाद ही दिल्ली वाइल्ड लाइफ बोर्ड दिल्ली से एनओसी मिल सकेगी ।
- दिनेश चतुर्वेदी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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