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माता पिता के आर्शीवाद से बढ़ कर दुनिया में कोई दौलत नहीं: शशिकांत वशिष्ठ
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माता पिता के आशीर्वाद से बढ़कर कोई दौलत नहीं: वशिष्ठ
धामपुर। शिव महापुराण कथा व्यास महंत शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि माता पिता की सेवा कर भक्ति करने से सभी देव देवता प्रसन्न रहते हैं। भगवान श्रीराम ने पिता के आदेश पाकर 14 साल तक वनों में रह कर आसुरी शक्तियों का विनाश किया। यदि वह नहीं जाते, तो आसुरी शक्तियों का विनाश संभव नहीं था।
धामपुर के राम मंदिर में संपन्न कार्यक्रम में शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि मां बाप से बढ़ कर मानव के पास और कोई दौलत नहीं होती। धन तो चलायमान है, लेकिन मां बाप का दिया आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता है। वह अथाह पूंजी है। अपने से बड़ों का आशीर्वाद दुनिया का सबसे बड़ा नोट है। यह आशीर्वाद रूपी नोट छापने की मशीन किसी भी देश की सरकार ने आजतक नहीं बनाई। अपने बड़ों की सेवा कर उनसे जितना आशीर्वाद पाओ, वहीं दुनिया की अपार संपत्ति है। जिस पर कोई टैक्स भी नहीं लगता। इसलिए मानव मात्र को घर परिवार को वैभवशाली बनाने को बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। घर को संस्कार शाला और घर के बड़ों को संस्कृताचार्य मानकर संस्कार ग्रहण करने चाहिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। महंत ने बताया कि 13 नवंबर को 21 नवंबर तक के लिए नोएडा सेक्टर 21 में श्रीशिव महापुराण कथा का आयोजन होगा।
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धामपुर। शिव महापुराण कथा व्यास महंत शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि माता पिता की सेवा कर भक्ति करने से सभी देव देवता प्रसन्न रहते हैं। भगवान श्रीराम ने पिता के आदेश पाकर 14 साल तक वनों में रह कर आसुरी शक्तियों का विनाश किया। यदि वह नहीं जाते, तो आसुरी शक्तियों का विनाश संभव नहीं था।
धामपुर के राम मंदिर में संपन्न कार्यक्रम में शशिकांत वशिष्ठ ने कहा कि मां बाप से बढ़ कर मानव के पास और कोई दौलत नहीं होती। धन तो चलायमान है, लेकिन मां बाप का दिया आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता है। वह अथाह पूंजी है। अपने से बड़ों का आशीर्वाद दुनिया का सबसे बड़ा नोट है। यह आशीर्वाद रूपी नोट छापने की मशीन किसी भी देश की सरकार ने आजतक नहीं बनाई। अपने बड़ों की सेवा कर उनसे जितना आशीर्वाद पाओ, वहीं दुनिया की अपार संपत्ति है। जिस पर कोई टैक्स भी नहीं लगता। इसलिए मानव मात्र को घर परिवार को वैभवशाली बनाने को बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। घर को संस्कार शाला और घर के बड़ों को संस्कृताचार्य मानकर संस्कार ग्रहण करने चाहिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। महंत ने बताया कि 13 नवंबर को 21 नवंबर तक के लिए नोएडा सेक्टर 21 में श्रीशिव महापुराण कथा का आयोजन होगा।
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