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सार्वजनिक शौचालय हटाए जाने को हुई बैठक बेनतीजा
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खुली बैठक में नहीं निकला कोई नतीजा
हल्दौर। संत शिरोमणि गुरु रविदास धर्मशाला से सामुदायिक शौचालय को हटाए जाने को लेकर हुई खुली बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। निजी धर्मशाला में बनाए गए सामुदायिक शौचालय सार्वजनिक रूप से चलाए जाने को लेकर लोग राजी नहीं हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने की बात कही है।
गांव लाडनपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास धर्मशाला में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लोगों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने गुमराह कर उनकी धर्मशाला की निजी जमीन में शौचालय का निर्माण करा दिया था। लोगों का कहना है कि उनकी धर्मशाला में शौचालय का निर्माण होने से धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे डीपीआरओ सतीश कुमार, नायब तहसीलदार अजय कुमार आदि अधिकारियों की टीम ने गांव के पंचायतघर में ग्रामीणों की खुली बैठक ली। बैठक में कुछ लोगों ने धर्मशाला से सामुदायिक शौचालय हटाने की मांग पर अड़ गए, जबकि गांव के कुछ लोग शौचालय के पक्ष में रहे। अधिकारियों ने शौचालय हटाए जाने के पक्षधर लोगों से अपने-अपने शपथ पत्र डीएम के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कह कर ग्रामीणों को शांत किया और बैठक समाप्त करा दी।
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हल्दौर। संत शिरोमणि गुरु रविदास धर्मशाला से सामुदायिक शौचालय को हटाए जाने को लेकर हुई खुली बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। निजी धर्मशाला में बनाए गए सामुदायिक शौचालय सार्वजनिक रूप से चलाए जाने को लेकर लोग राजी नहीं हुए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित करने की बात कही है।
गांव लाडनपुर में संत शिरोमणि गुरु रविदास धर्मशाला में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लोगों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान ने गुमराह कर उनकी धर्मशाला की निजी जमीन में शौचालय का निर्माण करा दिया था। लोगों का कहना है कि उनकी धर्मशाला में शौचालय का निर्माण होने से धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। डीएम उमेश मिश्रा के निर्देश पर बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे डीपीआरओ सतीश कुमार, नायब तहसीलदार अजय कुमार आदि अधिकारियों की टीम ने गांव के पंचायतघर में ग्रामीणों की खुली बैठक ली। बैठक में कुछ लोगों ने धर्मशाला से सामुदायिक शौचालय हटाने की मांग पर अड़ गए, जबकि गांव के कुछ लोग शौचालय के पक्ष में रहे। अधिकारियों ने शौचालय हटाए जाने के पक्षधर लोगों से अपने-अपने शपथ पत्र डीएम के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कह कर ग्रामीणों को शांत किया और बैठक समाप्त करा दी।
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