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नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मुंह बोली बहन हैं माता गौरी रैना, पढ़िए क्या है पूरी कहानी
Sat, 23 Jan 2021 01:13 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अनिल यादव, अमर उजाला, बिजनौर
अनिल यादव, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2021 01:13 PM IST
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माता गौरी रैना
- फोटो : अमर उजाला
भारत सेवा धाम आश्रम मोरना के संस्थापक रामकुमार कमल का नेताजी सुभाषचंद्र बोस से गहरा नाता रहा है। उनका रहन सहन व बोलचाल के ढंग से काफी लोग उन्हें नेताजी समझ लेते थे। आश्रम में रह रहीं माता गौरी रैना को नेताजी की मुंह बोली बहन बताया जाता है। करीब 105 वर्ष से अधिक उम्र में माता गौरी रैना अब भी चल फिर लेती हैं। हालांकि उनकी बातें समझ में नहीं आती, लेकिन बोलचाल में वह कई बार नेताजी का नाम लेती हैं, जिससे लगता है कि उनका नाता कभी सुभाषचंद्र बोस से रहा है।
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बिजनौर में नूरपुर के गांव मोरना में धामपुर रोड पर नदी किनारे बने सेवाधाम आश्रम के सेक्रेट्री अनिल कुमार कमल के अनुसार वर्ष 1982 में डॉ. रामकुमार कमल संपूर्ण भारत की यात्रा करते हुए मोरना आए। उनके साथ ही माता गौरी रैना भी यहां आई थीं। उन्होंने नदी के किनारे भारत सेवाधाम आश्रम की स्थापना की। अनिल कुमार कमल के अनुसार डॉ. रामकुमार कमल खुद को चंदौसी का निवासी बताते थे। उनके रहन-सहन और बोलचाल से लोग उन्हें नेताजी सुभाषचंद्र बोस समझ लेते थे। ऐसा माना जाता था कि आजाद हिंद फौज में वह नेताजी के काफी करीबी रहे थे। वर्ष 1991 में डॉ. रामकुमार कमल की मौत हो गई।
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आश्रम में रह रहीं माता गौरी रैना डॉ. रामकुमार कमल के साथ ही मोरना आईं थीं। इस समय उनकी उम्र 105 वर्ष से अधिक है। इतनी उम्र होने के बाद भी वह खुद चल फिर लेती हैं। हालांकि उनकी बातें समझ में नहीं आतीं, लेकिन नेताजी का नाम लेने से जिस प्रकार उनकी आंखों में चमक आती है उससे लगता है वह नेताजी सुभाषचंद्र बोस को काफी अच्छे से जानती थीं। अनिल कुमार कमल के मुताबिक, माता गौरी रैना नेताजी की मुंह बोली बहन हैं। नेताजी ने उन्हें बंगाल में आई बाढ़ से बचाया था। उन्होंने एक बार नेताजी की जान भी बचाई थी।
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नेताजी की जयंती पर होता है भंडारा
भारत सेवा धाम आश्रम में प्रत्येक वर्ष नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस कार्यक्रम में काफी लोग भाग लेते हैं। आश्रम में बनी गौशाला में बड़ी संख्या में गाय भी पाली जाती हैं।
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