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एक कोच के भरोसे चल रहा है नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम
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बिजनौर नेहरू स्टेडियम में अभ्यास करते युवा। फाइल फोटो
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। जिला मुख्यालय पर स्थित नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल में निपुण होने के लिए एकलव्य तो हैं किंतु उनकी प्रतिभा निखरने के लिए द्रोणाचार्य ही नहीं हैं। एथलेटिक्स समेत 11 खेलों के लिए जिला मुख्यालय स्थित नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम में सामान उपलब्ध हैं, लेकिन मार्च से ही यहां केवल एक ही कोच हैं, उनके पास प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी का भी दायित्व है। वे भी कार्यालय संबंधी अन्य काम में व्यस्त रहते हैं। खेल विभाग की तरफ से खेल निदेशालय को पत्र भेजकर कोच की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स, हॉकी, वालीबाल, कबड्डी, फुटबाल, खो-खो, क्रिकेट, बैडमिंटन, शूटिंग, तैराकी, बास्केट बाल सहित 11 खेलों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इन लगभग 250 खिलाड़ी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। इनकी प्रतिभा में निखार लाने के लिए हर साल खेल विभाग की तरफ से अनुभवी कोच की तैनाती होती रही है, लेकिन बीते मार्च में ही यहां कार्यरत सभी कोच का अनुबंध समाप्त हो गया था। प्रत्येक वर्ष अनुुबंध के आधार पर कोच रखे जाते हैं। इस बार लॉकडाउन खुलने के बाद खिलाड़ियों के लिए किसी नए कोच की तैनाती नहीं हुई। लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्टेडियम में खिलाड़ियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 25 सितंबर से प्रशिक्षण के लिए छूट मिली थी, लेकिन यहां पर केवल एथलेटिक्स कोच जयवीर सिंह ही एकमात्र प्रशिक्षक हैं। वह उप जिला क्रीड़ाधिकारी हैं और उनके पास प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी का भी चार्ज है।
नियमानुसार हर खेल का प्रशिक्षण देने के लिए कोच नियुक्त होना जरूरी है। यहां पर अंशकालिक कोच रहे धर्मदेव भाटी, चित्रा चौहान, सैयद सादिक अनीस, अंशु चौधरी के अनुसार नवंबर से फरवरी का समय खेलों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। इस अवधि में आसपास के खिलाड़ी भी स्टेडियम पहुंचते हैं, परंतु कोच नहीं होने के चलते वे लोग स्वत: ही अभ्यास कर लौट जाते हैं। उनके खेल को निखारने वाला कोई दक्ष कोच नहीं है। जिससे ग्रामीण अंचल के एथलीट आगे नहीं बढ़ पाते।
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स्टेडियम में कोच की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को कई बार पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक उच्चाधिकारियों की तरफ से निर्देश नहीं मिले हैं - जयवीर सिंह, प्रभारी जिला क्रीडाधिकारी, नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम, बिजनौर
खेल खिलाड़ी
एथलेटिक्स 99
क्रिकेट 39
बास्केटबाल 19
फुटबाल 26
हॉकी 25
वालीबाबल 20
कुश्ती 22
नोट-:आंकड़े जिला खेल कार्यालय से लिये गए हैं।
शैली और निष्ठा मथुरा में ले रहीं निशानेबाजी का प्रशिक्षण
बिजनौर। कोरोना काल में खेल प्रतियोगिताएं तो नहीं हो पाईं, लेकिन खिलाड़ियों ने काफी अभ्यास किया। नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दरियापुर निवासी शैली और ग्राम शादीपुर निवासी निष्ठा गुप्ता तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं। शैली ने बताया कि वह मथुरा स्थित मथुरा आर्चरी एकेडमी में तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं। निष्ठा गुप्ता भी वहीं से तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। शैली दो वर्ष पूर्व सोनभद्र में हुई प्रदेश स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में 8वें स्थान पर रही थीं। निष्ठा ने भी गत वर्ष बुलंदशहर में हुई तीरंदाजी प्रतियोगिता में इंडियन राउंड में पांचवा स्थान प्राप्त किया था।
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नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स, हॉकी, वालीबाल, कबड्डी, फुटबाल, खो-खो, क्रिकेट, बैडमिंटन, शूटिंग, तैराकी, बास्केट बाल सहित 11 खेलों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इन लगभग 250 खिलाड़ी स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। इनकी प्रतिभा में निखार लाने के लिए हर साल खेल विभाग की तरफ से अनुभवी कोच की तैनाती होती रही है, लेकिन बीते मार्च में ही यहां कार्यरत सभी कोच का अनुबंध समाप्त हो गया था। प्रत्येक वर्ष अनुुबंध के आधार पर कोच रखे जाते हैं। इस बार लॉकडाउन खुलने के बाद खिलाड़ियों के लिए किसी नए कोच की तैनाती नहीं हुई। लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्टेडियम में खिलाड़ियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 25 सितंबर से प्रशिक्षण के लिए छूट मिली थी, लेकिन यहां पर केवल एथलेटिक्स कोच जयवीर सिंह ही एकमात्र प्रशिक्षक हैं। वह उप जिला क्रीड़ाधिकारी हैं और उनके पास प्रभारी जिला क्रीड़ाधिकारी का भी चार्ज है।
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नियमानुसार हर खेल का प्रशिक्षण देने के लिए कोच नियुक्त होना जरूरी है। यहां पर अंशकालिक कोच रहे धर्मदेव भाटी, चित्रा चौहान, सैयद सादिक अनीस, अंशु चौधरी के अनुसार नवंबर से फरवरी का समय खेलों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना जाता है। इस अवधि में आसपास के खिलाड़ी भी स्टेडियम पहुंचते हैं, परंतु कोच नहीं होने के चलते वे लोग स्वत: ही अभ्यास कर लौट जाते हैं। उनके खेल को निखारने वाला कोई दक्ष कोच नहीं है। जिससे ग्रामीण अंचल के एथलीट आगे नहीं बढ़ पाते।
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स्टेडियम में कोच की तैनाती के लिए खेल निदेशालय को कई बार पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक उच्चाधिकारियों की तरफ से निर्देश नहीं मिले हैं - जयवीर सिंह, प्रभारी जिला क्रीडाधिकारी, नेहरु स्पोर्ट्स स्टेडियम, बिजनौर
खेल खिलाड़ी
एथलेटिक्स 99
क्रिकेट 39
बास्केटबाल 19
फुटबाल 26
हॉकी 25
वालीबाबल 20
कुश्ती 22
नोट-:आंकड़े जिला खेल कार्यालय से लिये गए हैं।
शैली और निष्ठा मथुरा में ले रहीं निशानेबाजी का प्रशिक्षण
बिजनौर। कोरोना काल में खेल प्रतियोगिताएं तो नहीं हो पाईं, लेकिन खिलाड़ियों ने काफी अभ्यास किया। नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दरियापुर निवासी शैली और ग्राम शादीपुर निवासी निष्ठा गुप्ता तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं। शैली ने बताया कि वह मथुरा स्थित मथुरा आर्चरी एकेडमी में तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं। निष्ठा गुप्ता भी वहीं से तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। शैली दो वर्ष पूर्व सोनभद्र में हुई प्रदेश स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में 8वें स्थान पर रही थीं। निष्ठा ने भी गत वर्ष बुलंदशहर में हुई तीरंदाजी प्रतियोगिता में इंडियन राउंड में पांचवा स्थान प्राप्त किया था।