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कसौंदी की फली खाने से मासूम ने दम तोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 16 Oct 2015 11:58 PM IST
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बिजनौर। अपने ननिहाल में रह रही चार साल की एक मासूम बच्ची ने खेल खेल में कसौंदी की फली खा ली। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी मौत हो गई।
मुरादाबाद जिले के कांठ निवासी आदेश कुमार की चार साल की पुत्री प्रीति काफी समय से गांव घासपुरा में अपनी ननिहाल में रह रही थी। परिजनों के अनुसार प्रीति ने तीन दिन पहले खेल खेल में झाड़ियों में उगी कसौंदी की फली खा ली।
जिस कारण उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनाें ने स्थानीय डॉक्टरों से उसका इलाज कराया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को परिजनों ने उसे बिजनौर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
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प्रीति की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन प्रीति के शव को अपने साथ लेकर चले गए। खेतों के किनारे खड़ी कसौंदी की फली खाने से पहले भी बच्चों की जान जा चुकी हैं, दरअसल खेल खेल में बच्चे इस फली को कोई फल समझकर खा लेते हैं, हादसों के बाद अधिकारी इन फलियाें की पौधे नष्ट कराने के दावे करते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
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मुरादाबाद जिले के कांठ निवासी आदेश कुमार की चार साल की पुत्री प्रीति काफी समय से गांव घासपुरा में अपनी ननिहाल में रह रही थी। परिजनों के अनुसार प्रीति ने तीन दिन पहले खेल खेल में झाड़ियों में उगी कसौंदी की फली खा ली।
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जिस कारण उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनाें ने स्थानीय डॉक्टरों से उसका इलाज कराया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार को परिजनों ने उसे बिजनौर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
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प्रीति की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन प्रीति के शव को अपने साथ लेकर चले गए। खेतों के किनारे खड़ी कसौंदी की फली खाने से पहले भी बच्चों की जान जा चुकी हैं, दरअसल खेल खेल में बच्चे इस फली को कोई फल समझकर खा लेते हैं, हादसों के बाद अधिकारी इन फलियाें की पौधे नष्ट कराने के दावे करते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।