फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Neem corridor will be built on the side of fourlane highway, seeds will be planted directly on the lines of Rajasthan model

विकास की बात: फोरलेन हाईवे के किनारे बनेंगे नीम कॉरीडोर, राजस्थान मॉडल की तर्ज पर सीधे लगाए जाएंगे बीज

Tue, 05 Jul 2022 06:42 PM IST
कपिल kapil रजनीश त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
रजनीश त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 05 Jul 2022 06:42 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर के लिए एक खास खबर है। यहां मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे-119 को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है।

विज्ञापन
Neem corridor will be built on the side of fourlane highway, seeds will be planted directly on the lines of Rajasthan model
फोरलेन हाईवे। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अब हाईवे के किनारे यूकेलिप्टस के लंबे पेड़ नहीं दिखाई देंगे, बल्कि नीम की ठंडी छाव मिलेगी। वन विभाग जिले से गुजर रहे फोरलेन हाईवे किनारे नीम कॉरीडोर विकसित करने की तैयारी कर रहा है। दरअसल, हाईवे की खाली पड़ी जमीन पर नीम लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए कुछ जगहों पर नीम के पौधे लगाए जाएंगे तो बड़ी जगह पर राजस्थान की तर्ज पर सीधे नीम के बीज ही लगाए जाएंगे। नीम कॉरीडोर पर्यावरण को तो फायदा करेगा ही, साथ ही इसकी छाव में रुककर यात्री इसके औषधीय गुणों का लाभ भी उठा सकेंगे। 

विज्ञापन


बिजनौर जिले में मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे-119 को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। इससे पहले तक यह हाईवे टू लेन यानि दस मीटर चौड़ा ही था। फोरलेन करने के लिए सड़क के दोनों ओर खड़े पेड़ काट दिए गए। अब यह सड़क पेड़ विहीन हो चुकी है। उधर, हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे-74 को फोरलेन में तब्दील कर लिया गया है। इस हाईवे को फोरलेन करने का काम जिले में कुछ ही जगहों पर बाकी रह गया है। इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए भी पेड़ काट दिए गए थे। 
विज्ञापन


उधर, पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा बनी बिजनौर कोतवाली रोड पर भी सड़क निर्माण चल रहा है। यह फोरलेन तो नहीं हो रही है, लेकिन चौड़ाई बढ़ रही है। फिर भी बिजनौर कोतवाली मार्ग के दोनों ओर खड़े दरख्त पेड़ों को काट डाला गया। अब इन तीनों ही हाईवे के किनारे नीम कॉरीडोर बनाए जाने की कवायद चल रही है। यानि सड़क के दोनों ओर खाली पड़ी जमीन पर अधिकांश संख्या में नीम के पौधे रोपित किए जाएंगे। हालांकि फलदार पौधे भी लगेंगे लेकिन, दो तिहाई संख्या नीम की होगी। वन विभाग ने अपनी नर्सरी में नीम की पौध तैयार करना भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: PHOTOS: आलीशान कोठियों पर चला योगी का बुलडोजर, हाजी इकबाल और महमूद अली पर हुई कार्रवाई से मचा हड़कंप

काटे गए थे लगभग ढाई लाख पेड़
तीनों हाईवे बनाने के लिए पिछले तीन सालों के भीतर ही करीब ढाई लाख पेड़ काट दिए गए। हरिद्वार-काशीपुर हाईवे के किनारे खड़े हजारों पेड़ों पर सड़क के विकास के लिए ही आरी चली थी। वहीं मेरठ-पौड़ी हाईवे को फोरलेन बनाने के लिए बिजनौर से नजीबाबाद तक सभी पेड़ काट दिए गए। उधर, पेड़ों की अधिकता की वजह से जिले की सबसे ठंडी कहलाए जानी वाली बिजनौर कोतवाली रोड भी आज पेड़ विहीन हो चुकी है। अभी बिजनौर से बैराज तक ही 15 हजार पेड़ काटे जाने हैं। काटे गए पेड़ों की पूर्ति करने के लिए ही बड़े स्तर पर पौधरोपण की तैयारी चल रही है। 

पौध तैयार करने का खर्च बचेगा
डीएफओ डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि पौध बड़े स्तर पर तैयार नहीं हो पाती। ऐसे में भी वन विभाग ने यह राजस्थान मॉडल अपनाने पर भी विचार किया है, जिसमें सड़क किनारे बरसात के मौसम में बीज रोपित कर दिए जाएंगे। बीज से अंकुर फुटने पर पौध तैयार होगी और उसी जगह यह पौध पेड़ बन जाएगा। इसमें पौध तैयार करने का खर्च भी बचेगा। बता दें कि यह राजस्थान में ऐसा ही हुआ है। 

जो सड़क चौड़ी हुई हैं, उनके किनारों पर यह प्रयोग किया जाएगा। दोनों ओर खाली पड़ी जमीन पर नीम के बीज और पौधे लगवाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए एनएच अथॉरिटी अफसरों से वार्ता कर पूरी योजना तैयार कर ली जाएगी। - डॉ. अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed