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माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी
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माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई होगी
बिजनौर। यूपी बोर्ड के स्कूलों में निजी लेखकों व प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई नहीं हो सकेगी। स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही अध्ययन न अध्यापन होगा। शासन ने इसके लिए विषयवार किताबों की सूची जारी कर दी है। साथ ही मुद्रक वह प्रकाशक भी तय कर दिए गए हैं।
शासन का माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर बनाने पर जोर है। विद्यालयों में पढ़ाई,लिखाई, खेलकूद आदि की सुविधाएं मुहय्या कराई जा रही है। बोर्ड से पूरे सत्र का शैक्षिक कलेंडर जारी कर दिया गया है। कलेंडर में महीने के अनुसार विषयवार पढ़ाए जाने वाला पाठ्यक्रम व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया गया है।
शासन ने माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया है। शासन की मंशा है कि विद्यालयों में स्तरीय गुणवत्तापूर्ण किताबों से ही पढ़ाया जाए। किताबों की गाइड, कुंजी आदि पर अंकुश लगे। इसलिए माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से ही अध्ययन व अध्यापन अनिवार्य किया गया है।
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किताबों के मुद्रण व प्रकाशन के लिए आगरा का एक तथा झांसी के दो मुद्रक वह वितरक नियुक्त किए हैं। तीनों मुद्रक कक्षा नौ से 12 तक पढ़ाए जाने वाले 34 विषयों की 67 पुस्तकों का मुद्रण करेंगे। शासन ने विषय व पुस्तक की सूची डीआईओएस कार्यालय को भेजी है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि पुस्तकों की सूची मिल गई है। शासन के निर्देशों पर अमल होगा।
ये है विषय
शासन ने विषय की जो सूची डीआईओएस कार्यालय भेजी है, उसमें कक्षा नौ व 10 के अंग्रेजी, विज्ञान, गणित तथा सामाजिक विज्ञान विषय की पुस्तकें, कक्षा 11 व 12 की अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, लेखा शास्त्र, मनोविज्ञान, गृहविज्ञान, व्यवसाय अध्ययन आदि 34 विषय शामिल हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार सूची विद्यालयों को भेजी जा रही है। जिले में 387 राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्त विहीन है।
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बिजनौर। यूपी बोर्ड के स्कूलों में निजी लेखकों व प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाई नहीं हो सकेगी। स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही अध्ययन न अध्यापन होगा। शासन ने इसके लिए विषयवार किताबों की सूची जारी कर दी है। साथ ही मुद्रक वह प्रकाशक भी तय कर दिए गए हैं।
शासन का माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक माहौल बेहतर बनाने पर जोर है। विद्यालयों में पढ़ाई,लिखाई, खेलकूद आदि की सुविधाएं मुहय्या कराई जा रही है। बोर्ड से पूरे सत्र का शैक्षिक कलेंडर जारी कर दिया गया है। कलेंडर में महीने के अनुसार विषयवार पढ़ाए जाने वाला पाठ्यक्रम व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया गया है।
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शासन ने माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया है। शासन की मंशा है कि विद्यालयों में स्तरीय गुणवत्तापूर्ण किताबों से ही पढ़ाया जाए। किताबों की गाइड, कुंजी आदि पर अंकुश लगे। इसलिए माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबों से ही अध्ययन व अध्यापन अनिवार्य किया गया है।
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किताबों के मुद्रण व प्रकाशन के लिए आगरा का एक तथा झांसी के दो मुद्रक वह वितरक नियुक्त किए हैं। तीनों मुद्रक कक्षा नौ से 12 तक पढ़ाए जाने वाले 34 विषयों की 67 पुस्तकों का मुद्रण करेंगे। शासन ने विषय व पुस्तक की सूची डीआईओएस कार्यालय को भेजी है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बताया कि पुस्तकों की सूची मिल गई है। शासन के निर्देशों पर अमल होगा।
ये है विषय
शासन ने विषय की जो सूची डीआईओएस कार्यालय भेजी है, उसमें कक्षा नौ व 10 के अंग्रेजी, विज्ञान, गणित तथा सामाजिक विज्ञान विषय की पुस्तकें, कक्षा 11 व 12 की अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, समाज शास्त्र, लेखा शास्त्र, मनोविज्ञान, गृहविज्ञान, व्यवसाय अध्ययन आदि 34 विषय शामिल हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार सूची विद्यालयों को भेजी जा रही है। जिले में 387 राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व वित्त विहीन है।