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शौचालय देख तबियत बिगड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:05 AM IST
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नजीबाबाद में शौचालय में लगीं घटिया ईंटों को देखते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त बनाने के प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मुअज्जम तुलसी में शौचालयों की बदहाल स्थिति देखकर निरीक्षण अधिकारी की तबियत बिगड़ गई।
नजीबाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत मुअज्जमपुर तुलसी, शेेखपुरगढ़ू, हरेवली, दिनौड़ा, तय्यबपुर गौरवा, रसूलपुर सैद, जटपुराखास, विजयपुर, बाकरपुर में शासकीय अनुदान पर निर्मित शौचालय का जिले से आईं टीमों ने शनिवार को आकस्मिक निरीक्षण किया। मुअज्जमपुर तुलसी में नोडल अधिकारी/बीएसए महेशचंद एवं डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट अंकुर शर्मा को शौचालय निर्माण में खामियां मिलीं। कुछ ग्रामीणों ने आबादी के बीच नालियों में शौच की गंदगी सड़ने की शिकायत की। एक शौचालय के निरीक्षण में फ्लश में पानी डालते ही गंदगी बाहर निकलने पर डीसी अंकुर शर्मा की तबियत बिगड़ गई। जांच में पता चला कि 49 में से नौ शौचालय बने ही नहीं हैं। जो शौचालय बने हैं, उनके निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लिंटर की जगह स्लैब डाले गए हैं। गड्ढे बनाने में आकार एवं उचित तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया। सेक्रेट्री गौसिया अंसारी और ग्राम प्रधान मो. खादिम की उपस्थिति में किए गए निरीक्षण के बाद जांच टीम ने निगेटिव रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। जिससे पंचायत को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के प्रयासों पर विराम लग गया। चमन सिंह, संजय, खैरुन्निसा, ताहिर, बब्लू आदि ग्रामीणों ने शौचालय न बने होने से परिजनों के कई परेशानियों से जूझने तथा वातावरण दूषित होने की बात कही। इसके अलावा शेखपुरगढ़ू सहित कुछ अन्य पंचायतों में भी शौचालयों के निर्माण में खामियां बताई गईं।
ओडीएफ टीम ने शौचालयों का निरीक्षण किया
रेहड़ में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ ने टीम ने अफजलगढ़ ब्लॉक के गांवों में शौचालयों की मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम को जांच में अधिकांश शौचालय मानक के अनुसार बने पाए। टीम ने मीटिंग कर ग्रामीणों को शौचालय के प्रयोग को लेकर जागरूक किया। शुक्रवार और शनिवार को ओडीएफ मिशन के अंतर्गत टीम ने क्षेत्र के गांव रेहड़, उदयपुर, दहलावाला, मानियावाला, अमाननगर, मच्छमार, रायपुरी, बादीगढ़, भगतावाला आदि में शौचालयों का डोर-टू-डोर जांच की। इस दौरान टीम ने गांव में बैठक कर ग्रामीणों से स्वच्छ भारत मिशन में लोगों की शौचालय के प्रति राय भी ली। ग्रामीणों से शौचालयों की धांधली की संबंध में पूछताछ की गई। ग्रामीणों ने शौचालयों में धांधली से इंकार करते हुए शौचालय निर्माण पर संतोष जताया। टीम ने ग्रामीणों को शौचालयों के उपयोग के प्रति जागरूक किया। शौचालय का गलत उपयोग करने पर 12 हजार की रिकवरी की जाएगी।
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नजीबाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत मुअज्जमपुर तुलसी, शेेखपुरगढ़ू, हरेवली, दिनौड़ा, तय्यबपुर गौरवा, रसूलपुर सैद, जटपुराखास, विजयपुर, बाकरपुर में शासकीय अनुदान पर निर्मित शौचालय का जिले से आईं टीमों ने शनिवार को आकस्मिक निरीक्षण किया। मुअज्जमपुर तुलसी में नोडल अधिकारी/बीएसए महेशचंद एवं डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट अंकुर शर्मा को शौचालय निर्माण में खामियां मिलीं। कुछ ग्रामीणों ने आबादी के बीच नालियों में शौच की गंदगी सड़ने की शिकायत की। एक शौचालय के निरीक्षण में फ्लश में पानी डालते ही गंदगी बाहर निकलने पर डीसी अंकुर शर्मा की तबियत बिगड़ गई। जांच में पता चला कि 49 में से नौ शौचालय बने ही नहीं हैं। जो शौचालय बने हैं, उनके निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लिंटर की जगह स्लैब डाले गए हैं। गड्ढे बनाने में आकार एवं उचित तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया। सेक्रेट्री गौसिया अंसारी और ग्राम प्रधान मो. खादिम की उपस्थिति में किए गए निरीक्षण के बाद जांच टीम ने निगेटिव रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। जिससे पंचायत को खुले में शौच मुक्त घोषित करने के प्रयासों पर विराम लग गया। चमन सिंह, संजय, खैरुन्निसा, ताहिर, बब्लू आदि ग्रामीणों ने शौचालय न बने होने से परिजनों के कई परेशानियों से जूझने तथा वातावरण दूषित होने की बात कही। इसके अलावा शेखपुरगढ़ू सहित कुछ अन्य पंचायतों में भी शौचालयों के निर्माण में खामियां बताई गईं।
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ओडीएफ टीम ने शौचालयों का निरीक्षण किया
रेहड़ में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ ने टीम ने अफजलगढ़ ब्लॉक के गांवों में शौचालयों की मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम को जांच में अधिकांश शौचालय मानक के अनुसार बने पाए। टीम ने मीटिंग कर ग्रामीणों को शौचालय के प्रयोग को लेकर जागरूक किया। शुक्रवार और शनिवार को ओडीएफ मिशन के अंतर्गत टीम ने क्षेत्र के गांव रेहड़, उदयपुर, दहलावाला, मानियावाला, अमाननगर, मच्छमार, रायपुरी, बादीगढ़, भगतावाला आदि में शौचालयों का डोर-टू-डोर जांच की। इस दौरान टीम ने गांव में बैठक कर ग्रामीणों से स्वच्छ भारत मिशन में लोगों की शौचालय के प्रति राय भी ली। ग्रामीणों से शौचालयों की धांधली की संबंध में पूछताछ की गई। ग्रामीणों ने शौचालयों में धांधली से इंकार करते हुए शौचालय निर्माण पर संतोष जताया। टीम ने ग्रामीणों को शौचालयों के उपयोग के प्रति जागरूक किया। शौचालय का गलत उपयोग करने पर 12 हजार की रिकवरी की जाएगी।
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