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कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश हुआ मुनीर
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कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश हुआ मुनीर
बिजनौर। गैंगेस्टर एक्ट की विशेष अदालत ने 91 लाख रुपये का बैंक कैश लूट और एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की हत्या में आरोपी मुनीर के खिलाफ विचाराधीन गैंगेस्टर एक्ट में शुक्रवार को इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा की गवाही रिकॉर्ड की गई। मुनीर को भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में कोर्ट में पेश किया गया।
वर्तमान में क्राइम ब्रांच अमरोहा में तैनात इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने मुनीर को गैंग लीडर बताते हुए गैंगेस्टर एक्ट का मामला थाना स्योहारा में दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि गैंग लीडर मुनीर व गैंग के अन्य सदस्यों रैय्यान, जैनी, तंजीम अहमद, रिजवान निवासी सहसपुर के साथ मिलकर गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा है। जनता में उसका भय है। उसका स्वतंत्र रहना ठीक नहीं है। उसने 2/3 अप्रैल 2016 की रात एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी थी। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक का धामपुर में 2015 में 91 लाख रुपये का कैश लूटा था। चार्जशीट में यह भी कहा गया था कि 2009 में मुनीर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए गया था। वहां उसकी मुलाकात आशुतोष मिश्रा, सादा, अतीउल्ला व सईद मेहर से हुई और वह अपराध जगत में उतर गया।
अलीगढ़ में उसने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। मुकदमे दर्ज होने पर वह दिल्ली के बाटला हाउस में मकान लेकर रहने लगा। एनआईए के अधिकारी तंजील अहमद जो शाहीन बाग में सपरिवार रहते थे। सहसपुर से होने के कारण मुनीर की तंजील अहमद से जान पहचान बढ़ी। मुनीर ने हथियार व फ्लैट हासिल करने के लिए यस बैंक के गार्ड को गोली मारकर डेढ़ करोड़ की लूट की। 2015 में धामपुर में पीएनबी का 91 लाख का कैश लूटा। दोनों लूट में से बड़ी रकम उसने तंजील अहमद को हथियार व फ्लैट खरीदने के लिए दी। बाद में तंजील अहमद के मुकर जाने और उसकी मदद न करने पर उसने उनकी हत्या कर दी। उस पर हत्या, लूट, डकैती के करीब 35 मुकदमे कई जिलों में दर्ज हैं।
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बिजनौर। गैंगेस्टर एक्ट की विशेष अदालत ने 91 लाख रुपये का बैंक कैश लूट और एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की हत्या में आरोपी मुनीर के खिलाफ विचाराधीन गैंगेस्टर एक्ट में शुक्रवार को इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा की गवाही रिकॉर्ड की गई। मुनीर को भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी में कोर्ट में पेश किया गया।
वर्तमान में क्राइम ब्रांच अमरोहा में तैनात इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने मुनीर को गैंग लीडर बताते हुए गैंगेस्टर एक्ट का मामला थाना स्योहारा में दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि गैंग लीडर मुनीर व गैंग के अन्य सदस्यों रैय्यान, जैनी, तंजीम अहमद, रिजवान निवासी सहसपुर के साथ मिलकर गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहा है। जनता में उसका भय है। उसका स्वतंत्र रहना ठीक नहीं है। उसने 2/3 अप्रैल 2016 की रात एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी थी। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक का धामपुर में 2015 में 91 लाख रुपये का कैश लूटा था। चार्जशीट में यह भी कहा गया था कि 2009 में मुनीर अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए गया था। वहां उसकी मुलाकात आशुतोष मिश्रा, सादा, अतीउल्ला व सईद मेहर से हुई और वह अपराध जगत में उतर गया।
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अलीगढ़ में उसने कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। मुकदमे दर्ज होने पर वह दिल्ली के बाटला हाउस में मकान लेकर रहने लगा। एनआईए के अधिकारी तंजील अहमद जो शाहीन बाग में सपरिवार रहते थे। सहसपुर से होने के कारण मुनीर की तंजील अहमद से जान पहचान बढ़ी। मुनीर ने हथियार व फ्लैट हासिल करने के लिए यस बैंक के गार्ड को गोली मारकर डेढ़ करोड़ की लूट की। 2015 में धामपुर में पीएनबी का 91 लाख का कैश लूटा। दोनों लूट में से बड़ी रकम उसने तंजील अहमद को हथियार व फ्लैट खरीदने के लिए दी। बाद में तंजील अहमद के मुकर जाने और उसकी मदद न करने पर उसने उनकी हत्या कर दी। उस पर हत्या, लूट, डकैती के करीब 35 मुकदमे कई जिलों में दर्ज हैं।
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