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महेशचंद्र गुप्ता के घर पर बनती थी रणनीति

Tue, 10 Aug 2021 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 11:51 PM IST
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Movement strategy was made at Maheshchandra Gupta's house
चांदपुर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महेश चंद्र गुप्ता। - फोटो : BIJNOR
महेशचंद्र गुप्ता के घर पर बनती थी आंदोलन की रणनीति
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चांदपुर। देश को आजाद कराने की जंग में चांदपुर के क्रांतिकारियों ने भी अपना जज्बा दिखाया था। देश की आजादी में नगर के महेशचंद्र गुप्ता, महेश सरन गर्ग आदि अनेक युवा क्रांतिकारियों की मिसाल आज भी कायम है।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्टेशन रोड पर महेशचंद्र गुप्ता के आवास पर आनंद भवन के नाम से क्रांतिकारियों का कार्यालय हुआ करता था, जहां से स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति तैयार की जाती थी। क्रांतिकारी मो. हाफिज इब्राहिम, गोविंद शाह का कार्यालय पर आनाजाना लगा रहता था। क्रांतिकारी महेश चंद्र गुप्ता की 86 वर्षीय पत्नी माया गुप्ता, पुत्र राजीव लोचन व रंजन गुप्ता ने बताया कि देश की आजादी की लड़ाई के लिए नगर के युवाओं में भी देश को आजाद कराने का जुनून था। चांदपुर के युवा स्वतंत्रता संग्राम के अनेक आंदोलनों में शामिल रहे हैं। नगर के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से सीधी टक्कर ली थी। उस समय महेश चंद्र गुप्ता की आयु करीब 17 वर्ष व महेश सरन गर्ग की आयु करीब 18 वर्ष रही होगी। दोनों ने अपने साथियों के साथ नौ अगस्त 1942 को रेलवे स्टेशन पर बनी अंग्रेजी हुकूमत की यूनियन जैक को फूंककर तिरंगा झंडा लहराया था। आंदोलन के दौरान वे जेल भी गए। आजादी की लड़ाई में चांदपुर का नेतृत्व किया था। स्वतंत्रता संग्राम के समय में महेश चंद्र गुप्ता ने जेल में तिरंगा न मिलने पर अपने बनियान से तिरंगा तैयार कर अपने साथियों के साथ तिरंगे को सलामी दी थी। इन क्रांतिकारियों ने जेल में अपने बनियान पर नीम के पत्ते पीसकर हरा रंग व गेरू से केसरिया रंग भरकर व सफेद बनियान की पट्टी से तिरंगा तैयार किया था। महेश चंद्र गुप्ता के पुत्र रंजन गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत आदि अनेक क्रांतिकारी लोग चांदपुर आनंद भवन में आ चुके हैं। जब पंडित नेहरू चांदपुर आए तो कार्यालय पर आनंद भवन लिखा देख बहुत खुश हुए थे, क्योंकि उनका इलाहाबाद में भी आनंद भवन था। नगर के क्रांतिकारियों के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं।
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