{"_id":"6223a22567ac5521334fbfa8","slug":"more-than-50-students-of-the-district-are-waiting-to-return-home-bijnor-news-mrt579383551","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 50 से अधिक छात्रों को वतन वापसी का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 50 से अधिक छात्रों को वतन वापसी का इंतजार
विज्ञापन
यूक्रेन से लौटने के बाद अपने परिजनों के साथ हीमपुरदीपा का मोहम्मद जब्बार।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के 50 से अधिक छात्रों को वतन वापसी का इंतजार
बिजनौर। जिले के 50 से अधिक छात्रों की अभी वतन वापसी नहीं हो सकी है, जिनके लौट आने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इनके परिवार वालों को चिंता सता रही है। इनमें काफी छात्र रोमानिया, पोलैंड और यूक्रेन के दूसरे पड़ोसी देशों में रुके हुए हैं। वहीं कुछ छात्र अभी तक यूक्रेन में भी फंसे हुए हैं। खैर, सरकार इन्हें लाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है। जिले के 31 छात्र यूक्रेन से अपने घर लौट चुके हैं।
कार्तिक वतन लौटा तो मां के निकल पड़े खुशी के आंसू
हल्दौर। गाव पैजनियां निवासी छात्र कार्तिक त्यागी यूक्रेन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया । छात्र के माता-पिता उसकी सुरक्षित वतन वापसी को लेकर बेहद खुश है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय छात्रों को यूक्रेन से सुरक्षित अपने देश लाए जाने की सराहना की है।
गांव पैजनियां निवासी डॉ पवनीश त्यागी का पुत्र कार्तिक त्यागी पश्चिमी यूक्रेन में रोमानिया बॉर्डर से करीब 15 किलोमीटर दूर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंसा हुआ था। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे कार्तिक त्यागी भारतीय वायुयान से यूक्रेन से दिल्ली एयरपोर्ट सुरक्षित पहुंचा । पिता डॉ. पवनीश त्यागी और माता राजकुमारी त्यागी ने अपने कलेजे के टुकड़े कार्तिक त्यागी को सुरक्षित पाकर अपने गले से लगा लिया और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकलने शुरू हो गए । छात्र ने अपने माता-पिता को बताया कि भारतीय दूतावास की मदद से वह अन्य कई भारतीय छात्रों के साथ रोमानिया बॉर्डर पर बने शेल्टर हाउस में वतन वापसी की उम्मीद लिए ठहरा हुआ था। इसके बाद रोमानिया एयरपोर्ट से भारतीय विमान द्वारा कार्तिक त्यागी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। छात्र की सुरक्षित वतन वापसी होने से उसके परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्तिक को दिल्ली से उसके गांव पैजनियां वापस लाए जाने की तैयारियां की जा रही है।
विज्ञापन
-------------------
परेशानियां झेल जब्बार लौटा अपने घर
हीमपुर दीपा। यूक्रेन के पोल्टावा में एक अपार्टमेंट में फंसा एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र मोहम्मद जब्बार बड़ी परेशानियां झेल कर अपने घर वापस आ गया। परिजन अपने पुत्र से मिलकर बहुत खुश हैं।हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव सब्दलपुर निवासी मोहम्मद जब्बार पुत्र मोहम्मद असलम 23 वर्ष यूक्रेन के खारकीव सिटी के पोल्टावा मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है वह वर्ष 2018 में एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए यूक्रेन गया था। इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध से वह अपने साथियों के साथ पोल्टावा शहर के एक अपार्टमेंट में शरण के लिए था। वह शनिवार की दोपहर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उत्तर प्रदेश भवन से टैक्सी द्वारा अपने घर पहुंचा। घर पहुचने पर परिजनों का खुशी का ठीकाना न रहा मोहम्मद जब्बार को परिजनों ने गले से लगा लिया जब्बार ने बताया कि युद्ध के दौरान फसे अपार्टमेंट में उसने अपने अन्य साथियों के साथ बड़ी परेशानी के साथ समय गुजारा कई कई दिन भूखे रहे और नींद आंखों से गायब हो गई। बस उन्हें एक ही तमन्ना थी कि किसी तरह अपने वतन वापस पहुंच जाएं। जब्बार बताते हैं कि उनके अपार्टमेंट से 4 किलोमीटर दूर मिसाइल हमले से वह बेहद सहम गए थे। वह रोमानिया के सीरत बॉर्डर से रोमानिया सरकार की सभी सुविधाओं के बीच 3 मार्च को एयर इंडिया फ्लाइट से 4 मार्च की रात्रि मुंबई लाया गया। फिर दिल्ली आने के पश्चात उत्तर प्रदेश भवन से प्रदेश सरकार के सभी खर्च पर वह आज टैक्सी से घर आ गया।
विज्ञापन
बिजनौर। जिले के 50 से अधिक छात्रों की अभी वतन वापसी नहीं हो सकी है, जिनके लौट आने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इनके परिवार वालों को चिंता सता रही है। इनमें काफी छात्र रोमानिया, पोलैंड और यूक्रेन के दूसरे पड़ोसी देशों में रुके हुए हैं। वहीं कुछ छात्र अभी तक यूक्रेन में भी फंसे हुए हैं। खैर, सरकार इन्हें लाने के लिए पूरे प्रयास कर रही है। जिले के 31 छात्र यूक्रेन से अपने घर लौट चुके हैं।
कार्तिक वतन लौटा तो मां के निकल पड़े खुशी के आंसू
हल्दौर। गाव पैजनियां निवासी छात्र कार्तिक त्यागी यूक्रेन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गया । छात्र के माता-पिता उसकी सुरक्षित वतन वापसी को लेकर बेहद खुश है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीय छात्रों को यूक्रेन से सुरक्षित अपने देश लाए जाने की सराहना की है।
विज्ञापन
गांव पैजनियां निवासी डॉ पवनीश त्यागी का पुत्र कार्तिक त्यागी पश्चिमी यूक्रेन में रोमानिया बॉर्डर से करीब 15 किलोमीटर दूर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंसा हुआ था। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे कार्तिक त्यागी भारतीय वायुयान से यूक्रेन से दिल्ली एयरपोर्ट सुरक्षित पहुंचा । पिता डॉ. पवनीश त्यागी और माता राजकुमारी त्यागी ने अपने कलेजे के टुकड़े कार्तिक त्यागी को सुरक्षित पाकर अपने गले से लगा लिया और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकलने शुरू हो गए । छात्र ने अपने माता-पिता को बताया कि भारतीय दूतावास की मदद से वह अन्य कई भारतीय छात्रों के साथ रोमानिया बॉर्डर पर बने शेल्टर हाउस में वतन वापसी की उम्मीद लिए ठहरा हुआ था। इसके बाद रोमानिया एयरपोर्ट से भारतीय विमान द्वारा कार्तिक त्यागी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। छात्र की सुरक्षित वतन वापसी होने से उसके परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्तिक को दिल्ली से उसके गांव पैजनियां वापस लाए जाने की तैयारियां की जा रही है।
विज्ञापन
-------------------
परेशानियां झेल जब्बार लौटा अपने घर
हीमपुर दीपा। यूक्रेन के पोल्टावा में एक अपार्टमेंट में फंसा एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र मोहम्मद जब्बार बड़ी परेशानियां झेल कर अपने घर वापस आ गया। परिजन अपने पुत्र से मिलकर बहुत खुश हैं।हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव सब्दलपुर निवासी मोहम्मद जब्बार पुत्र मोहम्मद असलम 23 वर्ष यूक्रेन के खारकीव सिटी के पोल्टावा मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है वह वर्ष 2018 में एमबीबीएस का कोर्स करने के लिए यूक्रेन गया था। इस दौरान रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध से वह अपने साथियों के साथ पोल्टावा शहर के एक अपार्टमेंट में शरण के लिए था। वह शनिवार की दोपहर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उत्तर प्रदेश भवन से टैक्सी द्वारा अपने घर पहुंचा। घर पहुचने पर परिजनों का खुशी का ठीकाना न रहा मोहम्मद जब्बार को परिजनों ने गले से लगा लिया जब्बार ने बताया कि युद्ध के दौरान फसे अपार्टमेंट में उसने अपने अन्य साथियों के साथ बड़ी परेशानी के साथ समय गुजारा कई कई दिन भूखे रहे और नींद आंखों से गायब हो गई। बस उन्हें एक ही तमन्ना थी कि किसी तरह अपने वतन वापस पहुंच जाएं। जब्बार बताते हैं कि उनके अपार्टमेंट से 4 किलोमीटर दूर मिसाइल हमले से वह बेहद सहम गए थे। वह रोमानिया के सीरत बॉर्डर से रोमानिया सरकार की सभी सुविधाओं के बीच 3 मार्च को एयर इंडिया फ्लाइट से 4 मार्च की रात्रि मुंबई लाया गया। फिर दिल्ली आने के पश्चात उत्तर प्रदेश भवन से प्रदेश सरकार के सभी खर्च पर वह आज टैक्सी से घर आ गया।

यूक्रेन से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर हल्दौर के कार्तिक त्यागी का फूल देकर स्वागत करते माता - फोटो : BIJNOR