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लापरवाही की भेंट चढ़ गया मॉडल तालाब
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लापरवाही की भेंट चढ़ गया मॉडल तालाब
नींदडू़। नींदडू़ खास के कई अहम तालाबों में एक काजीवाला तालाब है। करीब 13 वर्ष पूर्व इसे मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया गया था। हालांकि पिछले डेढ़ वर्ष से मछली पालक की देखभाल के कारण तालाब कुछ बेहतर स्थिति में है, किंतु पंचायत की लापरवाही के चलते तालाब के आदर्श होने का मकसद समाप्त हो चुका है।
पूर्व ग्राम प्रधान गुलजार अहमद का कहना है कि राजस्व विभाग के दस्तावेज में काजीवाला तालाब का रकबा लगभग 11 बीघा है। 2008 में करीब पांच लाख रुपये की लागत से नक्शे के हिसाब से भूमि चिह्नित कर तालाब की खुदाई की गई। इसका सुंदरीकरण करते हुए इसे मॉडल तालाब के तौर पर विकसित किया गया था। तालाब में चारों ओर पटरियां बनाने के अलावा पशुओं के पानी पीने के लिए अलग से रपटा बनाया गया था। तालाब के बाहर चारों दिशा में सीमेंट के पिलर खड़े कर उन पर तार खींचे गए थे। लोगों के बैठने और तालाब की सुंदरता निहारने के लिए सीमेंट की 15 बैंच स्थापित की गई थीं। बरसात का पानी तालाब में आने के लिए पश्चिम की ओर किनारे पर एक बड़ा पाइप डाला गया था। इसी दिशा में सीमेंट के बड़े पिलर में लोहे का गेट लगाया था। तालाब तक पहुंचने के रास्ते में खड़ंजा बिछा था।
सुबह-शाम घूमने के लिए आते थे लोग
पूर्व प्रधान गुलजार अहमद का कहना है कि उनके समय में तालाब की देखरेख की गई, लेकिन बाद में आने वाले प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे पाए। ग्राम पंचायतों की लापरवाही और देखभाल के अभाव में धीरे धीरे तालाब की सुंदरता समाप्त होती जा रही है। बरसात का पानी तालाब तक पहुंचाने वाला पाइप मिट्टी से बंद हो गया है। नजाकत हुसैन व नासिर जलील ने तालाब को पुन: मॉडल तालाब बनाने के साथ इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान अदीबा के पति मोहम्मद राहत ने काजीवाला तालाब का सुंदरीकरण कराकर पुन: मॉडल तालाब बनाने का यकीन दिलाया है।
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नींदडू़। नींदडू़ खास के कई अहम तालाबों में एक काजीवाला तालाब है। करीब 13 वर्ष पूर्व इसे मॉडल तालाब के रूप में विकसित किया गया था। हालांकि पिछले डेढ़ वर्ष से मछली पालक की देखभाल के कारण तालाब कुछ बेहतर स्थिति में है, किंतु पंचायत की लापरवाही के चलते तालाब के आदर्श होने का मकसद समाप्त हो चुका है।
पूर्व ग्राम प्रधान गुलजार अहमद का कहना है कि राजस्व विभाग के दस्तावेज में काजीवाला तालाब का रकबा लगभग 11 बीघा है। 2008 में करीब पांच लाख रुपये की लागत से नक्शे के हिसाब से भूमि चिह्नित कर तालाब की खुदाई की गई। इसका सुंदरीकरण करते हुए इसे मॉडल तालाब के तौर पर विकसित किया गया था। तालाब में चारों ओर पटरियां बनाने के अलावा पशुओं के पानी पीने के लिए अलग से रपटा बनाया गया था। तालाब के बाहर चारों दिशा में सीमेंट के पिलर खड़े कर उन पर तार खींचे गए थे। लोगों के बैठने और तालाब की सुंदरता निहारने के लिए सीमेंट की 15 बैंच स्थापित की गई थीं। बरसात का पानी तालाब में आने के लिए पश्चिम की ओर किनारे पर एक बड़ा पाइप डाला गया था। इसी दिशा में सीमेंट के बड़े पिलर में लोहे का गेट लगाया था। तालाब तक पहुंचने के रास्ते में खड़ंजा बिछा था।
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सुबह-शाम घूमने के लिए आते थे लोग
पूर्व प्रधान गुलजार अहमद का कहना है कि उनके समय में तालाब की देखरेख की गई, लेकिन बाद में आने वाले प्रधान इस ओर ध्यान नहीं दे पाए। ग्राम पंचायतों की लापरवाही और देखभाल के अभाव में धीरे धीरे तालाब की सुंदरता समाप्त होती जा रही है। बरसात का पानी तालाब तक पहुंचाने वाला पाइप मिट्टी से बंद हो गया है। नजाकत हुसैन व नासिर जलील ने तालाब को पुन: मॉडल तालाब बनाने के साथ इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की मांग की है। उधर, ग्राम प्रधान अदीबा के पति मोहम्मद राहत ने काजीवाला तालाब का सुंदरीकरण कराकर पुन: मॉडल तालाब बनाने का यकीन दिलाया है।
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