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मनरेगा के कामकाज पर भारी ‘खुली मजदूरी’
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बिजनौर के ग्राम शेखपुर लाला काम करते मनरेगा के मजदूर।
- फोटो : BIJNOR
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मजदूर नहीं मिलने से ठिठकी मनरेगा
बिजनौर। शासन की 100 दिन विशेष योजना के तहत जनपद में तमाम विकास कार्य हो रहे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो अमृत सरोवर तथा प्रत्येक लोकसभा क्षेत्रों में भी सरोवरों का निर्माण होना है। करीब 90 अमृत सरोवर पर बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन खुली मजदूरी के सापेक्ष मनरेगा में मेहनताना कम होने पर श्रमिक काम करने में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मजदूर नहीं मिल रहे हैं। यहीं कारण है कि 100 दिन योजना के प्राथमिकता के कार्य धीमी गति से हो रहे हैं।
विकास कार्यों का समय से निर्माण पूरा करने के लिए ब्लाक कर्मचारी गांव-गांव मजदूर तलाश रहे हैं। मजदूरों की किल्लत से ब्लॉक क्षेत्रों में मनरेगा से होने वाले कार्यों की रफ्तार धीमी है। कई जगह मजदूरों की कमी के कारण मशीनों से कार्य कराए जाने लगे हैं। पंचायतों में अमृत सरोवर बन रहे हैं। जल संचयन का काम हो रहा है। तालाबों की खुदाई हो रही है। पौधरोपण चल रहा है। पंचायतों में इन कार्यों में मनरेगा मजदूरों को लगाया जाता है। मनरेगा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मनरेगा में दो लाख 53 हजार श्रमिक पंजीकृत है। एक लाख 75 हजार से अधिक सक्रिय श्रमिक हैं। मनरेगा में श्रमिकों को मांगने पर काम दिया जाता है।
- ब्लॉक कोतवाली व नजीबाबाद में मजदूरों की ज्यादा जरूरत
जनपद में पांच तहसील और 11 ब्लाक हैं। इनमें 1123 ग्राम पंचायतें है। इन पंचायतों में प्रतिदिन काम करने वाले मनरेगा मजदूरों की संख्या करीब 11 हजार है। नहटौर व किरतपुर ब्लाकों में मनरेगा मजदूरों की मनरेगा कार्य करने में दिलचस्पी कम दिखा रहे हैं। ब्लॉक कोतवाली एवं नजीबाबाद का क्षेत्रफल बहुत अधिक होने पर यहां अधिक मनरेगा मजदूरों की जरूरत होती है, लेकिन श्रमिक खुली मजदूरी की जगह मनरेगा में काम करना पसंद नहीं कर रहे हैं।
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मनरेगा में 213, खुले में 400 रुपये मजदूरी
मनरेगा में एक श्रमिक को प्रतिदिन के हिसाब से 213 रुपये मजदूरी मिलती है। खुले बाजार में 350 से 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी कर रहे हैं। यहां के काफी मजदूर एनसीआर और उत्तराखंड में ठेके में काम करने जाते हैं। जहां वह अच्छी मजदूरी पा लेते हैं। नहटौर में हथकरघा व कपड़े का अच्छा काम है, उसमें काफी मजदूर रहते हैं।
- एक नजर
जिले की पंचायतों में 2246 अमृत सरोवर
- लोकसभा क्षेत्रों में बनेंगे करीब 120 सरोवर
- लोकसभा क्षेत्रों में करीब 90 पर चल कार्य
- मनरेगा में प्रत्येक मजदूर को मिल रहे 213 रुपये
- जनपद में खुली मजदूरी में मिल रहे 400 रुपये
समय से कार्य पूरा करने का किया जा रहा प्रयास
नजीबाबाद ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि शासन से निर्धारित कार्य समय से पूरा करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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बिजनौर। शासन की 100 दिन विशेष योजना के तहत जनपद में तमाम विकास कार्य हो रहे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो अमृत सरोवर तथा प्रत्येक लोकसभा क्षेत्रों में भी सरोवरों का निर्माण होना है। करीब 90 अमृत सरोवर पर बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन खुली मजदूरी के सापेक्ष मनरेगा में मेहनताना कम होने पर श्रमिक काम करने में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मजदूर नहीं मिल रहे हैं। यहीं कारण है कि 100 दिन योजना के प्राथमिकता के कार्य धीमी गति से हो रहे हैं।
विकास कार्यों का समय से निर्माण पूरा करने के लिए ब्लाक कर्मचारी गांव-गांव मजदूर तलाश रहे हैं। मजदूरों की किल्लत से ब्लॉक क्षेत्रों में मनरेगा से होने वाले कार्यों की रफ्तार धीमी है। कई जगह मजदूरों की कमी के कारण मशीनों से कार्य कराए जाने लगे हैं। पंचायतों में अमृत सरोवर बन रहे हैं। जल संचयन का काम हो रहा है। तालाबों की खुदाई हो रही है। पौधरोपण चल रहा है। पंचायतों में इन कार्यों में मनरेगा मजदूरों को लगाया जाता है। मनरेगा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मनरेगा में दो लाख 53 हजार श्रमिक पंजीकृत है। एक लाख 75 हजार से अधिक सक्रिय श्रमिक हैं। मनरेगा में श्रमिकों को मांगने पर काम दिया जाता है।
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- ब्लॉक कोतवाली व नजीबाबाद में मजदूरों की ज्यादा जरूरत
जनपद में पांच तहसील और 11 ब्लाक हैं। इनमें 1123 ग्राम पंचायतें है। इन पंचायतों में प्रतिदिन काम करने वाले मनरेगा मजदूरों की संख्या करीब 11 हजार है। नहटौर व किरतपुर ब्लाकों में मनरेगा मजदूरों की मनरेगा कार्य करने में दिलचस्पी कम दिखा रहे हैं। ब्लॉक कोतवाली एवं नजीबाबाद का क्षेत्रफल बहुत अधिक होने पर यहां अधिक मनरेगा मजदूरों की जरूरत होती है, लेकिन श्रमिक खुली मजदूरी की जगह मनरेगा में काम करना पसंद नहीं कर रहे हैं।
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मनरेगा में 213, खुले में 400 रुपये मजदूरी
मनरेगा में एक श्रमिक को प्रतिदिन के हिसाब से 213 रुपये मजदूरी मिलती है। खुले बाजार में 350 से 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी कर रहे हैं। यहां के काफी मजदूर एनसीआर और उत्तराखंड में ठेके में काम करने जाते हैं। जहां वह अच्छी मजदूरी पा लेते हैं। नहटौर में हथकरघा व कपड़े का अच्छा काम है, उसमें काफी मजदूर रहते हैं।
- एक नजर
जिले की पंचायतों में 2246 अमृत सरोवर
- लोकसभा क्षेत्रों में बनेंगे करीब 120 सरोवर
- लोकसभा क्षेत्रों में करीब 90 पर चल कार्य
- मनरेगा में प्रत्येक मजदूर को मिल रहे 213 रुपये
- जनपद में खुली मजदूरी में मिल रहे 400 रुपये
समय से कार्य पूरा करने का किया जा रहा प्रयास
नजीबाबाद ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि शासन से निर्धारित कार्य समय से पूरा करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।