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मंत्री गिरधारी लाल ने बिछाया था सड़कों का जाल

Sat, 12 Sep 2020 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 12:15 AM IST
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Minister Girdhari Lal laid a network of roads
पीडब्लूडी मंत्री चौधरी गिरधारी लाल(फाइल फोटो)। - फोटो : BIJNOR
मंत्री गिरधारी लाल ने बिछाया था सड़कों का जाल
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बिजनौर। जिले के गांवों को सड़कों को जोड़ने का श्रेय पीडब्लूडी मंत्री रहे स्वर्गीय गिरधारी लाल को जाता है। पीडब्लूडी मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश की सड़कों के कुल बजट का आधा बजट बिजनौर की सड़कों पर खर्च कर दिया था। हर गांव को सड़क से जोड़ा। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शुरूआत में जिले को आधा बजट देने से मना किया तो गिरधारी लाल ने इस्तीफा लिखकर भेज दिया था।
जिले की आधी से ज्यादा आबादी आज भी गांवों में रहती है और खेती करती है। राजनीति से जिले का शुरूआत से ही गहरा नाता रहा है। आज भी जिले के कई नेता अपनी अपनी पार्टियों में बड़ा रसूख रखते हैं, लेकिन मंत्री बनने के लिए उन्हें भी जुगत लगानी पड़ती है। वे ऐसा कोई काम नहीं करते हैं, जिससे उनका मंत्री पद खतरे में पड़े चाहे वह काम जनता की भलाई के लिए ही क्यों न हो। लेकिन जिले 1952 से 1967 तक बिजनौर सीट से विधायक रहे गिरधारी लाल अलग मिट्टी के बने थे। वे गांवों में रहने वाले किसानों की परेशानी जानते थे। पहले जिले में नाम मात्र की अच्छी सड़कें थीं और इन सड़कों को गांवों से जोड़ने के लिए बने संपर्क मार्ग भी कच्चे थे।
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उनकी फेसबुक वॉल के अनुसार गिरधारी लाल मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता की सरकार में पीडब्लूडी विभाग के मंत्री बने। जिले के किसानों की सड़क की समस्या उनके जहन में थी ही। सड़कों के लिए निर्धारित कुल बजट का 50 प्रतिशत उन्होंने केवल बिजनौर जिले के लिए ही रख दिया। जब मुख्यमंत्री के सामने यह फाइल पहुंची तो वे देखकर दंग रह गए कि केवल एक जिले को पूरे प्रदेश के बराबर बजट दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए बजट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस पर गिरधारी लाल बजट स्वीकृत कराने पर अड़ गए और उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को भेज दिया। साथ ही मुख्यमंत्री को लिखा कि या तो बजट स्वीकार करें या इस्तीफा। तब मुख्यमंत्री ने गिरधारी लाल की बात माननी पड़ी थी। जिले में तब सड़कों का जाल बिछ गया था। जिले में पीडब्लूडी के जितने डाक बंगले हैं उतने पूरे प्रदेश में कहीं और नहीं बने हैं। आज भी पुराने व्यक्ति चौधरी गिरधारी लाल के योगदान को याद करते हैं।
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