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प्रवासी पक्षियों को रास आ रही जिले की धरती
Wed, 24 Apr 2019 12:20 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Wed, 24 Apr 2019 12:20 AM IST
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बिजनौर में गंगा बैराज पर अठखेलियां करते प्रवासी पक्षी।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में प्रवासी पक्षियों का जिले से मोह बढ़ता जा रहा है। सर्दी खत्म होने के बाद भी प्रवासी पक्षी गंगा किनारे डेरा जमाए हुए हैं। गंगा बैराज पर प्रवासी पक्षी अभी भी खूब उड़ान भर रहे हैं। पक्षियों के अभी भी गंगा बैराज पर दिखने से वन अधिकारी गदगद है।
जिले में गंगा, रामगंगा, मालन और खो नदी के किनारे हर साल साइबेरिया व अन्य देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दी के दौरान यह पक्षी यहीं प्रवास करते हैं। आमतौर पर प्रवासी पक्षी नवंबर में आते हैं और फरवरी तक वापस जाने लगते हैं।
कई प्रवासी पक्षी तो नदियों किनारे प्रजनन भी करते हैं और घर लौटते समय इनका कुनबा बढ़ा हुआ रहता है, लेकिन इस बार जिले में प्रवासी पक्षी अप्रैल के अंत तक डेरा जमाए हुए हैं। बैराज पर गंगा किनारे प्रवासी पक्षियों के झुंड के झुंड देखे जा सकते हैं।
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इस बार सर्दियों में काफी बारिश हुई है। बारिश होने से सर्दी का असर ज्यादा समय तक रहा है। अप्रैल भी और साल के मुकाबले इतनी ज्यादा गर्मी नहीं हो रही है। इस वजह से प्रवासी पक्षियों ने अभी भी गंगा किनारे डेरा जमा रखा है। अभी कुछ और इन पक्षियों के गंगा व अन्य नदियों के किनारे डेरा जमाए रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
जिले का पर्यावरण अच्छा: डीएफओ
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक जिले में प्रवासी पक्षी अभी भी दिख रहे हैं। आमतौर पर फरवरी में प्रवासी पक्षी लौटने शुरू हो जाते थे। इससे यह भी साबित होता है कि जिले का पर्यावरण बहुत अच्छा है।
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जिले में गंगा, रामगंगा, मालन और खो नदी के किनारे हर साल साइबेरिया व अन्य देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं। सर्दी के दौरान यह पक्षी यहीं प्रवास करते हैं। आमतौर पर प्रवासी पक्षी नवंबर में आते हैं और फरवरी तक वापस जाने लगते हैं।
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कई प्रवासी पक्षी तो नदियों किनारे प्रजनन भी करते हैं और घर लौटते समय इनका कुनबा बढ़ा हुआ रहता है, लेकिन इस बार जिले में प्रवासी पक्षी अप्रैल के अंत तक डेरा जमाए हुए हैं। बैराज पर गंगा किनारे प्रवासी पक्षियों के झुंड के झुंड देखे जा सकते हैं।
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इस बार सर्दियों में काफी बारिश हुई है। बारिश होने से सर्दी का असर ज्यादा समय तक रहा है। अप्रैल भी और साल के मुकाबले इतनी ज्यादा गर्मी नहीं हो रही है। इस वजह से प्रवासी पक्षियों ने अभी भी गंगा किनारे डेरा जमा रखा है। अभी कुछ और इन पक्षियों के गंगा व अन्य नदियों के किनारे डेरा जमाए रहने के कयास लगाए जा रहे हैं।
जिले का पर्यावरण अच्छा: डीएफओ
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक जिले में प्रवासी पक्षी अभी भी दिख रहे हैं। आमतौर पर फरवरी में प्रवासी पक्षी लौटने शुरू हो जाते थे। इससे यह भी साबित होता है कि जिले का पर्यावरण बहुत अच्छा है।