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चित्रों से दिया सशक्तिकरण का संदेश
Sun, 05 May 2019 12:20 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Sun, 05 May 2019 12:20 AM IST
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अभियान में भाग लेती विद्यानंद इंटर कॉलेज की छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बरूकी में अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत ग्राम विद्यानंद इंटर कॉलेज में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने सुंदर सुंदर चित्र बनाकर महिलाओं के अपराजिता होने का संदेश दिया। चित्रों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश। विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
विद्यानंद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्या संतोष कुमारी आर्य ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की कुंजी है। महिलाओं ने शिक्षा ग्रहण करके अपने जीवन को पहले से बदल दिया है। शिक्षा से महिलाओं को उनके अधिकारों का पता चला है। कहा कि महिला शिक्षा को अपना हथियार व कवच दोनों बनाएं। अगर कहीं किसी महिला या छात्रा का शोषण हो रहा हो तो उसके खिलाफ आवाज उठाना सभी का दायित्व है। शिक्षित व जागरूक महिलाएं दूसरों को भी जागरूक करें। कहा कि महिलाओं से होने वाली छेड़खानी को रोकने के लिए 1090 नंबर संचालित किया जाता है। अगर कोई किसी युवती पर छींटाकशी कर रहा है तो इसकी सूचना इस नंबर पर देनी चाहिए। कहा कि केवल अपने लिए ही नहीं, दूसरों के लिए भी मदद का भाव होना चाहिए। अगर छात्राएं किसी दूसरी युवती का शोषण होते देखती हैं तो इसकी सूचना भी 1090 नंबर पर दें। उन्होंने छात्राओं से आत्मरक्षा के गुजर सीखने का भी आह्वान किया। कहा कि कोई समस्या होने पर उसे अपने परिजनों व गुरुजनों से जरूर बताना चाहिए। मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग केवल ज्ञान बढ़ाने के लिए ही करना चाहिए। किताबें जरूर पढ़ें, क्योंकि किताबें ही सबसे अच्छी मित्र होती है। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद में भी भाग लेने का आह्वान किया। इसके बाद छात्राओं ने सुंदर चित्र बनाए। छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की कहानी बयां की। चित्रकला प्रतियोगिता में सुहानी ने प्रथम, सोनम ने द्वितीय, अंशु ने तृतीय, आकांक्षा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया।
आत्मरक्षा की मिले ट्रेनिंग
छात्रा सुहानी ने कहा कि छात्राओं को सभी विद्यालयों में आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देनी चाहिए। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपनी रक्षा स्वयं करने में सक्षम होंगी।
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बने फास्ट ट्रैक कोर्ट
छात्रा अंशु ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की सुनवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनने चाहिए। महिलाओं के उत्पीड़न पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इससे महिलाओं पर होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
निरंतर हो अपराजिता जैसे कार्यक्रम
छात्रा रितिका का कहना है कि महिला सशक्तिकरण महिलाओं को सशक्त किए बिना संभव नहीं है। महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपराजिता जैसे कार्यक्रम निरंतर होनी चाहिए।
खेलकूद की भी मिलें सुविधा
सोनम का कहना है कि विद्यालयों में लड़कियों के लिए खेलों की कोई व्यवस्था नहीं है। लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन प्राथमिक स्तर पर खेलकूद न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां खेलों में अपना कॅरियर नहीं बना पाती। सभी विद्यालयों में लड़कियों के खेलकूद की व्यवस्था होनी चाहिए।
दहेज प्रथा बिलकुल हो समाप्त
दीपिका का कहना है कि आज भी समाज में अनेक कुरीतियां व्याप्त हैं। दहेज भी उन्हीं कुरीतियों में से एक है। दहेज का प्रचलन बहुत बढ़ गया है। दहेज प्रथा बिल्कुल समाप्त होनी चाहिए।
शिक्षित महिला करेंगी शिक्षित देश का निर्माण
छात्रा मीनाक्षी का कहना है कि शिक्षा ही महिलाओं का भविष्य बना सकती है। प्रत्येक एक महिला का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित महिला ही शिक्षित देश का निर्माण कर सकती है।
जरूरतमंदों को मिले लाभ
छात्रा फरहाना ने कहा कि सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जाती है जिनका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पाता। सरकार को सभी योजनाओं की जानकारी विद्यालयरों के माध्यम से सभी को बतानी चाहिए। इसके लिए पुख्ता प्रबंध हो।
चले विशेष अभियान
छात्रा हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं में सभी प्रकार की जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता है। छोटे स्तर पर प्रयास करने से महिलाओं के हित में बड़े परिणाम मिलेंगे।
नौकरी में मिले 33 प्रतिशत आरक्षण
अध्यापिका सीमा ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की दशा सुधारने के लिए सरकार को नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहिए। इससे जहां महिलाएं मजबूत होगी और भारत एक बड़ी महाशक्ति बन कर उभरेगा।
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विद्यानंद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्या संतोष कुमारी आर्य ने कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की कुंजी है। महिलाओं ने शिक्षा ग्रहण करके अपने जीवन को पहले से बदल दिया है। शिक्षा से महिलाओं को उनके अधिकारों का पता चला है। कहा कि महिला शिक्षा को अपना हथियार व कवच दोनों बनाएं। अगर कहीं किसी महिला या छात्रा का शोषण हो रहा हो तो उसके खिलाफ आवाज उठाना सभी का दायित्व है। शिक्षित व जागरूक महिलाएं दूसरों को भी जागरूक करें। कहा कि महिलाओं से होने वाली छेड़खानी को रोकने के लिए 1090 नंबर संचालित किया जाता है। अगर कोई किसी युवती पर छींटाकशी कर रहा है तो इसकी सूचना इस नंबर पर देनी चाहिए। कहा कि केवल अपने लिए ही नहीं, दूसरों के लिए भी मदद का भाव होना चाहिए। अगर छात्राएं किसी दूसरी युवती का शोषण होते देखती हैं तो इसकी सूचना भी 1090 नंबर पर दें। उन्होंने छात्राओं से आत्मरक्षा के गुजर सीखने का भी आह्वान किया। कहा कि कोई समस्या होने पर उसे अपने परिजनों व गुरुजनों से जरूर बताना चाहिए। मोबाइल और इंटरनेट का प्रयोग केवल ज्ञान बढ़ाने के लिए ही करना चाहिए। किताबें जरूर पढ़ें, क्योंकि किताबें ही सबसे अच्छी मित्र होती है। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद में भी भाग लेने का आह्वान किया। इसके बाद छात्राओं ने सुंदर चित्र बनाए। छात्राओं ने चित्रों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की कहानी बयां की। चित्रकला प्रतियोगिता में सुहानी ने प्रथम, सोनम ने द्वितीय, अंशु ने तृतीय, आकांक्षा ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को प्रधानाचार्य द्वारा पुरस्कृत किया गया।
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आत्मरक्षा की मिले ट्रेनिंग
छात्रा सुहानी ने कहा कि छात्राओं को सभी विद्यालयों में आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देनी चाहिए। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपनी रक्षा स्वयं करने में सक्षम होंगी।
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बने फास्ट ट्रैक कोर्ट
छात्रा अंशु ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की सुनवाई के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनने चाहिए। महिलाओं के उत्पीड़न पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इससे महिलाओं पर होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
निरंतर हो अपराजिता जैसे कार्यक्रम
छात्रा रितिका का कहना है कि महिला सशक्तिकरण महिलाओं को सशक्त किए बिना संभव नहीं है। महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपराजिता जैसे कार्यक्रम निरंतर होनी चाहिए।
खेलकूद की भी मिलें सुविधा
सोनम का कहना है कि विद्यालयों में लड़कियों के लिए खेलों की कोई व्यवस्था नहीं है। लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन प्राथमिक स्तर पर खेलकूद न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां खेलों में अपना कॅरियर नहीं बना पाती। सभी विद्यालयों में लड़कियों के खेलकूद की व्यवस्था होनी चाहिए।
दहेज प्रथा बिलकुल हो समाप्त
दीपिका का कहना है कि आज भी समाज में अनेक कुरीतियां व्याप्त हैं। दहेज भी उन्हीं कुरीतियों में से एक है। दहेज का प्रचलन बहुत बढ़ गया है। दहेज प्रथा बिल्कुल समाप्त होनी चाहिए।
शिक्षित महिला करेंगी शिक्षित देश का निर्माण
छात्रा मीनाक्षी का कहना है कि शिक्षा ही महिलाओं का भविष्य बना सकती है। प्रत्येक एक महिला का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित महिला ही शिक्षित देश का निर्माण कर सकती है।
जरूरतमंदों को मिले लाभ
छात्रा फरहाना ने कहा कि सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जाती है जिनका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पाता। सरकार को सभी योजनाओं की जानकारी विद्यालयरों के माध्यम से सभी को बतानी चाहिए। इसके लिए पुख्ता प्रबंध हो।
चले विशेष अभियान
छात्रा हिना परवीन ने कहा कि महिलाओं में सभी प्रकार की जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान की आवश्यकता है। छोटे स्तर पर प्रयास करने से महिलाओं के हित में बड़े परिणाम मिलेंगे।
नौकरी में मिले 33 प्रतिशत आरक्षण
अध्यापिका सीमा ठाकुर ने कहा कि महिलाओं की दशा सुधारने के लिए सरकार को नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहिए। इससे जहां महिलाएं मजबूत होगी और भारत एक बड़ी महाशक्ति बन कर उभरेगा।