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Bijnor News: मेडिकल कॉलेज में बिना ड्यूटी किए वेतन ले रहे कर्मचारी
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बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बिना ड्यूटी किए कुछ कर्मचारियों का वेतन निकालने की शिकायत प्राचार्या और सीएमएस से की गई है। इसमें अस्पताल मैनेजर पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। शिकायत की जांच के लिए प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने तीन सदस्य समिति गठित की है।
सिद्धार्थ भारती नाम के व्यक्ति ने शिकायत में आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी शालू गहलौत ने जनवरी 2026 में नौकरी जॉइनिंग की। इसके बाद वह फरवरी 2026 से अनुपस्थित चल रही थी, फिर मई 2026 के आखिरी सप्ताह में दोबारा से ड्यूटी जॉइन की। इसके बावजूद मई तक उनकी उपस्थिति पूरी कर दी गई है। खुद की शादी होने की वजह से वह इतने दिन ड्यूटी नहीं आई। इस मामले में उन्होंने मैनेजर डॉ. निखिल सक्सेना पर मिलीभगत का आरोप लगाया। इसके अलावा आउटसोर्सिंग कर्मचारी रितिक मई माह में अपनी शादी की वजह से 15 दिन अवकाश पर था जबकि उसकी उपस्थिति पूर्ण दिखाई गई। शिकायतकर्ता ने मेडिसिन विभाग और पेडियाट्रिक विभागाध्यक्ष द्वारा दी गई सभी महीनों की उपस्थिति प्रमाण पत्रों की जांच करने की मांग की। आउटसोर्सिंग कर्मचारी सहदेव के भी कुछ माह से अनुपस्थित होने पर उपस्थिति पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है।
इस संबंध में अस्पताल मैनेजर डॉ. निखिल सक्सेना का कहना है कि बिना उपस्थिति वेतन निकालने से उनका कोई लेना देना नहीं है। विभागाध्यक्ष कर्मचारियों की उपस्थिति लिखकर देते हैं। इसके बाद उनके और दूसरे मैनेजर के हस्ताक्षर होते हैं।
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बिना ड्यूटी किए कर्मचारियों का वेतन निकालने की शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के लिए तीन सदस्य समिति गठित कर दी है। समिति में सीएमएस डॉ. बीआर त्यागी, डॉ. दिनेश गोस्वामी, डॉ. अल्पा राठी शामिल हैं। जांच में दोषी मिलने पर जिम्मेदारों का कार्रवाई की जाएगी। ....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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सिद्धार्थ भारती नाम के व्यक्ति ने शिकायत में आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी शालू गहलौत ने जनवरी 2026 में नौकरी जॉइनिंग की। इसके बाद वह फरवरी 2026 से अनुपस्थित चल रही थी, फिर मई 2026 के आखिरी सप्ताह में दोबारा से ड्यूटी जॉइन की। इसके बावजूद मई तक उनकी उपस्थिति पूरी कर दी गई है। खुद की शादी होने की वजह से वह इतने दिन ड्यूटी नहीं आई। इस मामले में उन्होंने मैनेजर डॉ. निखिल सक्सेना पर मिलीभगत का आरोप लगाया। इसके अलावा आउटसोर्सिंग कर्मचारी रितिक मई माह में अपनी शादी की वजह से 15 दिन अवकाश पर था जबकि उसकी उपस्थिति पूर्ण दिखाई गई। शिकायतकर्ता ने मेडिसिन विभाग और पेडियाट्रिक विभागाध्यक्ष द्वारा दी गई सभी महीनों की उपस्थिति प्रमाण पत्रों की जांच करने की मांग की। आउटसोर्सिंग कर्मचारी सहदेव के भी कुछ माह से अनुपस्थित होने पर उपस्थिति पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है।
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इस संबंध में अस्पताल मैनेजर डॉ. निखिल सक्सेना का कहना है कि बिना उपस्थिति वेतन निकालने से उनका कोई लेना देना नहीं है। विभागाध्यक्ष कर्मचारियों की उपस्थिति लिखकर देते हैं। इसके बाद उनके और दूसरे मैनेजर के हस्ताक्षर होते हैं।
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बिना ड्यूटी किए कर्मचारियों का वेतन निकालने की शिकायत प्राप्त हुई है। जांच के लिए तीन सदस्य समिति गठित कर दी है। समिति में सीएमएस डॉ. बीआर त्यागी, डॉ. दिनेश गोस्वामी, डॉ. अल्पा राठी शामिल हैं। जांच में दोषी मिलने पर जिम्मेदारों का कार्रवाई की जाएगी। ....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर