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आसमान से बरसेगा खाद तो लहलहाएंगी फसलें
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बिजनौर में गन्ने के खेत में ड्रोन से किया गया यूरिया का छिड़काव। (फ़ाइल फोटो)
- फोटो : BIJNOR
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आसमान से बरसेगा खाद तो लहलहाएंगी फसलें
बिजनौर। पारंपरिक खेती के तरीके छोड़कर किसान तकनीक के पथ चलकर अपनी आय बढ़ाएंगे। गन्ना विभाग किसानों को खाद का तरल पदार्थ, दवाईयों का गन्ना फसल पर स्प्रे के लिए किसानों को किराए पर ड्रोन उपलब्ध कराएगा। जनपद की सभी गन्ना समितियों पर ड्रोन खरीदे जाएंगे। बिजनौर किसान सहकारी समिति पर दो ड्रोन खरीदे जाएंगे। बाकी 10 समितियों पर एक-एक ड्रोन खरीदा जाएगा। विभाग ड्रोन की खरीद के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति को मुख्यालय भेज रहा है।
बिजनौर ही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना महत्वपूर्ण फसल है। गन्ने की खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए गन्ना विभाग लगातार किसानों को तकनीक का प्रयोग कराने के साथ उन्हें उन्नत बीज उपलब्ध करा रहा है। इसी क्रम में किसानों का खाद पर कम खर्च करने के लिए ड्रोन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। ताकि तरल पदार्थ के खाद का प्रयोग कर किसान न सिर्फ अपना खर्च कम कर सकेंगे, बल्कि पर्यावरण व खेती के स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।
- पहले फार्म मशीन शुरू की
गन्ना विभाग की ओर से गन्ना समितियों में फार्म मशीन योजना चलाई गई। इसमें किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो किसान महंगे कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ रहते हैं। वे यहां से किराए पर यंत्र लेकर अपना खेती का कार्य करते हैं।
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- इफको ने किया ट्रायल
सहकारी संस्था इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड की ओर से तकनीक पर आधारित नैनो यूरिया विकसित किया गया। पारंपरिक यूरिया से सस्ता है तथा पर्यावरण अनुकूल है। संस्था की ओर से पिछले सप्ताह कई किसानों के यहां ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का गन्ना फसल पर स्प्रे कराया है।
सभी गन्ना समितियों में खाद का स्प्रे करने के लिए ड्रोन खरीदने की कार्य योजना बनाई जा रही है। बिजनौर समिति बड़ी होने पर इसमें दो ड्रोन का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ड्रोन खरीदने के लिए कार्ययोजना बनाकर स्वीकृति को मुख्यालय भेजा जाएगा। साथ ही हर समिति पर कर्मचारी को ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। खरीद के बाद किसानों के लिए उचित किराया निर्धारित किया जाएगा। इससे किसान का खर्च कम होगा। छोटे व बड़े गन्ने पर आसानी से स्प्रे हो जाएगा।
- यशपाल सिंह, डीसीओ
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बिजनौर। पारंपरिक खेती के तरीके छोड़कर किसान तकनीक के पथ चलकर अपनी आय बढ़ाएंगे। गन्ना विभाग किसानों को खाद का तरल पदार्थ, दवाईयों का गन्ना फसल पर स्प्रे के लिए किसानों को किराए पर ड्रोन उपलब्ध कराएगा। जनपद की सभी गन्ना समितियों पर ड्रोन खरीदे जाएंगे। बिजनौर किसान सहकारी समिति पर दो ड्रोन खरीदे जाएंगे। बाकी 10 समितियों पर एक-एक ड्रोन खरीदा जाएगा। विभाग ड्रोन की खरीद के लिए प्रस्ताव बनाकर स्वीकृति को मुख्यालय भेज रहा है।
बिजनौर ही नहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना महत्वपूर्ण फसल है। गन्ने की खेती को लाभ का सौदा बनाने के लिए गन्ना विभाग लगातार किसानों को तकनीक का प्रयोग कराने के साथ उन्हें उन्नत बीज उपलब्ध करा रहा है। इसी क्रम में किसानों का खाद पर कम खर्च करने के लिए ड्रोन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। ताकि तरल पदार्थ के खाद का प्रयोग कर किसान न सिर्फ अपना खर्च कम कर सकेंगे, बल्कि पर्यावरण व खेती के स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा।
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- पहले फार्म मशीन शुरू की
गन्ना विभाग की ओर से गन्ना समितियों में फार्म मशीन योजना चलाई गई। इसमें किसानों को कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जो किसान महंगे कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ रहते हैं। वे यहां से किराए पर यंत्र लेकर अपना खेती का कार्य करते हैं।
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- इफको ने किया ट्रायल
सहकारी संस्था इंडियन फार्मर फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड की ओर से तकनीक पर आधारित नैनो यूरिया विकसित किया गया। पारंपरिक यूरिया से सस्ता है तथा पर्यावरण अनुकूल है। संस्था की ओर से पिछले सप्ताह कई किसानों के यहां ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का गन्ना फसल पर स्प्रे कराया है।
सभी गन्ना समितियों में खाद का स्प्रे करने के लिए ड्रोन खरीदने की कार्य योजना बनाई जा रही है। बिजनौर समिति बड़ी होने पर इसमें दो ड्रोन का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। ड्रोन खरीदने के लिए कार्ययोजना बनाकर स्वीकृति को मुख्यालय भेजा जाएगा। साथ ही हर समिति पर कर्मचारी को ड्रोन चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। खरीद के बाद किसानों के लिए उचित किराया निर्धारित किया जाएगा। इससे किसान का खर्च कम होगा। छोटे व बड़े गन्ने पर आसानी से स्प्रे हो जाएगा।
- यशपाल सिंह, डीसीओ