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कागजों में 70 मीटर चौड़ी है मालन, धरातल पर नाला

Wed, 27 Apr 2022 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2022 12:30 AM IST
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Malan is 70 meters wide in the papers, the drain on the ground
नजीबाबाद क्षेत्र में खैरुल्लापुर गांव के पास नाले के रुप में बहती मालन नदी। - फोटो : BIJNOR
कागजों में 70 मीटर चौड़ी है मालन, धरातल पर नाला
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। महाभारत काल की यादें खुद में समेटे मालन नदी अब खुद नाले के रूप में सिमटती जा रही है। सरकारी कागजों में आज भी मालन की धारा 40 से 70 मीटर तक चौड़ी बह रही है, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही है। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को मालन की यात्रा की तो बिजनौर जिले में प्रवेश करते ही मालन के सिमटने की सच्चाई सामने आई। अवैध कब्जों के कारण अब मालन केवल एक नाला बनकर रह गई है। शासन ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया तो प्रशासन की योजनाएं केवल कागजों तक ही सिमटकर रह जाती है। ऐसे में मालन को उसका वहीं पौराणिक स्वरूप लौटाना चुनौती से कम नहीं है।
मंगलवार को अमर उजाला टीम ने हल्दूखाता से नजीबाबाद तक मालन की यात्रा की। यूं तो अतिक्रमण उत्तराखंड से ही शुरू हो जाता है, लेकिन बिजनौर जिले की सीमा में प्रवेश करते ही मालन का स्वरूप ही बदलने लगता है। नजीबाबाद पहुंचते-पहुंचते मालन की जमीन पर खेती नजर आने लगती है। कहीं पलेज लगी है, तो कहीं लोगों ने तटबंध लगाकर बड़े बड़े खेत तैयार कर लिए हैं। कहीं अभी गेहूं कटे हैं तो कहीं पर गन्ना बुवाई की तैयारी हो रही है। नजीबाबाद तहसील के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मालन नदी आज भी कागजों में 40 से 70 मीटर चौड़ी धारा से होकर बह रही है, लेकिन यह सब केवल कागजों तक ही सिमटकर रह गया है। (संवाद)
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उठ रहे सवाल, क्यों नहीं हुए भागीरथी प्रयास
मालन नदी की ऐसी हालत एकदम नहीं हुई है। यह सालों से ही ऐसे ही पड़ी हुई है। कभी कभार सफाई तो हुई, लेकिन इसके बाद फिर इसे भूला दिया गया या फिर कुछ विशेष जगहों पर ही अभियान चलकर बंद हो गया। आज तक बिजनौर जिले में पूरी मालन को लेकर कभी प्रशासन की ओर से अभियान नहीं चलाया गया।
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जिले में 53 किमी है मालन नदी की लंबाई
- नजीबाबाद मालन नदी जिले में हल्दूखाता में प्रवेश करती है। यहां से होती हुई मालन नदी मंडावर क्षेत्र और फिर बिजनौर के गांव रावली में गंगा में मिलती है। यहां पर गंगा और मालन नदी का संगम है।

वर्जन...
मालन नदी से अतिक्रमण हटवाया जाएगा। जहां जहां अतिक्रमण है, उसकी सूची तैयार कराई जाएगी। इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
- उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर
सरकारी रिकॉर्ड में गांववार इतनी चौड़ी है मालन
गांव चौड़ाई मीटर में
मदूवाला 70
धनसीनी 42
ताहरपुर 41
भोगपुर 70
मथुरापुर मोर 60
पूरनपुर गढ़ी 42
खैरुल्लापुर 41
रानीपुर 44
नारायणपुर 42
बरमपुर 42
सुरसैना 40
पुण्डरी खुर्द 40
सबलपुर बीतरा 41
मौज्जमपुर नारायण 48
नोट :- (तहसील नजीबाबाद रिकॉड से लिया गया आंकड़ा)
30 गांव में 60 हेक्टेयर है क्षेत्रफल
नजीबाबाद तहसील के 30 गांव से मालन नदी होकर गुजर रही है, जिसका क्षेत्रफल 60 हेक्टेयर है।
राजा दुष्यंत और शकुंतला के प्रणय की साक्षी रही मालन नदी
बिजनौर। मालन नदी का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। महाभारत और कालीदास की महाकाव्य अभिज्ञान शाकुंतलम् में मालन को मालिनी के नाम से लिखा गया है। मालन नदी हस्तिनापुर से राजा दुष्यंत और शकुंतला के प्रणय की साक्षी रही रही है। पौराणिक कथाओं में भी इसका जिक्र मिलता है। इन कथाओं के अनुसार महर्षि कण्व का आश्रम मालन के तट पर ही था और शकुंतला उनके साथ रहती थी। यहीं पर राजा दुष्यंत ने पहली बार शकुंतला को देखा था। मालन और गंगा के मिलन को राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रणय स्थली बताया गया है।

नजीबाबाद क्षेत्र में पूर्वी गंगा नहर के जलसेतू के पास बहती मालन नदी।

नजीबाबाद क्षेत्र में पूर्वी गंगा नहर के जलसेतू के पास बहती मालन नदी।- फोटो : BIJNOR

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