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महेशचंद्र गुप्ता और महेश सरन ने रेलवे स्टेशन पर फहराया था तिरंगा
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चांदपुर के स्वतंत्रता सैनानी महेश चंद गुप्ता की पत्नी माया गुप्ता को रक्षा सूत्र बांधती नगरपालि
- फोटो : BIJNOR
महेशचंद्र गुप्ता और महेश सरन ने रेलवे स्टेशन पर फहराया था तिरंगा
चांदपुर। आजादी की जंग में चांदपुर के क्रांतिकारियों ने भी अपना जज्बा दिखाया था। देश की आजादी में नगर के महेशचंद्र गुप्ता, महेश सरन गर्ग आदि क्रांतिकारियों की मिसाल आज भी कायम है। जहां पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव को मना रहा है। महेशचंद्र गुप्ता और महेश सरन गर्ग ने रेलवे स्टेशन पर 1942 में तिरंगा झंडा फहरा दिया था।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्टेशन रोड पर महेशचंद्र गुप्ता के आवास पर आनंद भवन के नाम से क्रांतिकारियों का कार्यालय हुआ करता था। जहां से स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति तैयार की जाती थी। क्रांतिकारी मोहम्मद हाफिज इब्राहिम, गोविंदशाह का कार्यालय पर आना जाना लगा रहता था। क्रांतिकारी महेश चंद्र गुप्ता की 87 वर्षीय पत्नी माया गुप्ता, पुत्र राजीव लोचन व रंजन गुप्ता ने बताया कि देश की आजादी के लिए नगर के युवाओं में भी जनून था। नगर के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से सीधी टक्कर ली थी। उस समय महेशचंद्र गुप्ता की आयु करीब 17 वर्ष व महेश सरन गर्ग की आयु करीब 18 वर्ष रही होगी। दोनों ने अपने साथियों के साथ नौ अगस्त 1942 को रेलवे स्टेशन पर बनी अंग्रेजी हुकूमत की यूनियन जैक को फूंककर तिरंगा झंडा लहराया था। रेलवे स्टेशन व ट्रेन में तोड़फोड़ भी की थी।
आंदोलन के दौरान वे जेल भी गए। महेश चंद्र गुप्ता ने जेल में तिरंगा न मिलने पर अपने बनियान से तिरंगा तैयार कर अपने साथियों के साथ उसको सलामी दी थी। इन क्रांतिकारियों ने जेल में बनियान पर नीम के पत्ते पीसकर हरा रंग व गेरू से केसरिया रंग भरकर व सफेद बनियान की पट्टी से तिरंगा तैयार किया था। महेश चंद्र गुप्ता के पुत्र रंजन गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत आदि अनेक क्रांतिकारी चांदपुर आनंद भवन में आ चुके हैं। पंडित नेहरू चांदपुर आए तो कार्यालय पर आनंद भवन लिखा देख बहुत खुश हुए थे, क्योंकि उनका इलाहाबाद में भी आनंद भवन था। नगर के क्रांतिकारियों के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं।
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स्वतंत्रता सेनानी के परिवार को बांधा रक्षासूत्र
चांदपुर। शुक्रवार को नगरपालिका परिषद चांदपुर के स्टाफ के सलमा नूर हमीदी, रीना रानी, अंजुमन सुल्ताना, मोहम्मद वसीम, महबूब आलम, राहत अली, फैसल हुसैन, किरन चौधरी, आशीष चौधरी, शिखा रानी आदि ने स्वतंत्रता सेनानी महेश चंद गुुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनकी पत्नी माया गुप्ता सहित पूरे परिवार को रक्षा सूत्र बांधकर उनका सम्मान किया।
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चांदपुर। आजादी की जंग में चांदपुर के क्रांतिकारियों ने भी अपना जज्बा दिखाया था। देश की आजादी में नगर के महेशचंद्र गुप्ता, महेश सरन गर्ग आदि क्रांतिकारियों की मिसाल आज भी कायम है। जहां पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव को मना रहा है। महेशचंद्र गुप्ता और महेश सरन गर्ग ने रेलवे स्टेशन पर 1942 में तिरंगा झंडा फहरा दिया था।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्टेशन रोड पर महेशचंद्र गुप्ता के आवास पर आनंद भवन के नाम से क्रांतिकारियों का कार्यालय हुआ करता था। जहां से स्वतंत्रता संग्राम की रणनीति तैयार की जाती थी। क्रांतिकारी मोहम्मद हाफिज इब्राहिम, गोविंदशाह का कार्यालय पर आना जाना लगा रहता था। क्रांतिकारी महेश चंद्र गुप्ता की 87 वर्षीय पत्नी माया गुप्ता, पुत्र राजीव लोचन व रंजन गुप्ता ने बताया कि देश की आजादी के लिए नगर के युवाओं में भी जनून था। नगर के क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों से सीधी टक्कर ली थी। उस समय महेशचंद्र गुप्ता की आयु करीब 17 वर्ष व महेश सरन गर्ग की आयु करीब 18 वर्ष रही होगी। दोनों ने अपने साथियों के साथ नौ अगस्त 1942 को रेलवे स्टेशन पर बनी अंग्रेजी हुकूमत की यूनियन जैक को फूंककर तिरंगा झंडा लहराया था। रेलवे स्टेशन व ट्रेन में तोड़फोड़ भी की थी।
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आंदोलन के दौरान वे जेल भी गए। महेश चंद्र गुप्ता ने जेल में तिरंगा न मिलने पर अपने बनियान से तिरंगा तैयार कर अपने साथियों के साथ उसको सलामी दी थी। इन क्रांतिकारियों ने जेल में बनियान पर नीम के पत्ते पीसकर हरा रंग व गेरू से केसरिया रंग भरकर व सफेद बनियान की पट्टी से तिरंगा तैयार किया था। महेश चंद्र गुप्ता के पुत्र रंजन गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू, गोविंद बल्लभ पंत आदि अनेक क्रांतिकारी चांदपुर आनंद भवन में आ चुके हैं। पंडित नेहरू चांदपुर आए तो कार्यालय पर आनंद भवन लिखा देख बहुत खुश हुए थे, क्योंकि उनका इलाहाबाद में भी आनंद भवन था। नगर के क्रांतिकारियों के किस्से आज भी सुनाए जाते हैं।
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स्वतंत्रता सेनानी के परिवार को बांधा रक्षासूत्र
चांदपुर। शुक्रवार को नगरपालिका परिषद चांदपुर के स्टाफ के सलमा नूर हमीदी, रीना रानी, अंजुमन सुल्ताना, मोहम्मद वसीम, महबूब आलम, राहत अली, फैसल हुसैन, किरन चौधरी, आशीष चौधरी, शिखा रानी आदि ने स्वतंत्रता सेनानी महेश चंद गुुप्ता के आवास पर पहुंचकर उनकी पत्नी माया गुप्ता सहित पूरे परिवार को रक्षा सूत्र बांधकर उनका सम्मान किया।