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अवैध डीजल पंपों से मशीन उखड़ गईं, जमीन में दबे हैं टैंक
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बिजनौर के सिरधनी में अवैध पेट्रोल पंप से हटाई गई मशीन।
- फोटो : BIJNOR
अवैध डीजल पंपों से मशीन उखड़ गईं, जमीन में दबे हैं टैंक
बिजनौर। शहर से चंद किलोमीटर दूर सिरधनी में भी अवैध डीजल पंप संचालित किया जा रहा था। अब इस पंप की मशीन उखाड़कर तेल माफिया फरार हो गए हैं। दरअसल, इन अवैध पंपों पर मिलावटी डीजल बेचा जा रहा था। जिन जगहों से मशीन उखाड़ी गई हैं, वहां टैंक अभी तक जमीन में दबे हुए हैं।
चार दिन पहले अमर उजाला ने सिरधनी में अवैध डीजल पंप लगे होने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर ये हुआ कि तेल माफिया के पैर उखड़ने शुरू हो गए। सिरधनी में लगे पंप से मशीन रातोंरात उखाड़ ली गई। रविवार को पड़ताल की गई तो सामने आया कि सालों से चल रहे पंप की मशीन उखाड़ ली गई हैं। यह कब उखाड़ी गई ग्रामीणों को भी मालूम नहीं है। बता दें कि जिले भर में अवैध पंप संचालित किए जा रहे थे। इन पंपों पर मिलावटी डीजल बेचा गया।
दस लोगों पर हुई है एफआईआर
जिले के दूर दराज के इलाकों में अवैध पंप लगा दिए गए थे। पूर्ति विभाग ने छापा मारकर दस पंपों के संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कार्रवाई होती देख 18 पंपों की मशीन रातोंरात उखाड़ ली गईं। जिले में 27 से अधिक अवैध पंप होना बताया जा रहा था। सूत्रों की मानें तो भले ही इन पंपों की मशीन उखड़ गई हैं, लेकिन इनके टैंक जमीन में ही दबे हैं। इनके टैंक भी उखाड़े जाएं तो मिलावटी डीजल बरामद होगा। वहीं, दूर दराज के क्षेत्र में अभी भी अवैध पंप संचालित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि आपूर्ति विभाग की टीम अभी चुनिंदा स्थानों तक ही पहुंची है।
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जिले में अवैध पंपों को लेकर दस एफआईआर कराई जा चुकी हैं। सिरधनी में मालूम किया गया था कि वहां पंप किसने लगाया था, लेकिन ग्रामीण बताने को तैयार नहीं हैं। यह पंप दो तीन महीने पहले बंद हो गया था। गांव वालों से गोपनीय तरीके से भी पता कराया गया है - ध्रुव यादव, डीएसओ
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बिजनौर। शहर से चंद किलोमीटर दूर सिरधनी में भी अवैध डीजल पंप संचालित किया जा रहा था। अब इस पंप की मशीन उखाड़कर तेल माफिया फरार हो गए हैं। दरअसल, इन अवैध पंपों पर मिलावटी डीजल बेचा जा रहा था। जिन जगहों से मशीन उखाड़ी गई हैं, वहां टैंक अभी तक जमीन में दबे हुए हैं।
चार दिन पहले अमर उजाला ने सिरधनी में अवैध डीजल पंप लगे होने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका असर ये हुआ कि तेल माफिया के पैर उखड़ने शुरू हो गए। सिरधनी में लगे पंप से मशीन रातोंरात उखाड़ ली गई। रविवार को पड़ताल की गई तो सामने आया कि सालों से चल रहे पंप की मशीन उखाड़ ली गई हैं। यह कब उखाड़ी गई ग्रामीणों को भी मालूम नहीं है। बता दें कि जिले भर में अवैध पंप संचालित किए जा रहे थे। इन पंपों पर मिलावटी डीजल बेचा गया।
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दस लोगों पर हुई है एफआईआर
जिले के दूर दराज के इलाकों में अवैध पंप लगा दिए गए थे। पूर्ति विभाग ने छापा मारकर दस पंपों के संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कार्रवाई होती देख 18 पंपों की मशीन रातोंरात उखाड़ ली गईं। जिले में 27 से अधिक अवैध पंप होना बताया जा रहा था। सूत्रों की मानें तो भले ही इन पंपों की मशीन उखड़ गई हैं, लेकिन इनके टैंक जमीन में ही दबे हैं। इनके टैंक भी उखाड़े जाएं तो मिलावटी डीजल बरामद होगा। वहीं, दूर दराज के क्षेत्र में अभी भी अवैध पंप संचालित होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि आपूर्ति विभाग की टीम अभी चुनिंदा स्थानों तक ही पहुंची है।
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जिले में अवैध पंपों को लेकर दस एफआईआर कराई जा चुकी हैं। सिरधनी में मालूम किया गया था कि वहां पंप किसने लगाया था, लेकिन ग्रामीण बताने को तैयार नहीं हैं। यह पंप दो तीन महीने पहले बंद हो गया था। गांव वालों से गोपनीय तरीके से भी पता कराया गया है - ध्रुव यादव, डीएसओ