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बैंकों पर लटके ताले, किया प्रदर्शन
Tue, 08 Jan 2019 11:53 PM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:53 PM IST
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बिजनौर में प्रदर्शन करते ओरियंटल बैंक के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में पेंशन व दैनिक कर्मचारियों के नियमितिकरण की मांग के लिए सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैक ऑफ कॉमर्स की शाखाओं पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों ने एकत्र होकर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय व ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की हड़ताल से 50 करोड़ से ज्यादा का लेन देन प्रभावित हुआ।
ग्रामीण बैंकों की संयुक्त फोरम के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण की जिले की सभी 82 ब्रांच में ताले लटके रहे। इलाहाबाद बैंक व ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में क्लर्क ही हड़ताल पर रहे। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 25 अप्रैल 2018 तक बैंक में भर्ती सभी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी, लेकिन केंद्र सरकार अब 2010 तक ही भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन देने की बात कही है। केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों में पूंजी भी घटा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक शिवास को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान योगेंद्रपाल सिंह, हरेंद्र त्यागी, रवि पटेल, स्वतंत्रवीर सिंह, विनीत कुमार, जगदीश कुमार, राघवेंद्र अत्री, संजय शर्मा, हिमांशु चौहान, पुष्पेंद्र कुमार, अशोक सांगुड़ी, लोकेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह, सचिन, भूपेंद्र, सुभाष चंद, सूरज सिंह, सरोवर लाल आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित
नजीबाबाद में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और कर्मचारी संघों के आह्वान पर आयकर कार्यालय, बैंक यूनियनों, डाक विभाग और खंड कार्यालय के कर्मचारियों ने हड़ताल की। हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल से बैंक तथा अन्य कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
आयकर कार्यालय पर शाखा सचिव राजेश कुमार के निर्देशन में मंगलवार को सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। अंशुल भटनागर, विवेक गोयल, बबलू सिंह, विनोद कुमार, जितेंद्र सिंह, दिलावर सिंह, राकेश कुमार, गीता रानी, पूनम देवी, बीना झा ने कामकाज ठप रखकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोष व्यक्त किया। आयकर अधिकारी देवी दयाल, नेत्रपाल सिंह के समर्थन से कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फार्मूला में परिवर्तन करने, प्रमोशन देने, मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने, रिक्त पदों को भरने, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने, सामान कार्ड आवेदन किए जाने की मांग उठाईं। बैंक के एआईबीए मजदूर संगठन के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने मंगलवार को जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी बैंक कर्मचारी कई बैंक शाखाओं में पहुंचे और कर्मचारियों को हड़ताल के लिए मजबूर किया। भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में आम दिनों की तरह कामकाज जारी रहा। पंजाब नेशनल बैंक सहित जिन बैंकों में एआईबीए और एनसीबीई संगठन के कर्मचारी हैं उनमें कामकाज प्रभावित रहा।
खंड कार्यालय नजीबाबाद पर भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघ के आह्वान पर ब्लाक कर्मचारियों ने हड़ताल की। एडीओ पंचायत ऋषि कुमार के नेतृत्व में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों की अन्य मांगों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शन में ब्लॉक कार्यालय के साजिद अली, राजवीर सिंह, प्रकाश चंद प्रजापति, करण सिंह, नरेंद्र कुमार, सुशील कुमार, धनीराम, सुरेंद्र पाल, संतोष कुमार, दीपेंद्र, रामगोपाल, उदयवीर, सत्य प्रकाश, हरिओम, संजय कुमार, कुलवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं, डाक विभाग कर्मचारी भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। मुख्य डाकघर सहित पोस्ट मास्टर डालचंद, नईम अहमद, गौरव गुप्ता, रुद्र कुमार आदि कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
50 लाख का दवा कारोबार रहा प्रभावित
बिजनौर। उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स प्रतिनिधि एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर दवा प्रतिनिधियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। दवा प्रतिनिधियों ने पहले दिन शास्त्री चौक पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। इससे जिले भर में करीब 50 लाख का दवा कारोबार प्रभावित रहा।मंगलवार को एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दो दिवसीय हड़ताल शुरू हुई। दवा प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को और अधिक सरल किया जा रहा है। दवा प्रतिनिधियों ने दवाइयों को जीएसटी के दायरे से बाहर करने, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने, न्यूनतम वेतन कम से कम 18 हजार रुपये करने, कंपनी का सेल्स टारगेट पूरा न होने पर एमआर को नौकरी से न निकालने, काम के घंटे सुनिश्चित करने, एमआर को दवा कंपनियों द्वारा दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने आदि की मांग की गई।
एलआईसी कर्मियों ने किया प्रदर्शन
धामपुर में एलआईसी कर्मचारियों ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सरकार की ओर से गलत नीतियों के कारण सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर कर्मचारियों को सड़कों पर लाने का काम कर रही है, जिस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नौ जनवरी को भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने का एलान किया है। कर्मचारी एलआईसी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया को रोकने, पेंशन के विकल्प में एनपीएस को वापस करने, रिक्त स्थानों को भरने, वेतन का फिर से निर्धारण करने, निजीकरण बंद करने, ठेकेदारी प्रथा को बंद करने, किसानों को फसलों का लागत से 50 प्रतिशत मूल्य देकर निर्धारण करने की मांग की। हरिओम सैनी, राजवीर सिंह, हरीश कुमार शर्मा, मीना रावत, अनीता रानी, विवेक विश्नोई, राजीव शर्मा, महीपाल सिंह, पुष्पेंद्र कुमार रहे।
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ग्रामीण बैंकों की संयुक्त फोरम के आह्वान पर सर्व यूपी ग्रामीण की जिले की सभी 82 ब्रांच में ताले लटके रहे। इलाहाबाद बैंक व ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में क्लर्क ही हड़ताल पर रहे। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
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वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि 25 अप्रैल 2018 तक बैंक में भर्ती सभी कर्मचारियों को पेंशन दी जाएगी, लेकिन केंद्र सरकार अब 2010 तक ही भर्ती हुए कर्मचारियों को पेंशन देने की बात कही है। केंद्र सरकार ग्रामीण बैंकों में पूंजी भी घटा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक शिवास को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। इस दौरान योगेंद्रपाल सिंह, हरेंद्र त्यागी, रवि पटेल, स्वतंत्रवीर सिंह, विनीत कुमार, जगदीश कुमार, राघवेंद्र अत्री, संजय शर्मा, हिमांशु चौहान, पुष्पेंद्र कुमार, अशोक सांगुड़ी, लोकेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सौरभ गुप्ता, नरेश सिंह, सचिन, भूपेंद्र, सुभाष चंद, सूरज सिंह, सरोवर लाल आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित
नजीबाबाद में केंद्रीय ट्रेड यूनियन और कर्मचारी संघों के आह्वान पर आयकर कार्यालय, बैंक यूनियनों, डाक विभाग और खंड कार्यालय के कर्मचारियों ने हड़ताल की। हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल से बैंक तथा अन्य कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
आयकर कार्यालय पर शाखा सचिव राजेश कुमार के निर्देशन में मंगलवार को सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। अंशुल भटनागर, विवेक गोयल, बबलू सिंह, विनोद कुमार, जितेंद्र सिंह, दिलावर सिंह, राकेश कुमार, गीता रानी, पूनम देवी, बीना झा ने कामकाज ठप रखकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर रोष व्यक्त किया। आयकर अधिकारी देवी दयाल, नेत्रपाल सिंह के समर्थन से कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फार्मूला में परिवर्तन करने, प्रमोशन देने, मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने, रिक्त पदों को भरने, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने, सामान कार्ड आवेदन किए जाने की मांग उठाईं। बैंक के एआईबीए मजदूर संगठन के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने मंगलवार को जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी बैंक कर्मचारी कई बैंक शाखाओं में पहुंचे और कर्मचारियों को हड़ताल के लिए मजबूर किया। भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं में आम दिनों की तरह कामकाज जारी रहा। पंजाब नेशनल बैंक सहित जिन बैंकों में एआईबीए और एनसीबीई संगठन के कर्मचारी हैं उनमें कामकाज प्रभावित रहा।
खंड कार्यालय नजीबाबाद पर भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी संघ के आह्वान पर ब्लाक कर्मचारियों ने हड़ताल की। एडीओ पंचायत ऋषि कुमार के नेतृत्व में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों की अन्य मांगों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शन में ब्लॉक कार्यालय के साजिद अली, राजवीर सिंह, प्रकाश चंद प्रजापति, करण सिंह, नरेंद्र कुमार, सुशील कुमार, धनीराम, सुरेंद्र पाल, संतोष कुमार, दीपेंद्र, रामगोपाल, उदयवीर, सत्य प्रकाश, हरिओम, संजय कुमार, कुलवीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं, डाक विभाग कर्मचारी भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। मुख्य डाकघर सहित पोस्ट मास्टर डालचंद, नईम अहमद, गौरव गुप्ता, रुद्र कुमार आदि कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
50 लाख का दवा कारोबार रहा प्रभावित
बिजनौर। उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स प्रतिनिधि एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर दवा प्रतिनिधियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। दवा प्रतिनिधियों ने पहले दिन शास्त्री चौक पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। इससे जिले भर में करीब 50 लाख का दवा कारोबार प्रभावित रहा।मंगलवार को एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दो दिवसीय हड़ताल शुरू हुई। दवा प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को और अधिक सरल किया जा रहा है। दवा प्रतिनिधियों ने दवाइयों को जीएसटी के दायरे से बाहर करने, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने, न्यूनतम वेतन कम से कम 18 हजार रुपये करने, कंपनी का सेल्स टारगेट पूरा न होने पर एमआर को नौकरी से न निकालने, काम के घंटे सुनिश्चित करने, एमआर को दवा कंपनियों द्वारा दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने आदि की मांग की गई।
एलआईसी कर्मियों ने किया प्रदर्शन
धामपुर में एलआईसी कर्मचारियों ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि सरकार की ओर से गलत नीतियों के कारण सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर कर्मचारियों को सड़कों पर लाने का काम कर रही है, जिस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नौ जनवरी को भी कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने का एलान किया है। कर्मचारी एलआईसी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया को रोकने, पेंशन के विकल्प में एनपीएस को वापस करने, रिक्त स्थानों को भरने, वेतन का फिर से निर्धारण करने, निजीकरण बंद करने, ठेकेदारी प्रथा को बंद करने, किसानों को फसलों का लागत से 50 प्रतिशत मूल्य देकर निर्धारण करने की मांग की। हरिओम सैनी, राजवीर सिंह, हरीश कुमार शर्मा, मीना रावत, अनीता रानी, विवेक विश्नोई, राजीव शर्मा, महीपाल सिंह, पुष्पेंद्र कुमार रहे।