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Bijnor News: 17 हजार का कर्ज, एक लाख चुकाए, अभी 80 हजार बकाया
Fri, 11 Jul 2025 11:49 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:49 PM IST
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स्योहारा (बिजनोर)। माता-पिता की मौत के दर्द को झेलने वाली बेटी के कमजोर कंधों पर अब सूदखोर की कर्ज अदायगी का बोझ आ गया है। युवती के पिता ने एक किलो चांदी गिरवी रखकर 17 हजार रुपये का कर्ज लिया था। एक लाख रुपये से ज्यादा लौटाने के बावजूद साहूकार के खाते में आज भी अस्सी हजार रुपये से ज्यादा की रकम बकाया में दर्ज है। कर्जदार की मौत के बाद अब साहूकार उसकी बेटी से रकम का तकादा कर रहा है।
क्षेत्र के गांव सब्दलपुर निवासी व्यक्ति ने बड़ी बेटी की शादी के लिए 13 वर्ष पूर्व स्योहारा निवासी एक साहूकार के पास अपनी एक किलो चांदी के जेवरात गिरवी रखकर 17 हजार रुपये दस हजार रुपये वार्षिक ब्याज पर लिए थे। 12 वर्ष में व्यक्ति लगभग एक लाख रुपये से अधिक की रकम साहूकार को दे चुका है। चार वर्ष पूर्व व्यक्ति की पत्नी लंबी बीमारी के बाद चल बसी। उसके बाद वह खुद कैंसर की बीमारी से ग्रस्त हो गया। पुत्री अपने पिता को उपचार के लिए पिछले एक वर्ष से दिल्ली एम्स सहित कई अस्पताल में लिए घूमती रही। दो माह पूर्व कैंसर पीड़ित पिता की भी मौत हो गई। चार में से तीन बहनों की शादी हो चुकी है।
अब घर में एक अविवाहित पुत्री तथा उसका छोटा भाई है। पुत्री अपनी जीविका जैसे तैसे चला रही थी कि इसी बीच स्योहारा निवासी साहूकार ने उसके पिता पर अस्सी हजार रुपये से अधिक की रकम बकाया निकालकर अदायगी करने का फरमान सुना दिया। पुत्री का कहना है कि पिछले दस वर्षों से लगातार उसके पिता ने दिल्ली में मजदूरी कर हर साल ब्याज की रकम अदा की थी। वह मानती है कि दो वर्ष में मात्र पांच हजार ही ब्याज जमा कर सके हैं। साहूकार अपनी ब्याज की रकम का दबाव बना रहा है जबकि उनकी एक किलो चांदी भी उसके पास रखी हुई है।
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क्षेत्र के गांव सब्दलपुर निवासी व्यक्ति ने बड़ी बेटी की शादी के लिए 13 वर्ष पूर्व स्योहारा निवासी एक साहूकार के पास अपनी एक किलो चांदी के जेवरात गिरवी रखकर 17 हजार रुपये दस हजार रुपये वार्षिक ब्याज पर लिए थे। 12 वर्ष में व्यक्ति लगभग एक लाख रुपये से अधिक की रकम साहूकार को दे चुका है। चार वर्ष पूर्व व्यक्ति की पत्नी लंबी बीमारी के बाद चल बसी। उसके बाद वह खुद कैंसर की बीमारी से ग्रस्त हो गया। पुत्री अपने पिता को उपचार के लिए पिछले एक वर्ष से दिल्ली एम्स सहित कई अस्पताल में लिए घूमती रही। दो माह पूर्व कैंसर पीड़ित पिता की भी मौत हो गई। चार में से तीन बहनों की शादी हो चुकी है।
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अब घर में एक अविवाहित पुत्री तथा उसका छोटा भाई है। पुत्री अपनी जीविका जैसे तैसे चला रही थी कि इसी बीच स्योहारा निवासी साहूकार ने उसके पिता पर अस्सी हजार रुपये से अधिक की रकम बकाया निकालकर अदायगी करने का फरमान सुना दिया। पुत्री का कहना है कि पिछले दस वर्षों से लगातार उसके पिता ने दिल्ली में मजदूरी कर हर साल ब्याज की रकम अदा की थी। वह मानती है कि दो वर्ष में मात्र पांच हजार ही ब्याज जमा कर सके हैं। साहूकार अपनी ब्याज की रकम का दबाव बना रहा है जबकि उनकी एक किलो चांदी भी उसके पास रखी हुई है।
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