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हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस होंगे निरस्त
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हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस होंगे निरस्त
बिजनौर। जिले के हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। पुलिस ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि हिस्ट्रीशीटरों के लाइसेंसी शस्त्र किसी अपराध में इस्तेमाल हो सकते हैं। जिले भर की पुलिस ने जिले भर के हिस्ट्रीशीटरों के लाइसेंसी शस्त्र खंगालने शुरू कर दिए हैं। पता किया जा रहा है कि रिश्तेदारों के शस्त्रों का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हुआ। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है।
हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों कई बड़े लोग हैं और उनके नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। कानपुर के गांव बिकरू में कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था। जांच में यह बात सामने आई कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के तमाम रिश्तेेदारों के नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। इन शस्त्रों का ही बिकरू गांव की घटना में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। जिले में भी हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस को पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कई हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदार बड़े लोग हैं और उनके नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। इन शस्त्रों का हिस्ट्रीशीटर दुरुपयोग करके किसी भी आपराधिक घटना में इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि पहले की किसी घटना में रिश्तेदारों के शस्त्रों का हिस्ट्रीशीटरों ने इस्तेमाल तो नहीं किया है।
जिले में 2438 हिस्ट्रीशीटर हैं। कई हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के पास शस्त्रों के लाइसेंस हैं। ऐसे लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों की पुलिस सूची बनाने में जुटी है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस की निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हिस्ट्रीशीटरों के बड़े रिश्तेदारों के नाम शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस को शक है कि इन शस्त्रों का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल होना संभव है। पूर्व में तो इन शस्त्रों का गलत इस्तेमाल नहीं हुआ, इसका पता किया जा रहा है।
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बिजनौर। जिले के हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। पुलिस ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। पुलिस को अंदेशा है कि हिस्ट्रीशीटरों के लाइसेंसी शस्त्र किसी अपराध में इस्तेमाल हो सकते हैं। जिले भर की पुलिस ने जिले भर के हिस्ट्रीशीटरों के लाइसेंसी शस्त्र खंगालने शुरू कर दिए हैं। पता किया जा रहा है कि रिश्तेदारों के शस्त्रों का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हुआ। ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है।
हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों कई बड़े लोग हैं और उनके नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। कानपुर के गांव बिकरू में कुख्यात अपराधी विकास दुबे ने अपने गैंग के साथ एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था। जांच में यह बात सामने आई कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के तमाम रिश्तेेदारों के नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। इन शस्त्रों का ही बिकरू गांव की घटना में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद पुलिस हरकत में आ गई। जिले में भी हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस को पुलिस ने खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि कई हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदार बड़े लोग हैं और उनके नाम शस्त्रों के लाइसेंस हैं। इन शस्त्रों का हिस्ट्रीशीटर दुरुपयोग करके किसी भी आपराधिक घटना में इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि पहले की किसी घटना में रिश्तेदारों के शस्त्रों का हिस्ट्रीशीटरों ने इस्तेमाल तो नहीं किया है।
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जिले में 2438 हिस्ट्रीशीटर हैं। कई हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के पास शस्त्रों के लाइसेंस हैं। ऐसे लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों की पुलिस सूची बनाने में जुटी है। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक हिस्ट्रीशीटरों के रिश्तेदारों के शस्त्रों के लाइसेंस की निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हिस्ट्रीशीटरों के बड़े रिश्तेदारों के नाम शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस को शक है कि इन शस्त्रों का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल होना संभव है। पूर्व में तो इन शस्त्रों का गलत इस्तेमाल नहीं हुआ, इसका पता किया जा रहा है।
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