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कम आ रही रिकवरी, गन्ना आयुक्त ने बंद कराए क्रेशर

Thu, 14 Oct 2021 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 12:27 AM IST
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Less recovery coming, sugarcane commissioner closed the crushers
हल्दौर क्षेत्र मे बंद पावर कोल्हू। - फोटो : BIJNOR
कम आ रही रिकवरी, गन्ना आयुक्त ने बंद कराए क्रेशर
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बिजनौर। गन्ने में कम रिकवरी के बाद भी क्रेशरों पर हो रही गन्ना पेराई पर गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने रोक लगा दी है। गन्ना आयुक्त ने गन्ने से रिकवरी 8.90 प्रतिशत न आने तक क्रेशर बंद कराने को कहा है। उन्होंने कहा है कि कम रिकवरी से खांडसारी इकाइयों को तो नुकसान हो ही रहा है, चीनी मिलों की गन्ने की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि कोल्हुओं के संचालन पर कोई रोक नहीं लगाई है।
जिले में खांडसारी उद्योग कई साल बाद फिर से जोर पकड़ रहा है। इस साल भी 132 खांडसारी इकाई (क्रेशर) चलनी हैं। पांच क्रेशर शुरू भी हो चुके हैं। एक क्रेशर में एक दिन में एक हजार क्विंटल तक गन्ने की पेराई हो जाती है। इन पर गन्ने की पेराई तो हो रही है, लेकिन उससे रिकवरी अभी कम ही आ रही है। आमतौर पर एक क्विंटल गन्ने से 12 से 13 किलो तक गुड़ बन जाता है, लेकिन अभी गन्ना पूरी तरह पका नहीं है। बरसात का मौसम देर तक चलने की वजह से गन्ने में अभी पानी अधिक है और मीठापन कम। एक क्विंटल गन्ने से अभी सात से नौ किलो गुड़ ही बन रहा है। इससे कोल्हु मालिकों को भी नुकसान हो रहा है। बड़ी संख्या में अगर अभी से क्रेशर चलने लगेंगे तो नुकसान उठाकर उन्हें बीच में ही बंद करना पडे़गा। वे बाद में किसानों का गन्ना नहीं लेंगे। ऐसे में किसानों और क्रेशर संचालकों देनों को ही नुकसान होगा। इसे देखते हुए गन्ना आयुक्त ने क्रेशरों के संचालन पर रोक लगा दी है। जब तक गन्ने से रिकवरी 8.90 प्रतिशत से कम रहती है, क्रेशरों का संचालन नहीं होगा।
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पानी ज्यादा है और मिठास कम
गन्ने में दो तत्व ग्लूकोज और सुक्रोज होते हैं। ग्लूकोज पानी होता है और सुक्रोज उसकी मिठास। जब ज्यादा समय तक बारिश होती है तो पौधे धूप या जमीन से अपनी पूरी खुराक नहीं ले पाते हैं। तब वे सुक्रोज यानी मिठास को ही अपना आहार बनाते हैं। पिछले महीने भी काफी बारिश हुई है। पौधों द्वारा सुक्रोज को खुराक बनाने से रिकवरी बहुत प्रभावित हुई है। गन्ने में अभी मिठास कम है और पानी ज्यादा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना आयुक्त के निर्देश मिल गए हैं, उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिकवरी को दिखवाया जा रहा है।
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